रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! दिवाली पर 78 दिन का मिलेगा बोनस; दिव्यांग पेंशन के नियम में बदलाव
रेलवे बोनस का हिसाब और पात्रता
आखिर इस रेलवे बोनस का हिसाब कैसे बनता है? यह दिवाली बोनस असल में प्रोडक्टिविटी आधारित बोनस है। इसे पीएलबी (Productivity Linked Bonus) कहा जाता है।
सरकार ने गणना के लिए ज्यादा से ज्याद मंथली सैलरी सात हजार रुपए तय किया है। इसे 12 और 78 से गुणा करके 365 से भाग दिया जाता है। इससे अधिकतम 17 हजार 951 रुपए मिलते हैं।
यह अधिकतम रकम है। असली बोनस पात्रता और लागू नियमों के मुताबिक अलग हो सकता है।
ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और स्टेशन मास्टर इसके दायरे में आएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, मकसद कर्मचारियों को मेहनत के लिए प्रोत्साहित करना है।
रेलवे ने 2025-26 में बनाया माल ढुलाई रिकॉर्ड
रेलवे के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एक हजार 670 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई। यह उस साल का रिकॉर्ड था। यानी करीब 167 करोड़ टन माल। इसी दौरान करीब 7.41 अरब यात्रियों ने सफर किया।
दिव्यांगता की एलिजिबिलिटी लिमिट घटकर 40%
खबरों के मुताबिक, अब दिव्यांग बच्चे को जन्म से ही योजना में शामिल किया जाएगा। न्यूनतम आयु (MINIMUM AGE) की सीमा नहीं होगी।
डिसेबिलिटी पेंशन के नियमों में दूसरा बदलाव पात्रता का है। बेंचमार्क डिसेबिलिटी की सीमा 80% से घटाकर 40% की गई है। यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के मुताबिक है। इस कानून में 40% या ज्यादा दिव्यांगता बेंचमार्क श्रेणी में आती है।
नियमों में एक प्रावधान भी है। क्वांटिटी बेस्ड कैटेगरी की योजनाओं से कम से कम 25% ज्यादा हो।
वहीं, 0 से 79 साल की उम्र में 375 रुपए हर महीने मिलेंगे। यह रोज के हिसाब से करीब 12 रुपए है। 80 साल या ज्यादा उम्र वालों को 625 रुपए हर महीने मिलेंगे।
दिव्यांग पेंशन के नए दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी होंगे। उनमें पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और रकम की जानकारी होगी। दिव्यांग पेंशन वाले मोदी कैबिनेट फैसले का असर इन्हीं से तय होगा।
इंदिरा गांधी नाम हटा, क्या बदला?
सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदला है। इसे एनएसएपी (National Social Assistance Programme) भी कहते हैं। नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना होगा। वहीं, दिव्यांग पेंशन योजना को प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कहा जाएगा। राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना अब प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कहलाएगी।
पांच साल में 53,428 करोड रुपए खर्च
कैबिनेट ने एनएसएपी को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी। इस दौरान 53 हजार 428 करोड़ रुपए खर्च होंगे। करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मदद मिलने का अनुमान है। यह सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है।
योजना की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। मकसद गरीब परिवारों को सामाजिक सहायता देना था। परिवार के मुख्य कमाने वाले की मौत पर पात्र परिवार को मदद मिलती है। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
आईडीबीआई बैंक पुनर्गठन क्या है
कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। केंद्रीय रेल मंत्री के मुताबिक, मकसद बैंक में नई पूंजी लाना है। वित्तीय सेवा क्षेत्र में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देना भी उद्देश्य है।
सरकार और एलआईसी की 34% हिस्सेदारी
एलआईसी (Life Insurance Corporation of India) भी इस फैसले का हिस्सा है। सरकार और एलआईसी मिलकर पुनर्गठित इकाई में 34% हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।
सरकार को उम्मीद है, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को नए मौके मिलेंगे। इन्हें एमएसएमई (Micro, Small and Medium Enterprises) कहा जाता है। नए इंटरप्रेन्योर और सेवा क्षेत्र को भी पूंजी जुटाने के अवसर मिलेंगे।
FAQs
- रेलवे बोनस का खुलासा पीएलबी (Productivity Linked Bonus) कैसे होता है?
रेलवे बोनस, जिसे पीएलबी कहा जाता है, कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी के आधार पर दिया जाता है। इसका हिसाब करने के लिए सरकार ने अधिकतम मासिक सैलरी 7000 रुपए तय की है, जिसे 12 से गुणा करके 78 से विभाजित कर 365 से भाग दिया जाता है। अधिकतम बोनस की राशि 17,951 रुपए है। - दिव्यांग पेंशन योजना में बदलाव क्या है?
दिव्यांग पेंशन योजना में अब न्यूनतम आयु की सीमा नहीं होगी, और दिव्यांग बच्चे को जन्म से ही योजना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटकर 40% कर दी गई है। - राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नया नाम क्या है और इसमें क्या बदलाव हुए हैं?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना रखा गया है। इसके तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा, और दिव्यांग पेंशन योजनाओं का नाम भी बदला गया है। संबंधित योजनाओं को अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, और प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कहा जाएगा।