NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: CBI करेगी धांधली की जांच, जानें दोबारा कब होगी परीक्षा

Jageshwar prasad | May 12, 2026, 12:20 IST
Photograph: (the sootr)
पेपर लीक की शिकायतों के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को निरस्त कर दिया है। यह परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। परीक्षा में हुई धांधलियों की जांच सीबीआई से कराई जाएगी।

शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला

  • केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, NEET 2026 निरस्त।
  • अब CBI करेगी पेपर लीक और परीक्षा में हुई धांधलियों की जांच।
  • यह परीक्षा देशभर में तीन मई 2026 को हुई थी।
  • सीकर में पहले ही वायरल हो गए थे परीक्षा के सवाल।
  • एसओजी जांच में मिला कि 140 सवाल मूल प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे। ​

​New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 को लेकर चल रहे विवादों और संशयों के बीच केंद्र सरकार ने एक कड़ा फैसला लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को हुई इस परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की घोषणा की है।



सरकार ने न केवल परीक्षा रद्द की है, बल्कि पूरे मामले की गहन जांच के लिए इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कदम उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर है, जो पिछले कुछ दिनों से परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठा रहे थे।



सीकर में पहले ही वायरल हो गए थे सवाल

राजस्थान SOG की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। परीक्षा से दो दिन पहले ही करीब 600 नंबर के सवाल सीकर में छात्रों के पास पहुंच चुके थे। हाथ से लिखे हुए इन नोट्स में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे।



हैरानी की बात यह है कि इनमें से 140 सवाल मूल प्रश्नपत्र से हू-ब-हू मेल खा रहे थे। किसी भी बड़ी परीक्षा में इतने ज्यादा सवालों का मिलना नामुमकिन माना जाता है। इससे साफ होता है कि सिस्टम में कहीं बड़ी मानवीय चूक हुई थी।



कौड़ियों के दाम बिका देश का भविष्य

SOG के अनुसार, पेपर लीक का यह बाजार परीक्षा के पास आते-आते बहुत सक्रिय हो गया था। शुरुआत में लीक सामग्री 2 से 5 लाख रुपये में बेची जा रही थी। लेकिन परीक्षा से ठीक एक रात पहले इसकी कीमत गिरकर मात्र 30 हजार रुपये रह गई।



सोशल मीडिया पर यह पेपर 'फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स' टैग के साथ तेजी से वायरल हुआ था। जांच का एक सिरा केरल के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे एक छात्र से भी जुड़ा है। उसने यह सामग्री सीकर में अपने दोस्तों को भेजी थी।



संदेह के घेरे में पीजी संचालक

पूरे मामले में सीकर के एक पीजी (PG) संचालक पर सबसे ज्यादा शक है। दिलचस्प बात यह है कि परीक्षा खत्म होते ही उसने खुद पेपर लीक का दावा किया था। SOG को लगता है कि पकड़े जाने के डर से उसने खुद को व्हिसलब्लोअर बताया।



एजेंसी अब चैट्स और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। 5G जैमर और एआई कैमरों की सुरक्षा के बावजूद यह सेंधमारी होना हैरान करता है। आशंका जताई जा रही है कि प्रिंटिंग प्रेस या बैंक कस्टडी के स्तर पर गड़बड़ी की गई है।



​जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद लिया गया निर्णय

​एनटीए की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार यह निर्णय केवल शिकायतों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस इनपुट और साक्ष्यों के आधार पर लिया गया है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) द्वारा साझा किए गए शुरुआती जांच निष्कर्षों से यह स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता से समझौता किया गया था।



​एजेंसी ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा आयोजित करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए सिस्टम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा रद्द करना ही एकमात्र विकल्प बचा था। सरकार का मानना है कि यदि इस दूषित प्रक्रिया को जारी रहने दिया जाता, तो यह राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली के प्रति जनता के भरोसे को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता था।



​CBI को सौंपी गई कमान: व्यापक जांच की तैयारी

​शिक्षा मंत्रालय और सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई को रेफर कर दिया है। अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी उन तमाम आरोपों और इनपुट की पड़ताल करेगी, जो पेपर लीक या तकनीकी धांधली की ओर इशारा कर रहे हैं। एटीए ने आश्वासन दिया है कि वह ब्यूरो को सभी आवश्यक सामग्री, रिकॉर्ड और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी ताकि दोषियों तक पहुँचा जा सके।



​नहीं देनी होगी दोबारा फीस

​परीक्षा रद्द होने की खबर से उम्मीदवारों और उनके परिवारों में होने वाली असुविधा को स्वीकार करते हुए NTA ने कुछ महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं। मई 2026 चक्र के लिए जिन छात्रों ने पंजीकरण कराया था, उनका डेटा और उम्मीदवारी बरकरार रहेगी। दोबारा परीक्षा के लिए किसी भी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।



छात्रों द्वारा चुने गए परीक्षा केंद्रों के विकल्पों को भी यथासंभव आगे बढ़ाया जाएगा। ​सरकार ने घोषणा की है कि छात्रों द्वारा पहले जमा की गई फीस वापस (Refund) कर दी जाएगी।



दोबारा होने वाली परीक्षा का खर्च NTA अपने आंतरिक संसाधनों से वहन करेगा। परीक्षा की नई तिथियों और नए एडमिट कार्ड जारी करने के कार्यक्रम की घोषणा आने वाले कुछ दिनों में आधिकारिक चैनलों के माध्यम से की जाएगी।



भरोसे की बहाली के लिए उठाया कठिन कदम

​NTA ने अपने बयान में स्वीकार किया कि परीक्षा को दोबारा आयोजित करना उम्मीदवारों और उनके परिवारों के लिए वास्तविक और महत्वपूर्ण असुविधा पैदा करेगा। एजेंसी ने कहा, "हम इस परिणाम को हल्के में नहीं लेते हैं। यह फैसला छात्रों के हित में और उस विश्वास के सम्मान में लिया गया है जिस पर राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली टिकी हुई है।


​


विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय उन मेधावी छात्रों के लिए न्याय की जीत है, जो अपनी मेहनत के दम पर मेडिकल कॉलेजों में जगह बनाना चाहते हैं। अगर धांधली के इनपुट के बावजूद परिणाम जारी किए जाते, तो अपात्र उम्मीदवार सिस्टम में प्रवेश कर जाते, जो भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए घातक होता।



​आगे क्या?

​फिलहाल लाखों छात्र अनिश्चितता के दौर में हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के बाद अब उन्हें दोबारा तैयारी में जुटना होगा। शिक्षा मंत्रालय ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें।



​CBI की जांच का दायरा अब उन संदिग्ध केंद्रों और बिचौलियों तक फैलेगा, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा की शुचिता को भंग करने का प्रयास किया। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि दोबारा परीक्षा आयोजित करते समय NTA तकनीक और सुरक्षा के कौन से नए मानक अपनाता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।



ये भी पढ़ें:-

NEET 2026: 30 हजार में बिका गेस पेपर; केरल से सीकर तक जुड़ा नेटवर्क



NEET 2026 पर पेपर लीक का साया; 140 प्रश्न हू-ब-हू मिलने से हड़कंप



कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा 2022: पेपर लीक मामले में पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ को SOG का नोटिस



आयुष अधिकारी भर्ती 2025: आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों की कॉमन मेरिट पर विवाद



Tags:
  • CBI
  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी
  • NEET
  • NTA
  • परीक्षा रद्द
  • SOG
  • NEET 2026
  • NEET 2026 निरस्त