NDMA इमरजेंसी अलर्ट: दो मई को फोन पर बजेगा सायरन, लेकिन घबराएं नहीं, यह है वजह

Sandeep Kumar | May 01, 2026, 23:05 IST
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भारत सरकार 2 मई 2026 को NDMA के मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का देशव्यापी ट्रायल कर रही है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से बनी यह स्वदेशी प्रणाली आपदा के समय हजारों लोगों को एक साथ अलर्ट भेजेगी।

News in Short

  • दो मई 2026 को भारत सरकार मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट का देशव्यापी ट्रायल करेगी।
  • NDMA और DOT मिलकर इस सिस्टम को चला रहे हैं।
  • यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से भेजा जाता है, SMS से नहीं।
  • ट्रायल के दौरान कुछ यूजर्स को एक से ज्यादा बार अलर्ट मिल सकता है।
  • यह सिर्फ परीक्षण है, इस पर कोई जवाब देना या एक्शन लेना जरूरी नहीं।

News in Detail

क्यों बज रहा है फोन पर सायरन?

अगर 2 मई को आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप सुनाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई खतरे की घंटी नहीं है। यह भारत सरकार का एक बड़ा और जरूरी परीक्षण है।



केंद्र सरकार एक नए मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है। इसके तहत किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेजने की क्षमता को परखा जा रहा है। यह परीक्षण 2 मई 2026 को किया जाएगा।



कौन चला रहा है यह सिस्टम?

यह पूरी कवायद दूरसंचार विभाग यानी डीओटी (DOT - Department of Telecommunications) और NDMA (National Disaster Management Authority) यानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर कर रहे हैं। इस प्रणाली को "सचेत" प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।



खास बात यह है कि इस अलर्ट सिस्टम को पूरी तरह भारत में ही बनाया गया है। इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने तैयार किया है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक है। देश के लिए यह गर्व की बात है।



सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक क्या है?

इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast) तकनीक है। यह आम एसएमएस से बिल्कुल अलग है। जब भूकंप या बाढ़ जैसी कोई बड़ी आपदा आती है, तो नेटवर्क पर बहुत भारी दबाव होता है। कॉल और मैसेज अक्सर फेल हो जाते हैं। लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक ऐसे समय में भी बिना रुकावट काम करती है। यह एक साथ हजारों लोगों तक चेतावनी पहुंचाने में सक्षम है।



किन आपदाओं में आएगा काम?

सरकार इस सिस्टम का उपयोग कई तरह की आपदाओं के दौरान करेगी। इनमें सुनामी, भूकंप और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाएं शामिल हैं। इसके अलावा गैस लीक या केमिकल ब्लास्ट जैसी औद्योगिक आपात स्थितियों में भी यह अलर्ट काम आएगा।



इस तरह का एक सफल परीक्षण साल 2023 में बेंगलुरू में हो चुका है। उस परीक्षण के नतीजों के आधार पर अब यह देशव्यापी ट्रायल किया जा रहा है।



देशभर में चल रहा है परीक्षण

फिलहाल इस सिस्टम का देशव्यापी ट्रायल जारी है। इस दौरान लोगों को हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश मिल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग मोबाइल टावरों की क्षमता जांची जा रही है। इसीलिए कुछ यूजर्स को यह अलर्ट एक से अधिक बार भी मिल सकता है। सरकार ने साफ किया है कि यह सिर्फ एक ट्रायल है। इस मैसेज का कोई जवाब देने की जरूरत नहीं है।



अपने फोन में ऐसे करें जांच

क्या आप देखना चाहते हैं कि आपके फोन में यह सुविधा चालू है या नहीं? इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाएं। वहां "Safety and Emergency" यानी सेफ्टी एंड इमरजेंसी का विकल्प देखें। उसके अंदर "Wireless Emergency Alerts" को चेक करें।



आपदा आने से पहले मिलेगी चेतावनी

एक बार जब सभी ट्रायल पूरे हो जाएंगे और यह सिस्टम आधिकारिक तौर पर लॉन्च होगा, तब यह एक बड़े काम का हथियार बन जाएगा। किसी भी वास्तविक आपदा के दौरान यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में प्रभावित इलाके के हर नागरिक तक सूचना पहुंचा देगा। इससे समय रहते लोग सुरक्षित जगहों पर जा सकेंगे। कई जानें बचाई जा सकेंगी।



FAQ

  1. NDMA मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम क्या है?
    NDMA और DOT ने मिलकर एक इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम बनाया है। यह सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पर काम करता है। इसे C-DOT ने स्वदेशी तकनीक से तैयार किया है। आपदा के समय यह सिस्टम इलाके के सभी मोबाइल यूजर्स को एक साथ चेतावनी भेज सकता है। खास बात यह है कि नेटवर्क पर ज्यादा भार होने पर भी यह काम करता है।

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