कलमा पढ़ो... मुंबई में पहलगाम जैसा मामला! धर्म पूछकर गार्ड्स को चाकुओं से गोदा
मुंबई के मीरा रोड से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले की याद ताजा कर देती है। पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी।
ठीक उसी तरह, मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक युवक ने दो सिक्योरिटी गार्ड से उनका धर्म पूछा और फिर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आरोपी ने न सिर्फ हमला किया, बल्कि इसे अपनी कट्टरपंथी विचारधारा को लागू करने का पहला कदम भी बताया।
फिलहाल आरोपी की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबेर अंसारी के रूप में हुई है। यह हमला सोमवार 27 अप्रैल का है।
धर्म पूछा फिर मारा चाकू
घटना उस समय घटी जब दो सिक्योरिटी गार्ड्स, राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन, एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास ड्यूटी पर तैनात थे। आरोपी पहले इलाके में आया और मस्जिद का रास्ता पूछा।
कुछ समय बाद वह फिर से लौटा और एक गार्ड से धर्म पूछा। इसके बाद अचानक ही उस पर चाकू से हमला कर दिया।
आरोपी ने दूसरे गार्ड को भी नहीं छोड़ा। उसने उसे कलमा पढ़ने को कहा, लेकिन गार्ड ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद उस पर भी हमला कर दिया। घटना के बाद दोनों घायल गार्डों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी और ATS की जांच
आरोपी को लगभग डेढ़ घंटे के भीतर ही पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर पहचान लिया और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को ठाणे की अदालत में पेश किया, जहां उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने आरोपी के घर से ISIS से संबंधित कुछ नोट्स, लैपटॉप, और कुरान की तीन कॉपियां बरामद की हैं। ATS के अनुसार आरोपी ने इस हमले को अपने कट्टरपंथी विचारों को लागू करने की दिशा में पहला कदम माना था।
अमेरिका रिटर्न... साइंस ग्रेजुएट है आरोपी
आरोपी, जैब जुबेर अंसारी, एक साइंस ग्रेजुएट है। वह 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहा था। हालांकि अमेरिका में नौकरी नहीं मिलने के बाद वह 2020 में भारत वापस लौट आया था।
जानकारी के अनुसार 2022 से मीरा रोड स्थित स्मिता रीजेंसी बिल्डिंग में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग दे रहा था। ATS के अनुसार वह एक प्रकार के लोन वुल्फ आतंकवादी हमला करने की योजना बना रहा था। यानी बिना किसी संगठन के मदद से अकेले अपने ही विचारों के तहत उसने हमला किया।
ISIS से जुड़ी संलिप्तता
जांच एजेंसियां आरोपी के घर से मिले नोट्स, किताबें और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं। इन नोट्स में आरोपी ने ISIS में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
यह हमला उसकी योजना का पहला कदम था। ATS के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से कट्टरपंथी विचारों को अपनाया था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को आत्म-उग्रवादीकरण का उदाहरण बताया है। CM ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कट्टरपंथी बन चुका था और वह हिंदुओं पर हमला करने की योजना बना रहा था।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बेहद खौफ़नाक आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने बाइसरन घाटी में पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे 26 बेगुनाह पर्यटक अपनी जान गंवा बैठे, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग शामिल थे।
इसके अलावा, एक पोनी चालक की भी मौत हुई। हमलावरों ने इन लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें 'काफिर' मानते हुए निशाना बनाया। यह घटना पहलगाम जैसे शांतिपूर्ण पर्यटन स्थल पर हुई, जो पर्यटकों के लिए हमेशा एक सुरक्षित और खूबसूरत जगह रही है।
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