मुंबई के बाद अब मुंबई 3.0 की बारी, 124 गांवों को मिलाकर बनेगा नया शहर

Aman Vaishnav | Aug 09, 2026, 14:24 IST
मुंबई 3.0
मुंबई पर आबादी और ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए रायगढ़ में मुंबई 3.0 नाम से नया शहर बसाया जा रहा है। इसे कर्नाला-साई-चिरनेर न्यू टाउन के नाम से भी जाना जाएगा, जो करीब 323.44 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मुंबई पर बढ़ती आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
  • इसी वजह से अब मुंबई 3.0 बसाने की तैयारी शुरू हुई है।
  • रायगढ़ जिले में करीब 323.44 वर्ग किलोमीटर में यह नया शहर बनेगा।
  • इसका मास्टर प्लान सिंगापुर की कंपनी सुरबाना जुरोंग तैयार करेगी।
  • नए शहर में कमर्शियल जोन, आईटी सेंटर और अस्पताल जैसी सुविधाएं होंगी।

बता दें कि मुंबई और नवी मुंबई के बीच जगह की कमी अब साफ महसूस होने लगी है। इसी समस्या का हल निकालने के लिए फडणवीस सरकार ने मुंबई 3.0 प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है।



इसका मकसद एक नया आर्थिक केंद्र खड़ा करना है, जो मुंबई पर पड़ने वाले दबाव को कम करे।



मुंबई 3.0 क्या है

मुंबई 3.0 को कर्नाला-साई-चिरनेर यानी केएससी (KSC – Karnala-Sai-Chirner) न्यू टाउन के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रोजेक्ट रायगढ़ जिले के उरण, पनवेल और पेण तालुका में फैला होगा। इन तीनों तालुका के कुल 124 गांवों को मिलाकर नया शहरी क्षेत्र बनाया जाएगा।



इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी एमएमआरडीए यानी MMRDA को दी गई है। एमएमआरडीए ने अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।



साथ ही पूरे इलाके का विजन डॉक्यूमेंट और मास्टर प्लान बनाने का काम सिंगापुर की कंपनी सुरबाना जुरोंग को सौंपा गया है।



कहां बनेगा नया शहर

नए शहर की सबसे बड़ी खासियत उसकी लोकेशन है। यह इलाका अटल सेतु यानी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के बेहद करीब है। इसके अलावा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी यहां से नजदीक ही है।



इस वजह से मुंबई 3.0 को शुरुआत से ही बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। नए शहर को व्यापार और परिवहन, दोनों के लिहाज से मजबूत माना जा रहा है। यही कारण है कि सरकार इसे मुंबई और नवी मुंबई के बीच नया आर्थिक केंद्र बनाना चाहती है।



कनेक्टिविटी का फायदा

इस नए शहर को मेट्रो, लोकल ट्रेन, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसका मतलब है कि यहां आना-जाना काफी आसान रहेगा। रोजाना सफर करने वालों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकता है।



सरकार की योजना इस क्षेत्र में बड़े कमर्शियल जोन और लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने की है। इसके अलावा यहां आईटी सेंटर और अस्पताल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे इलाके में रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।



मुआवजे के विकल्प

प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों और मकान मालिकों को कई विकल्प दिए जा रहे हैं। लोग चाहें तो सीधा नकद मुआवजा ले सकते हैं। या फिर एफएसआई (FSI – Floor Space Index) और टीडीआर (TDR – Transferable Development Rights) का विकल्प भी चुन सकते हैं।



इसके अलावा लैंड पूलिंग का रास्ता भी रखा गया है। इस व्यवस्था के तहत विकसित की गई नई जमीन का एक हिस्सा मूल मालिकों को वापस दिया जाएगा। इस तरह किसानों को सीधे नुकसान की बजाय भविष्य में फायदा मिलने की उम्मीद रहेगी।



भविष्य की तैयारी

मुंबई और नवी मुंबई में जगह की कमी अब साफ नजर आने लगी है। ऐसे में मुंबई 3.0 को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला होगा।



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