Meta Users Drop: फेसबुक-इंस्टाग्राम से घटे दो करोड़ यूजर्स, जानें क्या है इसका कारण
लोगों को अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पहले जैसा मजा नहीं आ रहा है, इसके आंकड़े भी यही साबित कर रहे हैं। मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर दो करोड़ डेली एक्टिव यूजर्स की कमी आई है। यूजर्स काफी समय से शिकायत कर रहे थे कि उनके फीड पर दिखने वाला कंटेंट उनकी पसंद का नहीं है।
मेटा ने इस गिरावट के पीछे इंटरनेट पाबंदी और अन्य बाहरी कारणों का हवाला दिया है। साल 2026 की पहली तिमाही में मेटा को एक तरफ वृद्धि मिली, वहीं दूसरी तरफ यूजर्स की कमी ने चिंता बढ़ा दी है।
यूजर बेस में आई हल्की लेकिन बड़ी गिरावट
मेटा के ताजा वित्तीय नतीजों के मुताबिक, मार्च 2026 तक उसके प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और मैसेंजर) पर डेली एक्टिव पीपल की औसत संख्या 3.56 अरब रही।
हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 4 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन दिसंबर 2025 की तिमाही के मुकाबले इसमें कमी आई है। द वर्ज की रिपोर्ट कहती है कि इस गिरावट के कारण करीब दो करोड़ एक्टिव यूजर्स ने प्लेटफॉर्म से दूरी बना ली है। मेटा जैसे दिग्गज के लिए यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपे संकेत काफी गहरे हैं।
आखिर क्यों प्लेटफॉर्म छोड़ रहे हैं लोग?
मेटा ने आधिकारिक तौर पर इस गिरावट के पीछे ईरान में इंटरनेट बाधाओं और रूस में व्हाट्सएप पर लगी पाबंदियों को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, टेक जगत के जानकारों का मानना कुछ और ही है।
9टु5मैक की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फीड की क्वालिटी लगातार गिर रही है। यूजर्स को अब अपनी पसंद का और प्रासंगिक कंटेंट नहीं मिल पा रहा है। एल्गोरिदम द्वारा सुझाए गए पोस्ट उबाऊ होते जा रहे हैं, जिससे लोग अब इन एप्स पर पहले जैसा समय नहीं बिता रहे हैं।
इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम में बड़ा बदलाव होगा
यूजर्स की इस नाराजगी और घटते जुड़ाव को देखते हुए मेटा ने अब कमर कस ली है। कंपनी इंस्टाग्राम के रिकमेंडेशन एल्गोरिदम में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इसका मुख्य उद्देश्य फीड को फिर से उपयोगी और दिलचस्प बनाना है। मेटा चाहती है कि यूजर्स को वही दिखे जो वे देखना चाहते हैं, ताकि प्लेटफॉर्म पर उनका अनुभव बेहतर हो सके।
AI पर जोरदार खर्च करेगी कंपनी
अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने खर्च को बढ़ाने का फैसला किया है। मेटा इस साल एआई पर करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 94,947 करोड़ रुपए) अतिरिक्त खर्च करेगी। साफ है कि भविष्य में मेटा पूरी तरह से स्मार्ट रिकमेंडेशन और एआई के दम पर अपने खोए हुए यूजर्स को वापस लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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