अब अपनी पसंद से कस्टमाइज कर सकेंगे कार-बाइक इंश्योरेंस, जबरन नहीं थोपे जाएंगे एक्स्ट्रा कवर

Harrison Masih | Nov 04, 2026, 13:13 IST
कार-बाइक इंश्योरेंस का बदल गया नियम! अब जबरन नहीं थोपे जाएंगे एक्स्ट्रा कवर, जानिए क्या है IRDAI का नया प्लान
Motor insurance rules are changing from December 15, 2026, giving vehicle owners the freedom to choose coverage as per their needs.
अगर आपके पास कार या बाइक है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। गाड़ी खरीदने के बाद उसका इंश्योरेंस करवाना भी जरूरी होता है। लेकिन कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि उनकी पॉलिसी में कौन-कौन सी सुविधाएं शामिल हैं। कुछ लोग ऐसे कवर के लिए भी पैसे देते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती।

वहीं, कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि उनकी पॉलिसी में यात्रियों की सुरक्षा शामिल है या नहीं। अब मोटर इंश्योरेंस को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इससे आम लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा चुनने की आजादी मिलेगी।



भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने मोटर इंश्योरेंस के लिए नया 4-लेयर सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 15 दिसंबर 2026 से लागू होगी। इसके तहत मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा। इनमें कुछ कवर अनिवार्य होंगे, जबकि बाकी कवर ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार चुन सकेंगे। यानी अब हर तरह का बीमा कवर एक साथ लेना जरूरी नहीं होगा। ग्राहक तय कर सकेंगे कि उन्हें कौन सी सुविधा चाहिए और किसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम देना है।



चार हिस्सों में बंटेगी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी

IRDAI के नए नियमों के अनुसार मोटर इंश्योरेंस में चार तरह के कवर होंगे। हर कवर का अपना अलग काम होगा। आइए जानते हैं कि इन चारों सेक्शन में क्या सुविधाएं मिलेंगी।



1. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना रहेगा जरूरी

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। अगर आपकी कार या बाइक से किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लगती है या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उससे जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी इस कवर के तहत आएगी।



इंश्योरेंस कवर के नए नियम

उदाहरण के लिए, अगर आपकी कार से किसी दूसरे वाहन को टक्कर लग जाती है और उसे नुकसान पहुंचता है, तो थर्ड पार्टी इंश्योरेंस काम आता है। इसलिए यह कवर हर वाहन मालिक के लिए जरूरी रहेगा। नए सिस्टम में भी इसकी अनिवार्यता बनी रहेगी।



IRDAI का नया नियम

2. यात्रियों के लिए मिलेगा अलग कवर

दूसरा सेक्शन यात्रियों की कानूनी देनदारी से जुड़ा होगा। यह कवर लेना अनिवार्य नहीं होगा। ग्राहक चाहें तो अतिरिक्त प्रीमियम देकर इसे अपनी पॉलिसी में शामिल कर सकते हैं।



इसमें कार में बैठने वाले यात्री, बाइक पर पीछे बैठने वाला व्यक्ति यानी पिलियन राइडर और वाहन मालिक के कर्मचारी शामिल होंगे।



इसका फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो अक्सर अपने परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करते हैं। वे अपनी जरूरत के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कवर चुन सकेंगे।



हालांकि, इस कवर में वाहन मालिक और उसके नजदीकी परिवार के सदस्य शामिल नहीं होंगे। इनमें माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चे शामिल हैं।



3. पर्सनल एक्सीडेंट कवर भी होगा शामिल

तीसरा सेक्शन पर्सनल एक्सीडेंट कवर (Personal Accident Cover) का होगा। इसमें वाहन के मालिक यानी Owner-Insured के लिए यह कवर अनिवार्य रहेगा।



वहीं, यात्रियों, बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति और वाहन मालिक के अलावा किसी दूसरे ड्राइवर के लिए यह कवर वैकल्पिक होगा। ग्राहक चाहें तो अतिरिक्त प्रीमियम देकर इन लोगों को भी इसमें शामिल कर सकेंगे।



