नहीं रहे बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर, कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत, 45 मिनट तक दिया था CPR
नाना पाटेकर के बारे में
बता दें कि नाना पाटेकर बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर थे। उन्होंने 1978 में फिल्म गमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। नाना हिंदी और मराठी सिनेमा के बड़े कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने कई यादगार फिल्मों में शानदार किरदार निभाए थे।
परिंदा, प्रहार, अंगार और क्रांतिवीर उनकी चर्चित फिल्में थी। इसके अलावा तिरंगा, खामोशी और अब तक छप्पन भी काफी पसंद की गईं। इन फिल्मों के जरिए नाना ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
फिटनेस को लेकर चर्चा में थे नाना पाटेकर
हाल ही में नाना पाटेकर अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में आए थे। उनका एक फिटनेस वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। यह वीडियो फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर ने शेयर किया था।
वीडियो में नाना लगातार 15 ट्राइसेप डिप्स करते नजर आए थे। उन्होंने बिना रुके पूरे एक्सरसाइज सेट को पूरा किया। एक्सरसाइज खत्म करने के बाद उनके चेहरे पर मुस्कान भी नजर आई।
इन फिल्मों में भी नजर आए नाना
फिल्मों की बात करें तो नाना हाउसफुल 5 में नजर आए थे।इस फिल्म में अक्षय कुमार और अभिषेक बच्चन भी थे।फिल्म में रितेश देशमुख समेत कई दूसरे कलाकार भी शामिल थे।
इसके अलावा नाना विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ'रोमियो में भी दिखे।इस फिल्म में उन्होंने एक पुलिसवाले का किरदार निभाया था।फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। नाना पाटेकर अनिल कपूर की फिल्म सूबेदार में भी नजर आए।
वेलकम मूवी से कॉमेडी में भी छाए
2007 में आई फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था। उनका यह कॉमेडी रोल लोगों को काफी पसंद आया था।
फिल्म में उनकी कॉमेडी और डायलॉग डिलीवरी खूब चर्चा में रही। इसके सीक्वल वेलकम बैक में भी वे उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।
3 नेशनल अवॉर्ड जीते
1989 में आई फिल्म परिंदा में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था।
इसके बाद 1994 में आई क्रांतिवीर के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। 1996 में फिल्म अग्निसाक्षी के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। इस तरह नाना पाटेकर को करियर में कुल 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले।
भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में नाना पाटेकर ने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया है।
प्रहार के लिए ली थी मिलिट्री ट्रेनिंग
नाना पाटेकर ने फिल्म प्रहार: द फाइनल अटैक में आर्मी मेजर का रोल निभाया था। इस किरदार को बेहतर तरीके से निभाने के लिए उन्होंने भारतीय सेना के साथ ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ करीब तीन साल तक सैन्य प्रशिक्षण लिया था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे टेरीटोरियल आर्मी से भी जुड़े।
कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से खास अनुमति ली थी।
इसके बाद उन्होंने करीब 2 से 3 हफ्ते यानी 15 से 20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए। इस दौरान वे द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे इलाकों में गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम यानी QRT के साथ भी समय बिताया था।