Gen-Z आंदोलनः सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला PM, मानीं प्रदर्शनकारियों की पांच शर्तें
Aman Vaishnav | Sept 13, 2025, 17:56 IST
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मेयर बालेन शाहImage credit : Aman Vaishnav
Gen z शुरूआत में काठमांडू के मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने यह पद लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सुशीला कार्की को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
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प्रधानमंत्री सुशीला कार्कीImage credit : Aman Vaishnav
नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ( Gen Z आंदोलन नेपाल) के बीच सुशीला कार्की को देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
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पहली महिला मुख्य न्यायाधीशImage credit : Aman Vaishnav
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी कानूनी विशेषज्ञता और न्याय के प्रति अपनी लगन साबित की है, जो उनकी विश्वसनीयता को और मजबूत करती है।
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आम चुनाव कराने का वादाImage credit : Aman Vaishnav
सुशीला कार्की ने आंदोलनकारियों की एक बहुत महत्वपूर्ण मांग को मान लिया है। उन्होंने वादा किया है कि वे 6 महीने के भीतर नेपाल में आम चुनाव करवाएंगी, ताकि जनता नई सरकार चुन सके।
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संसद भंग करने की मांग स्वीकारImage credit : Aman Vaishnav
आंदोलनकारी चाहते थे कि नेपाल की संसद को भंग कर दिया जाए, ताकि नए सिरे से शुरुआत हो सके। उनकी इस बड़ी मांग को स्वीकार कर लिया गया है, जो कि उनकी जीत मानी जा रही है।
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भ्रष्टाचार विरोधीImage credit : Aman Vaishnav
सुशीला कार्की अपनी ईमानदार और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ वाली छवि के लिए जानी जाती हैं। इसी कारण वह नेपाल की कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
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युवा आंदोलन के बाद नियुक्तिImage credit : Aman Vaishnav
सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ 'Gen Z आंदोलन' (protest) के कारण नेपाल में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री बनाया गया।
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भ्रष्टाचार की जांचImage credit : Aman Vaishnav
सुशीला कार्की ने आंदोलनकारियों की एक और अहम मांग को माना है। उन्होंने पुराने नेताओं की संपत्ति की जांच करने के लिए एक न्यायिक आयोग बनाने का वादा किया है, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।