प्याज ने रुलाया, तेल ने बढ़ाया खर्च, चीनी-टमाटर के भाव भी पहुंचे आसमान पर
समझें क्या है पूरा मामला...
- बारिश के सीजन और सप्लाई कम होने से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो रही हैं।
- सरसों तेल, प्याज और चीनी के दामतेजी से बढ़े हैं।
- कारोबारियों के मुताबिक नई फसल आने में अभी कई महीने बाकी हैं।
- इससे आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं।
- हालांकि टमाटर और नींबू को छोड़कर बाकी सब्जियां अभी आम बजट में हैं।
सरसों तेल हुआ महंगा
तेल कारोबारी अनिल पंजवानी बताते हैं कि सरसों तेल की मांग करीब 30% बढ़ी है। लोगों ने सोयाबीन और मूंगफली तेल का इस्तेमाल कम कर दिया है। इसी वजह से सरसों तेल की खपत बढ़ गई है।
मंडियों में नई सरसों की आवक अभी शुरू नहीं हुई है। मांग ज्यादा है लेकिन सप्लाई कम है। इस असंतुलन के चलते दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं।
प्रशासनिक रिपोर्ट में सरसों तेल का भाव 181 रुपए प्रति किलो दर्ज है। वहीं थोक बाजार में यह 168 से 170 रुपए किलो बिक रहा है। कारोबारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में भाव 10 रुपए और बढ़ सकते हैं। इससे खुदरा बाजार में कीमत 200 रुपए किलो तक पहुंच सकती है।
प्याज के दाम लगभग दोगुने
अगस्त की शुरुआत में प्याज 22 रुपए किलो बिक रहा था। अब थोक भाव 40 रुपए और खुदरा भाव 50 से 55 रुपए किलो तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी एक महीने के भीतर हुई है।
सब्जी विक्रेता कप्तान सिंह के मुताबिक बारिश के कारण मंडियों में प्याज की आवक बहुत कम हो गई है। मांग पहले जैसी ही बनी हुई है। इसी वजह से दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
राहत की उम्मीद नवंबर के बाद ही है। तभी नई प्याज की आवक मंडियों में शुरू होगी। इसके अलावा बाजार में इन दिनों नींबू के दाम भी चढ़े हुए हैं।
सरकारी रिपोर्ट और बाजार भाव में अंतर
दिलचस्प बात यह है कि दो दिन पहले सरकारी रिपोर्ट में प्याज का भाव सिर्फ 30 रुपए किलो दर्ज था। जबकि बाजार में असल भाव इससे कहीं ज्यादा है।
जिला प्रशासन द्वारा ऑनलाइन जारी होने वाली 23 घरेलू वस्तुओं की रिपोर्ट और असली बाजार दरों में यह अंतर लगातार देखने को मिल रहा है।
इसकी वजह यह बताई जा रही है कि रिपोर्ट अलग-अलग बाजारों का औसत भाव निकालकर तैयार की जाती है। इससे असली खुदरा कीमत का सही अंदाजा नहीं मिल पाता।
शक्कर के दाम भी बढ़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शक्कर अगस्त के पहले हफ्ते में 45 रुपए किलो थी। महीने के अंत तक यह बढ़कर 65 रुपए किलो तक पहुंच गई।
दाल बाजार के थोक कारोबारी मनीष बांदिल बताते हैं कि थोक बाजार में चीनी 53 से 54 रुपए किलो के आसपास बिक रही है। फुटकर विक्रेता दारा सिंह के अनुसार खुदरा दुकानों पर यह 60 से 65 रुपए किलो में बिक रही है।
शक्कर की कीमतों पर सरकार पूरी तरह नजर रखे हुए है। इसलिए आगे बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है। उम्मीद है कि दिवाली तक दाम इसी स्तर पर बने रहेंगे।
आम उपभोक्ता पर असर
तेल, प्याज (प्याज के बढ़े दाम) और शक्कर तीनों ही हर घर की रसोई का हिस्सा हैं। इनके दाम बढ़ने से आम आदमी का मासिक बजट सीधे प्रभावित हो रहा है। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका असर ज्यादा है।
राहत की बात यह है कि टमाटर और नींबू को छोड़कर बाकी हरी सब्जियां अभी सामान्य दामों पर मिल रही हैं। ऐसे में सब्जियों के जरिए बजट संतुलित किया जा सकता है।
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