मोहन भागवत का बड़ा बयान: राम मंदिर की तरह भारत का विश्वगुरु बनना भी तय

Sandeep Kumar | Apr 25, 2026, 16:45 IST
mohan bhagwat
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत का विश्वगुरु बनने का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का उदाहरण दिया और विश्वास जताया कि यह यात्रा अब रोकी नहीं जा सकती।

News in Short

  • मोहन भागवत ने भारत के विश्वगुरु बनने का विश्वास जताया।
  • श्रीराम मंदिर का उदाहरण देते हुए भारत के भविष्य पर बोले भागवत।
  • भागवत ने कहा, पश्चिमी विचारधारा को हटाकर भारत को अपनी संस्कृति से समझना होगा।
  • आत्मनिर्भरता और साहस से भारत को वैश्विक मार्गदर्शक बनना है।
  • भारत के विश्वगुरु बनने का सपना सामूहिक प्रयासों और अनुशासन से साकार होगा।

News in Detail

RSS के प्रमुख मोहन भागवत ने यह भरोसा जताया है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा। यह बात उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कही।



भागवत ने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर पहले संशय था, ठीक उसी प्रकार अब भारत का विश्वगुरु बनने का लक्ष्य भी अब सुनिश्चित है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के बारे में संदेह करने की आवश्यकता नहीं है।



भारत का भविष्य

भागवत ने राम मंदिर का उदाहरण दिया। पहले यह सवाल था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनेगा या नहीं। इसे असंभव समझा जाता था। अब वह मंदिर बन चुका है और खड़ा है। इसी तरह, भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान तय है। यह लक्ष्य अब किसी भी स्थिति में नहीं रुक सकता।



हमें विदेशी विचारधारा को हटाना होगा:भागवत

भागवत ने कहा कि भारत को समझने के लिए हमें इसे अपनी सभ्यता और संस्कृति के दृष्टिकोण से देखना होगा। पिछले 150 वर्षों में पश्चिमी देशों की सोच ने भारत को समझने में बाधा डाली है। उनके अनुसार, भारत को सही मायने में समझने के लिए हमें विदेशी विचारधारा को हटाना होगा।



आत्मनिर्भरता और साहस से बढ़ेगा भारत

भागवत ने भारतीय नागरिकों को साहस और आत्मनिर्भरता से जीवन जीने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, अगर हम अपने संकल्प के अनुसार कदम-दर-कदम आगे बढ़ें, तो भारत जल्द ही वैश्विक मार्गदर्शक बनेगा।



भागवत ने कहा कि जब भारत अपने संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा, तो कोई भी ताकत उसे अपने रास्ते से नहीं हटा सकेगी। अगर हम अपनी सभ्यता और संस्कृति को समझने और लागू करने में सफल होते हैं, तो भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा।



भारत के विश्वगुरु बनने का लक्ष्य

भारत का विश्वगुरु बनने का सपना निरंतर प्रयासों और सामूहिक अनुशासन के माध्यम से साकार होगा। भागवत ने विश्वास व्यक्त किया कि इस परिवर्तन को वर्तमान पीढ़ी में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग इस सपने को साकार करने में विश्वास रखें और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।



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