न मोबाइल, न कोई डिवाइस, नीट यूजी री एग्जाम के लिए अंडरग्राउंड हुए पेपर सेटर्स
समझें क्या है पूरा मामला...
- 21 जून को होने वाली NEET-UG की दोबारा परीक्षा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
- पेपर के सभी एक्सपर्ट्स को एक गुप्त जगह पर रखा गया है।
- सुरक्षा के पहले घेरे के तहत इस गुप्त परिसर में बहुत सारी पाबंदी लगा दी गई है।
- प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए सरकार IAF विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
पेपर लीक विवाद के बाद सरकार की नई तैयारी
NEET UG पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। विवाद से बाद इसकी दोबारा परीक्षा आगामी 21 जून को होने वाली है।
परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। ऐसी सुरक्षा पिछले कई सालों में नहीं देखी गई है।
बता दें कि मई में हुई परीक्षा के रद्द होने से 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार बेहद परेशान थे। उनकी चिंताओं और भविष्य को देखते हुए सरकार इस बार सुरक्षा में कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती।
एक्सपर्ट्स हुए अंडरग्राउंड
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पेपर सेट करने वाले, उसका रिव्यू करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक गुप्त स्थान पर भेज दिया गया है।
21 जून को परीक्षा खत्म होने तक एक्सपर्ट्स गुप्त स्थान पर ही रहेंगे रहेंगे। इस दौरान ये विशेषज्ञ बाहरी दुनिया या अपने परिवार के किसी भी सदस्य से बात या मुलाकात नहीं कर सकेंगे।
इन गैजेट्स पर लगी पाबंदी
गुप्त परिसर के अंदर बहुत कड़ी सुरक्षा है। वहां रह रहे विशेषज्ञों के सभी पर्सनल कम्युनिकेशन डिवाइस जब्त कर लिए गए हैं।
- मोबाइल फोन
- लैपटॉप
- स्मार्टवॉच
- इंटरनेट का इस्तेमाल
इस परिसर के अंदर और बाहर जाने वाले हर एक व्यक्ति की कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है। उनका पूरा डॉक्यूमेंटेशन यानी लिखित रिकॉर्ड रखा जा रहा है। केवल बेहद जरूरी और अधिकृत अधिकारियों को ही अंदर जाने की इजाजत मिल रही है।
वायुसेना के विमानों से भेजे जा सकते हैं प्रश्नपत्र
इस बार परीक्षा के पूरे सिस्टम को कंपार्टमेंटलाइज्ड कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि पेपर बनाने से लेकर उसकी छपाई तक किसी एक व्यक्ति या समूह के पास नहीं होगी।
प्रश्नपत्रों को देश भर के परीक्षा केंद्रों तक बिना किसी गड़बड़ी के सुरक्षित पहुंचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकार भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग करने पर विचार कर रही है।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे सख्त पहरा
डिजिटल मोर्चे पर भी सरकार कोई ढील नहीं दे रही है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन फोरम पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
इसका मकसद यह है कि कोई भी शरारती तत्व फर्जी प्रश्नपत्र न फैला सके। न ही सोशल मीडिया पर कोई भ्रामक अभियान या संदिग्ध गतिविधि चला सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पिछली परीक्षा में जो भी कमियां या खामियां सामने आई थीं उन्हें इस बार हर हाल में पूरी तरह से खत्म किया जाए।
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