इस तरह वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार दुर्घटना से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा चुन सकेंगे।



4. अपनी गाड़ी के नुकसान के लिए ओन डैमेज कवर

चौथा सेक्शन ओन डैमेज कवर (Own Damage Cover) का होगा। यह अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान से सुरक्षा देता है।



उदाहरण के लिए, अगर आपकी कार का एक्सीडेंट हो जाता है या उसमें आग लग जाती है, तो पॉलिसी में शामिल जोखिमों और शर्तों के अनुसार इस कवर से नुकसान की भरपाई हो सकती है।



यह कवर भी वैकल्पिक रहेगा। ग्राहक चाहें तो इसे अपनी पॉलिसी में शामिल करवा सकते हैं।



हर कवर का प्रीमियम अलग-अलग बताना होगा

नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों को ग्राहकों को पूरी जानकारी देनी होगी। कंपनियों को पॉलिसी में हर सेक्शन के सामने मिलने वाले कवर और उसके लिए लिए जाने वाले प्रीमियम का अलग-अलग ब्योरा देना होगा।



इससे ग्राहकों को पता चलेगा कि किस सुविधा के लिए कितना पैसा खर्च हो रहा है। वे अपनी जरूरत के अनुसार कवर चुन सकेंगे। इससे पॉलिसी को समझना भी आसान होगा।



पॉलिसी लेते समय भरना होगा Customer Option Form

नए सिस्टम में बीमा कंपनियों को पॉलिसी खरीदते समय Customer Option Form देना अनिवार्य होगा। इस फॉर्म में ग्राहक अपनी पसंद के कवर पर टिक कर सकेंगे।



यानी ग्राहक साफ बता सकेंगे कि उन्हें कौन-कौन सी अतिरिक्त सुविधाएं चाहिए। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकेगी। इससे डिजिटल तरीके से पॉलिसी खरीदने वाले और एजेंट के जरिए बीमा करवाने वाले दोनों तरह के ग्राहकों को सुविधा मिलेगी।



आम लोगों को क्या होगा फायदा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार मोटर इंश्योरेंस चुनने का विकल्प मिलेगा। उन्हें हर अतिरिक्त कवर एक साथ लेने की मजबूरी नहीं होगी। साथ ही, अलग-अलग प्रीमियम की जानकारी मिलने से वे सोच-समझकर फैसला कर सकेंगे।



कुल मिलाकर, 15 दिसंबर 2026 से लागू होने वाला यह 4-लेयर सिस्टम मोटर इंश्योरेंस खरीदने के तरीके को बदल देगा। इससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और पॉलिसी में मिलने वाली सुविधाओं को समझना पहले से आसान होगा।



  1. मोटर इंश्योरेंस के नए 4-लेयर सिस्टम का क्या मतलब है?
    मोटर इंश्योरेंस का नया 4-लेयर सिस्टम ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा चुनने की आजादी देता है। इसमें चार अलग-अलग कवर होंगे, जिनमें से कुछ अनिवार्य होंगे और बाकी ग्राहक अपनी पसंद से चुन सकेंगे।
  2. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का क्या महत्व है?
    थर्ड पार्टी इंश्योरेंस मोटर इंश्योरेंस का अनिवार्य हिस्सा है, जो किसी अन्य व्यक्ति को होने वाली चोट या संपत्ति के नुकसान की कानूनी जिम्मेदारी को कवर करता है। यह हर वाहन मालिक के लिए आवश्यक रहेगा।
  3. मोटर इंश्योरेंस के नए नियम कब से लागू होंगे?
    IRDAI का नया 4-लेयर मोटर इंश्योरेंस सिस्टम 15 दिसंबर 2026 से लागू होगा। इसके बाद निजी कार और दोपहिया वाहनों की पॉलिसी नए नियमों के अनुसार जारी की जाएगी।
Tags:
  • मोटर इंश्योरेंस
  • Motor Insurance New Rules
  • मोटर इंश्योरेंस नया नियम
  • IRDAI
  • कार-बाइक इंश्योरेंस
  • इंश्योरेंस के नए नियम