नीट यूजी केस में CBI का बड़ा खुलासा, पेपर सेटिंग कमेटी की सदस्य ने ही दिया सिस्टम को धोखा
NEET UG 2026 के बड़े घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ एक बहुत बड़ी कामयाबी लगी है। सीबीआई ने इस पूरे पेपर लीक मामले की मुख्य कड़ियों में से एक मनीषा मंधारे को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सीबीआई की दलीलों को देखते हुए मनीषा मंधारे को आज 17 मई को 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है।
अदालत की कार्यवाही के दौरान सीबीआई ने कोर्ट के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि यह पूरा पेपर लीक कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही सोचे-समझे तरीके से तैयार किया गया एक संगठित और गहरा जाल था।
सीबीआई ने किया बड़ा खुलासा
कोर्ट में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। मनीषा मंधारे आम आरोपी नहीं हैं। वो बॉटनी और जूलॉजी के पेपर का अनुवाद करने में एक्सपर्ट थीं। इसी वजह से उन्हें असली सवालों तक सीधे पहुंच थी। उन्होंने इसका फायदा उठाकर पूरे सिस्टम को धोखा दिया है।
गिरोह बनाकर पेपर को और लोगों तक पहुंचाया
इस पूरी साजिश का खेल अकेले मनीषा मंधारे ने नहीं खेला है। वो पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर काम कर रही थीं।
जांच में सामने आया कि मनीषा मंधारे ने असली प्रश्न पत्र शुभम नाम के आरोपी को दिया था। इसी ने इस पेपर को और लोगों तक पहुंचाया है।
सीबीआई ने 14 दिनों की कस्टडी मांगते हुए कहा कि पूरा नेटवर्क बहुत बड़ा है और देशभर में छापेमारी चल रही है। इसलिए मनीषा मंधारे को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर जांच और सबूत जुटाना जरूरी है।
आम जनता और समाज पर असर
NEET-UG जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में इस तरह के बड़े पेपर लीक और घोटाले के खुलासे से समाज पर बहुत ही गहरा और बुरा असर पड़ता है।
- देश के लाखों छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। जब इस तरह की खबरें सामने आती हैं, तो मेहनत करने वाले छात्रों और उनके माता-पिता का पूरा भरोसा टूट जाता है।
- पेपर सेटिंग कमेटी जैसी बेहद सुरक्षित और गोपनीय मानी जाने वाली जगह से पेपर लीक होना पूरी परीक्षा प्रणाली और सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
- इस तरह की घटनाओं से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों के बीच भारी मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्हें डर सताने लगता है कि कहीं उनकी मेहनत पर पैसे के दम पर पेपर खरीदने वाले भारी न पड़ जाएं।
FAQ
- मनीषा मंधारे कौन हैं और पेपर लीक में उनकी क्या भूमिका थी?
मनीषा मंधारे NEET-UG की पेपर सेटिंग कमेटी की सदस्य थीं। वह बॉटनी और जूलॉजी के पेपर का अनुवाद (Translation) करने की एक्सपर्ट थीं। इसी वजह से परीक्षा के असली प्रश्न पत्रों तक उनकी सीधी पहुंच थी। उन्होंने अपने इसी पद का फायदा उठाकर असली प्रश्न पत्र लीक कर दिया। - मनीषा मंधारे के साथ इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं?
सीबीआई की जांच के मुताबिक, मनीषा मंधारे अकेले इस काम को नहीं कर रही थीं। वह पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर काम कर रही थीं। मनीषा मंधारे ने असली पेपर शुभम नाम के एक आरोपी को दिया था, जिसने इस पेपर को आगे दूसरे लोगों और छात्रों तक पहुंचाया।
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