अशोक खरात कांड: ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर धोखा, झूमर की लाइट से चलता था गुप्त संकेत
महाराष्ट्र के नासिक बाबा अशोक खरात कांड (Nashik Baba Ashok Kharat Case) ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है। खुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात पर आरोप है कि वह ‘शुद्धिकरण’ और तंत्र-मंत्र (Tantra Rituals) के नाम पर लोगों, खासकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस जांच में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाबा के कार्यालय में एक गुप्त संकेत प्रणाली (Secret Code System) लागू थी। इस प्रणाली के तहत झूमर की लाइट (Chandelier Light Signal) का उपयोग करके बाहर बैठे लोगों को संकेत दिया जाता था कि अंदर क्या स्थिति है।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस कोड सिस्टम का इस्तेमाल कथित तौर पर गुप्त गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT Investigation) गठित कर जांच तेज कर दी है।
1 अप्रैल से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, जानिए नया नियम
आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से, देखें पूरा शेड्यूल
झूमर की लाइट से चलता था ‘सीक्रेट कोड सिस्टम’
पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबा के केबिन के बाहर एक बड़ा झूमर लगा हुआ था। यही झूमर एक तरह से गुप्त संकेत (Secret Signal) का काम करता था।
- जब झूमर की लाइट बंद रहती थी, तो इसका मतलब होता था कि अंदर कोई “शुद्धिकरण प्रक्रिया” चल रही है और किसी को अंदर नहीं जाना है।
- जब लाइट चालू होती थी, तब यह संकेत होता था कि अंदर जाने की अनुमति है।
इस व्यवस्था के कारण बाहर मौजूद लोगों को यह पता नहीं चल पाता था कि अंदर क्या गतिविधि चल रही है। पुलिस का मानना है कि यह प्रणाली कथित तौर पर गुप्त मुलाकातों और शोषण को छिपाने के लिए बनाई गई थी।
‘शुद्धिकरण’ के नाम पर लोगों को फंसाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि बाबा अशोक खरात लोगों की कमजोरियों और डर का फायदा उठाता था।
लोगों को इस तरह डराता था
- ग्रह दोष या कुंडली में समस्या बताना
- परिवार पर संकट आने की चेतावनी देना
- जीवन में नकारात्मक ऊर्जा होने का दावा करना
इन सब बातों से लोगों को डराकर वह उन्हें ‘शुद्धिकरण’ या विशेष पूजा (Spiritual Cleansing Ritual) के लिए अपने कार्यालय बुलाता था। कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के दौरान उनके साथ अशोभनीय व्यवहार और शोषण किया गया।
ज्योतिष की आड़ में महिलाओं का शोषण, अशोक खरात के घर से मिली 58 वीडियो क्लिप और करोड़ों की संपत्ति
बाबा अशोक खरात की कृपा या राजनीतिक सेटिंग? रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की पूरी कहानी
एक महिला की शिकायत से खुला पूरा मामला
इस पूरे नासिक बाबा अशोक खरात केस का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप था कि बाबा ने धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर उसे कमरे में बुलाया। उसके पति को बाहर बैठने के लिए कहा। फिर कमरे में अंधेरा कर दिया। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो वह किसी तरह वहां से बाहर निकल आई और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यही शिकायत इस पूरे मामले की जांच का कारण बनी।
जांच में मिले चौंकाने वाले सबूत
पुलिस की जांच में कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्होंने इस केस को और गंभीर बना दिया है।
जांच में सामने आई प्रमुख बातें
- 50 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात
- कई महिलाओं द्वारा शोषण के आरोप
- करोड़ों रुपए की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
इन सबूतों से यह शक मजबूत हुआ है कि बाबा का नेटवर्क सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
कई पीड़ित सामने आने लगे
जैसे-जैसे मामला मीडिया में सामने आया, वैसे-वैसे कई अन्य लोग भी आगे आने लगे। पुलिस के अनुसार 100 से ज्यादा लोगों ने फोन करके शिकायत या जानकारी दी है। इससे जांच टीम को लगता है कि पीड़ितों की संख्या और भी अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कई पीड़ित सामाजिक दबाव या डर की वजह से सामने नहीं आ पाते।
SIT कर रही मामले की गहन जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT Investigation (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की है।
SIT की जांच में शामिल प्रमुख बिंदु
- सभी शिकायतों की जांच
- आरोपी की संपत्ति और नेटवर्क की पड़ताल
- डिजिटल और वीडियो सबूतों की जांच
- संभावित सहयोगियों की पहचान
SIT जांच अधिकारियों का कहना है कि आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई
इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे थे। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।
- ऐसे वीडियो शेयर करना कानूनन अपराध है
- इससे पीड़ितों की पहचान उजागर हो सकती है
- दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
कुछ मामलों में पुलिस ने ऐसे वीडियो शेयर करने वालों को गिरफ्तार भी किया है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि समाज में अंधविश्वास और फर्जी बाबाओं (Fake Godman Scam) का प्रभाव कितना गहरा है।