MP-CG-राजस्थान में मौसम का यू-टर्न:कहीं झमाझम बारिश, कहीं बढ़ी ठंड; जानें अपने जिले का हाल
MP में तूफान अर्नब कमजोर, फिर भी बारिश का असर
मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज ने लोगों को हैरान कर दिया है। कहीं बारिश और तेज हवाओं से ठंडक बढ़ गई है, तो कहीं धूप निकलने के आसार हैं। तूफान अर्नब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। शनिवार को भी ग्वालियर, जबलपुर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं, भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में धूप खिली रहेगी।
इन 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को प्रदेश के 27 जिलों में बारिश का Alert जारी किया है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, खंडवा, खरगोन समेत प्रदेश के 28 जिलों में धूप निकलने की संभावना है।
2 नवंबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, तूफान 'अर्नब' कमजोर होकर Low Pressure Area में बदल गया है। इसके बावजूद प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। कहीं तेज धूप निकलेगी, तो कहीं आंधी के साथ बारिश होगी। मौसम प्रणाली का ज्यादा असर प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में रहेगा।
38 जिलों में बरसे बादल, अनूपपुर में 3 इंच से ज्यादा बारिश
शुक्रवार को प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर अनूपपुर में देखने को मिला। यहां तीन इंच से ज्यादा पानी बरसा। अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
अनूपपुर में बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।
खेतों से मंडियों तक नुकसान, हजारों क्विंटल मक्का भीगा
बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। जिन इलाकों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है, वहां नुकसान हुआ है। मंडियों में बिक्री के लिए लाया गया अनाज भी बारिश में भीग रहा है।
पांढुर्णा में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां हजारों क्विंटल मक्का बारिश के कारण खराब हो चुका है।
बारिश से गिरा पारा, दिन में भी महसूस हुई ठंडक
लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर Temperature पर भी पड़ा है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी प्रदेश में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
इससे दिन में भी ठंडक महसूस हुई। कई शहरों में रात का तापमान भी नीचे आया है। मौसम के बदले मिजाज के कारण प्रदेश में फिलहाल कहीं बारिश तो कहीं धूप का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
राजस्थान में तूफान अर्नब से बढ़ी ठंड, 8 डिग्री तक लुढ़का पारा
राजस्थान में नवंबर की शुरुआत से पहले ही सर्दी ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। तूफान 'अर्नब' के असर से हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम बदल दिया है। शुक्रवार को कई शहरों में दिन का तापमान 8 डिग्री तक गिर गया। जयपुर, अजमेर और कोटा समेत कई इलाकों में दिन में भी लोगों को ठंड महसूस हुई। हालांकि, अब राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार से प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप निकलने की संभावना है।
पांच संभागों में बारिश, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
शुक्रवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। इसके साथ चली सर्द हवाओं से ठंडक और बढ़ गई।
शाम होते-होते कई जगह बादल छंटने लगे और हवाओं की रफ्तार भी कम हो गई। इससे लोगों को कुछ राहत मिली।
35 डिग्री से नीचे रहा पूरे प्रदेश का पारा
बारिश और ठंडी हवाओं का असर दिन के Temperature पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को राजस्थान के सभी शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
सबसे ज्यादा तापमान बाड़मेर में 34.7 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में 33.3, पाली में 32.4, फलोदी में 32.2, जोधपुर में 30.9, चूरू में 30.4 और गंगानगर में 30.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
जयपुर-अजमेर में दिनभर सर्दी, कोटा में 7 डिग्री गिरा तापमान
जयपुर: शुक्रवार दोपहर तक हल्की बारिश हुई। इसके बाद शाम तक बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलते अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले तीन से चार दिन शहर में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।
अलवर: सुबह 5 बजे शुरू हुआ बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला दोपहर करीब 2 बजे तक चला। दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री रहा। शाम को मौसम साफ होने के बावजूद ठंडक बनी रही।
अजमेर: सुबह से ही सर्द हवाएं चलती रहीं। धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। यहां अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री और न्यूनतम 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कोटा: दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं। दोपहर में नए कोटा इलाके में हल्की बारिश भी हुई। अधिकतम तापमान करीब 7 डिग्री गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री रहा।
जोधपुर: शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान था और बारिश भी हुई। अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था।
नवंबर की शुरुआत में साफ रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के Forecast के अनुसार, शनिवार को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर में कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं।
पश्चिमी राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं, 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने का अनुमान है।
धूप निकलने से दिन में सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद है। यानी बारिश और सर्द हवाओं के बाद राजस्थान में नवंबर की शुरुआत साफ मौसम के साथ होगी।
मैं तापमान गिरावट का संदर्भ साफ करूंमैं मौसम पूर्वानुमान की तारीखें स्पष्ट करूं
छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी, कुसमी में 28 सेंटीमीटर पानी बरसा
छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के आखिरी दिन भी बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। प्रदेश में कहीं हल्की फुहारें पड़ रही हैं, तो कहीं तेज बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। बलरामपुर के कुसमी में 28 सेंटीमीटर पानी बरसा है। वहीं, शनिवार 31 अक्टूबर को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण मौसम बदला हुआ है।
कुसमी में सबसे ज्यादा बारिश, कई इलाकों में जमकर बरसे बादल
प्रदेश के उत्तरी हिस्से में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा 28 सेंटीमीटर बारिश बलरामपुर जिले के कुसमी में हुई।
इसके अलावा चांदो और सामरी में 14-14 सेंटीमीटर, जबकि कुनकुरी में 12 सेंटीमीटर पानी बरसा। तमनार और रामानुजगंज में 9-9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं, कांसाबेल, सन्ना और रायगढ़ में 8-8 सेंटीमीटर बारिश हुई। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
तीन वेदर सिस्टम सक्रिय, इसलिए बदल रहा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय तीन Weather Systems सक्रिय हैं। इनके असर से प्रदेश में बादल छाने और बारिश का सिलसिला जारी है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती घेरा करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।
दूसरा कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण अंडमान सागर और उससे लगे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर सक्रिय है। इसका चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक बना हुआ है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश तक एक मौसमी द्रोणिका बनी है। इन तीनों सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
रायपुर में आज बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में शनिवार 31 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में एक-दो बार हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के Forecast के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
FAQ's
- तूफान अर्नब का मध्य प्रदेश में क्या प्रभाव पड़ा है?
तूफान अर्नब कमजोर हो चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है और कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। - एमपी के कौन-कौन से जिले बारिश की चपेट में हैं?
मौसम केंद्र भोपाल ने 27 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें ग्वालियर, जबलपुर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, और अन्य जिले शामिल हैं। - राजस्थान में नवंबर के पहले सप्ताह का मौसम कैसा रहेगा?
राजस्थान में नवंबर की शुरुआत के साथ मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है, जिससे दिन में ठंडक से राहत मिलने की उम्मीद है।