लगातार बढ़ रही महंगाई, पेट्रोल-डीजल से लेकर दूध की थैली तक रोजमर्रा के सामान के बढ़े दाम
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब भारत के आम लोगों की रसोई और उनके बजट पर दिखने लगा है। सुबह की चाय से लेकर घर में चलने वाले एसी, पेंट और सोने के गहनों तक हर चीज महंगी हो गई है।
इससे कुछ दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।
मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए अब रोजमर्रा का खर्च चलाना भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कमी और ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से उनके पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
कई बड़ी कंपनियों ने सामान के दाम 2% से लेकर 14% तक बढ़ा दिए हैं। आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।
किस कंपनी ने कितना बढ़ाया दाम?
बाजार की बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है।
रोजमर्रा की जरूरी चीजें हुईं महंगी
घर की रसोई का बजट भी पूरी तरह बिगड़ चुका है। अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों ने ताजे दूध के थैली वाले दामों में दो रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है।
अमूल का कहना है कि पशुओं के चारे, दूध की पैकिंग वाली फिल्म और ट्रांसपोर्टेशन यानी ईंधन की लागत बढ़ने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब घर में बनने वाली सामान्य शाकाहारी और मांसाहारी थाली की लागत भी 2% तक बढ़ गई है।
एफएमसीजी सेक्टर पर बड़ा दबाव
हिंदुस्तान यूनिलीवर, मैरिको और डाबर जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। नहाने के साबुन, कपड़े धोने के सर्फ और पर्सनल केयर के सामानों पर 2% से लेकर 7% तक दाम बढ़ चुके हैं।
कंपनियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल की वजह से भारत में जो महंगाई पर थोड़ा कंट्रोल था, वह अब खत्म हो चुका है।
गर्मी के सीजन में एसी खरीदना हुआ सपना
गर्मी का पारा लगातार बढ़ रहा है, इस बार एसी खरीदना लोगों के पसीने छुड़ा रहा है। ब्लू स्टार के एमडी बी त्यागराजन ने बताया कि एनर्जी नियमों में बदलाव के कारण एसी की कीमतों में 5% की बढ़ोतरी हुई है।
जबकि कच्चे माल की बढ़ती लागत और डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव की वजह से 8% दाम अलग से बढ़े हैं।
इसके साथ ही टाटा ग्रुप की कंपनी वोल्टास ने भी साफ कर दिया है कि उन्होंने बढ़ी हुई कीमतों का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल दिया है।
एसी बनाने वाली कंपनियां युद्ध से पहले ही तांबे जैसी कमोडिटी की महंगाई से जूझ रही थीं। अब इस संकट ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी है।
सोना खरीदना भी हुआ मुश्किल
आप इस सीजन में अपने घर को पेंट कराने की सोच रहे हैं, तो आपको अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। पेंट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी एशियन पेंट्स ने दो बार में कुल 9% से लेकर 14% तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
दूसरी तरफ सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी यानी आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। पी एन गाडगिल एंड संस (सोने की कंपनी) के सीईओ अमित मोदक का कहना है कि आने वाले समय में सोने की बिक्री में गिरावट आ सकती है।
जब अचानक से नीतियां बदलती हैं और दाम बढ़ते हैं, तो लोग अपनी गैर-जरूरी खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल देते हैं। हवाई सफर के टिकट भी महंगे होने से आम आदमी की यात्राओं पर ब्रेक लग गया है।
एमपी में भी महंगाई की मार
वहीं मध्य प्रदेश के लोगों के लिए भी महंगाई एक बार फिर बड़ी मुसीबत बनकर आई है। राज्य में पेट्रोल डीजल के दाम (एमपी पेट्रोल डीजल रेट) बढ़ने के ठीक दो दिन बाद अब कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी (CNG) के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
शनिवार, 16 मई की रात से सीएनजी की कीमतों में तीन रुपए प्रति किलो तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। ये नए रेट 17मई से लागू भी हो चुके हैं।
भोपाल और ग्वालियर में सीएनजी
मध्य प्रदेश में सीएनजी की सप्लाई मुख्य रूप से तीन बड़ी गैस एजेंसियां करती हैं। अलग-अलग जिलों में इन कंपनियों के हिसाब से रेट बढ़े हैं।
- थिंक (Think Gas)
- गेल (GAIL)
- अवंतिका (Avantika Gas)
भोपाल और आसपास के जिलों का हाल
भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में थिंक कंपनी सीएनजी की सप्लाई संभालती है। यहां शनिवार रात को सीएनजी के दाम में तीन रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
इस बढ़ोतरी के बाद अब भोपाल में 1 किलो सीएनजी की कीमत 93.75 रुपए हो गई है। आपको बता दें कि पिछले दो महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब दाम बढ़े हैं।
इससे पहले भी करीब दो रुपए बढ़ाए गए थे, यानी कुल मिलाकर दो महीने में CNG gasपांच रुपए प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।
FAQ
- मिडिल ईस्ट के तनाव से भारत में चीजें क्यों महंगी हो रही हैं?
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) और ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं। इसके कारण भारत में माल ढुलाई (Transport) महंगी हो गई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कमी और डॉलर के मुकाबले रुपए के उतार-चढ़ाव की वजह से कंपनियों की लागत बढ़ गई है, जिसे वे कीमतों को बढ़ाकर ग्राहकों से वसूल रही हैं। - एसी के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
गर्मी के इस सीजन में ब्लू स्टार जैसी कंपनियों ने एसी के दाम में करीब 13% तक की बढ़ोतरी की है (जिसमें 5% एनर्जी नियमों के कारण और 8% कच्चे माल की वजह से बढ़े हैं)।
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