नेपाल के PM बालेन शाह का आदेश: 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की होगी जांच

Sanjay Dhiman | Apr 16, 2026, 17:04 IST
Photograph: (the sootr)
नेपाल के PM बालेन शाह ने 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों और 100 से ज्यादा नेताओं की संपत्ति जांच के आदेश दिए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एक ऐतिहासिक कदम है।

News in Short

  • नेपाल सरकार ने 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति जांच के लिए पैनल गठित किया।
  • पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
  • जांच में 2006 से अब तक के मंत्रियों और अधिकारियों की संपत्ति शामिल होगी।
  • पूर्व पीएम के परिवारों की संपत्ति की भी जांच की जा सकती है।
  • जेन-G आंदोलन के दौरान सुरक्षा तंत्र की भूमिका की भी जांच होगी।

News in Detail

नेपाल में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश के नवनिर्वाचित पीएम बालेन शाह की सरकार ने 2006 के बाद से सार्वजनिक पदों पर रहे नेताओं की संपत्ति की जांच शुरू करने का आदेश दिया है। इस फैसले में सात पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं। इसके साथ ही, इन नेताओं के कार्यकाल में रहे मंत्रियों और उच्च अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच होगी।



संपत्ति जांच आयोग का गठन

नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि यह जांच पैनल पांच सदस्यीय होगा, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राजेंद्र कुमार भंडारी करेंगे। इस पैनल में पूर्व न्यायधीश चंडी राज ढकाल और पुरुषोत्तम पराजुली, नेपाल पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक गणेश केसी और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश लमसाल को भी शामिल किया गया है।



सात पूर्व प्रधानमंत्री जिनकी संपत्ति की जांच होगी

इस जांच के दायरे में नेपाल के सात प्रमुख पूर्व प्रधानमंत्री आएंगे। इनमें प्रमुख नाम हैं:



  • पुष्प कमल दहल (प्रचंड)
  • शेर बहादुर देउबा
  • केपी शर्मा ओली
  • सुशील कोइराला
  • बाबूराम भट्टाराई
  • झाला नाथ खनाल
  • माधव कुमार नेपाल

इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला के परिवार की संपत्ति की भी जांच हो सकती है। इस जांच में 2006 के जन आंदोलन से लेकर वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 तक के सभी प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च अधिकारियों की संपत्ति की घोषणा और उसकी जांच की जाएगी।



जेन-G आंदोलन की भी होगी जांच

नेपाल सरकार ने पिछले वर्ष हुए 'जेन-G' प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा तंत्र की भूमिका की भी जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीश प्रेम राज कार्की करेंगे। पैनल को सुरक्षा संबंधी मामलों का अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया है। इन प्रदर्शनों में 76 लोग मारे गए थे और सरकार ने इन घटनाओं की पूरी जांच का आदेश दिया है।



भ्रष्टाचार मुक्त नेपाल का सपना या राजनीतिक स्टंट?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बालेन शाह का यह कदम नेपाल के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। जनता लंबे समय से नेताओं के भ्रष्टाचार से परेशान थी। हालांकि, विपक्षी खेमे में इस बात को लेकर बेचैनी है कि क्या यह जांच निष्पक्ष होगी या केवल राजनीतिक बदला लेने के लिए की जा रही है?



बालेन शाह की छवि एक सख्त प्रशासक की रही है और इस फैसले ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। आने वाले महीनों में जब इस आयोग की रिपोर्ट आएगी, तो नेपाल की राजनीति में कई बड़े चेहरों का नकाब उतर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये दिग्गज अपनी संपत्ति का सही हिसाब दे पाएंगे।



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