Microsoft ने 60 हजार कर्मचारियों को दिया अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारतीय भी शामिल

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 27, 2026, 09:58 IST
माइक्रोसॉफ्ट में 60 हजार एम्प्लॉय को एग्जिट ऑफर दिया गया है। इससे पहले जुलाई 2026 को करीब चार हजार 800 एम्प्लॉय को नौकरी से निकाला गया था।
Software company Microsoft has offered approximately 60,000 employees the option to leave the company. This is part of the company’s voluntary separation plan under which eligible employees can choose to leave the company of their own accord.
सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है। इनमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के एम्प्लॉई शामिल हैं। 1 दिसंबर तक एलिजिबल एम्प्लॉई को फैसला करना होगा। यह कंपनी की वालंटियर सेपरेशन प्लान यानी स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना है। इसके तहत एलिजिबल एम्प्लॉई अपनी इच्छा से कंपनी छोड़ सकते हैं। कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी दी है।

हालांकि, कंपनी के सभी एम्प्लॉई इसके लिए एलिजिबल नहीं होंगे। कुछ विभागों को इस योजना से बाहर रखा गया है। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार एम्प्लॉई हैं। लेकिन इनमें से कितने लोगों को यह ऑफर मिलेगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।



खबरों के मुताबिक, इस ऑप्शन को जो भी एम्प्लॉई चुनेंगे, उन्हें कंपनी की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें आगे करियर बनाने और नई नौकरी तलाशने में भी सहायता मिल सकती है।



किन विभागों के एम्प्लॉई योजना में शामिल होंगे?

माइक्रोसॉफ्ट की यह योजना कंपनी के कई विभागों के कर्मचारियों पर लागू होगी। इनमें एआई एक्सपीरियंस, कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेस, एक्सबॉक्स और विंडो प्लस डिवाइस जैसे विभाग शामिल हैं। हालांकि डेटा सेंटर, सेल्स और मार्केटिंग में काम करने वाले कर्मचारियों को इस योजना से बाहर रखा गया है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि यह योजना सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसी नहीं होगी। इसका लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो तय शर्तों के अनुसार एलिजिबल होंगे।



कंपनी का दावा- कर्मचारियों को ज्यादा विकल्प देना मकसद

माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। कोलमैन के मुताबिक, इसका मकसद उन कर्मचारियों को ज्यादा विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर नौकरी करने या करियर में बदलाव करने के बारे में सोच रहे हैं।



उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव कंपनी के लिए नया है। माइक्रोसॉफ्ट इस पहल से सीखने की कोशिश करेगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में मदद दी जाती रहेगी। जहां ऐसा करना उचित होगा, वहां कर्मचारियों को दूसरे अवसर भी दिए जाएंगे।



नौकरी छोड़ने का विकल्प क्यों दिया गया?

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस योजना से कर्मचारियों को अपनी मर्जी से आगे का रास्ता चुनने में मदद मिलेगी। वे कंपनी में काम जारी रखने या बाहर नए अवसर तलाशने के बारे में फैसला कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी की संबंधित यूनिट्स को भी बदलती जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या तय करने में मदद मिलेगी।



इसका मतलब है कि कंपनी कर्मचारियों को जबरन नौकरी छोड़ने के बजाय एलिजिबल लोगों को स्वेच्छा से बाहर जाने का विकल्प दे रही है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए कंपनी की शर्तों के अनुसार एलिजिबल होना जरूरी है।



नौकरी छोड़ने पर कर्मचारियों को क्या मिलेगा?

कंपनी के मुताबिक, इस योजना के तहत मिलने वाला पैकेज उसकी सामान्य नौकरी छोड़ने की व्यवस्था जैसा होगा। इसमें कर्मचारियों को आर्थिक मदद और दूसरी सुविधाएं मिल सकती हैं।



  • एक महीने की मूल सैलरी: नौकरी के हर पूरे साल के बदले एक महीने का बेसिक वेतन शामिल होगा।
  • स्वास्थ्य बीमा: एलिजिबल कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी मिल सकती है।
  • करियर में मदद: नौकरी छोड़ने के बाद नई नौकरी तलाशने और करियर बदलने में सहायता दी जाएगी।

जुलाई में 4,800 कर्मचारियों की गई थी नौकरी

माइक्रोसॉफ्ट ने इसी साल जुलाई में करीब चार हजार 800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। उस समय कंपनी ने कहा था कि यह कदम AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च और वर्क इफिसियन्सी को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने कर्मचारियों के एक हिस्से को भी स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया था। यह ऑफर अमेरिकी वर्कफोर्स के करीब 7% यानी लगभग नौ हजार कर्मचारियों के लिए था।



CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विकल्प के लिए एलिजिबल कर्मचारियों में से करीब 30% ने वॉलंटरी रिटायरमेंट योजना को चुना था।



दुनिया भर से कंपनी कितने एम्प्लॉई हैं?

माइक्रोसॉफ्ट की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, जून के अंत में कंपनी में दुनिया भर में करीब दो लाख 23 हजार एम्प्लॉई थे। वहीं, 2025 के अंत में यह संख्या करीब दो लाख 28 हजार थी। कंपनी की नई योजना के तहत करीब 60 हजार एलिजिबल कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी एम्प्लॉई कंपनी छोड़ देंगे। यह फैसला एलिजिबल कर्मचारियों को अपनी इच्छा से करना है।



भारत में भी इस योजना को लेकर कर्मचारियों के लिए एलिजिबल और मिलने वाली सुविधाएं अहम होंगी। फिलहाल, देश में कंपनी के करीब 23 हजार एम्प्लॉई हैं।



FAQs



  1. माइक्रोसॉफ्ट के कितने कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है?
    करीब 60 हजार एलिजिबल कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है।
  2. माइक्रोसॉफ्ट की यह नौकरी छोड़ने की योजना किन देशों में लागू होगी?
    यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के एलिजिबल कर्मचारियों के लिए है।
  3. भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों की संख्या कितनी है?
    भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार कर्मचारी हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने इस योजना के लिए एलिजिबल होंगे।
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