किसने कल्पना की होगी कि पर्ची में मोहन यादव का नाम निकलेगा, अच्छे-अच्छे विश्लेषकों पर भारी पड़ रहे मोदी

Jitendra Shrivastava | Dec 11, 2023, 24:00 IST
किसने कल्पना की होगी कि पर्ची में मोहन यादव का नाम निकलेगा, अच्छे-अच्छे विश्लेषकों पर भारी पड़ रहे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन को पढ़ना नामुमकिन है। ये एक बार फिर साबित हो गया। मोदी राजनेताओं के लिए अबूझ पहेली बन चुके हैं।

BHOPAL. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन को पढ़ना नामुमकिन है। ये एक बार फिर साबित हो गया। मोदी राजनेताओं के लिए अबूझ पहेली बन चुके हैं। उनके फैसले बेहद गोपनीय और चौंकाने वाले रहते हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम ही ले लीजिये। किसने कल्पना की होगी कि पर्ची में मोहन यादव का नाम निकलेगा। मोदी अपनी योजनाओं, रणनीति को इतना गोपनीय कैसे रख पाते हैं। वे अच्छे-अच्छे विश्लेषकों पर भारी पड़ते हैं। मोहन यादव के नाम के बहाने जानते हैं मोदी के अबूझ फैसले।



मनोहर लाल खट्टर



2014 में सबसे पहले मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाकर राजनीति के हल्कों में मोदी और शाह की जोड़ी ने सबकों चौंका दिया था। जाट बाहुल राज्य हरियाणा में किसी को उम्मीद नहीं थी कि एक गैरजाट को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। साधारण से किसान परिवार से आने वाले खट्टर पंजाबी खत्री समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वह आरएसएस के प्रचारक रहे हैं।



देवेन्द्र फडणवीस



इस लिस्ट में अगला नाम आता है देवेन्द्र फडणवीस का। साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाकर सभी को चौंका दिया। दरअसल, देवेन्द्र फडणवीस को जब मुख्यमंत्री बनाया गया, उस समय केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी इस पद के लिए सबसे बड़े दावेदार थे। उस समय देवेन्द्र फडणवीस कम उम्र के होने के साथ साथ सरकार चलाने का भी नितिन गड़करी की तरह लंबा अनुभव नहीं रखते थे।



प्रमोद सावंत



गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में प्रमोद सावंत का नाम भी मोदी शाह की जोड़ी की ओर से लिया गया चौंकाने वाला फैसला था। मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा के मुख्यमंत्री की सीट खाली हो गई थी. बाद में प्रमोद सावंत को विधानसभा द्वारा चुना गया और बाद में उन्होंने 19 मार्च 2019 को गोवा के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।



पुष्कर सिंह धामी



उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी को चुनना मोदी शाह का एक बहुत ही चौंकाने भरा फैसला था, लेकिन जैसा कि माना जाता है कि यह जोड़ी सभी को चौंकाने में माहिर है, तो पुष्कर सिंह धामी को चुनकर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया। सबसे बड़ी बात 2022 के चुनावों में धामी अपनी सीट हार गए थे, लेकिन उन्हें फिर से मुख्यमंत्री चुना गया। वह राज्य के गठन के बाद से लगातार दूसरा कार्यकाल संभालने वाले राज्य के एकमात्र मुख्यमंत्री हैं।



भूपेंद्र पटेल



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी की ओर से भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाना सबसे चौंकाने वाला फैसला था। पटेल पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए और पहली ही बार में मुख्यमंत्री बना दिए गए। साल 2017 में पहली बार विधायक बने पटेल को सितंबर 2021 को विजय रूपाणी के गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।



विष्णुदेव साय



छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के रूप में विष्णुदेव साय की नियुक्ती भी मोदी शाह की जोड़ी का चौंकाने वाला फैसला था। किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि साय को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।



मोहन यादव



सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मोहन यादव की नियुक्ति भी चौंकाने वाली हलचल है। दरअसल, मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल सहित दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह चौहान का नाम भी शामिल था।



अन्य फैसले



राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च पद के लिए चयन भी बहुत ही चौंकाने वाला फैसला था मोदी शाह की जोड़ी का। जुलाई 2022 को राष्ट्रपति पद पर पहुंचने वालीं वह जनजातीय समुदाय से संबंधित पहली व्यक्ति हैं। उनका नाम भी अचानक से सामने आया था।



नोटबंदी



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सबसे चौंकाने वाला फैसला नोटबंदी का था। देश में नोटबंदी का ऐलान 8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अचानक रात 8 बजे उन्होंने देश को संबोधित किया और रात 12 बजे से 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद कर दिए गए। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।



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