रोमांटिक स्कैम का नया तरीका, एआई से बने असली चेहरे और आवाज, सिर्फ 18 मिनट में खाते से कंबोडिया पहुंचा पैसा
रोमांटिक स्कैम की शुरुआत कैसे हुई
अहमदाबाद की रहने वाली एक महिला इस नए खेल का शिकार बन गई। उन्हें लगा कि वे अपने पुराने दोस्त से बात कर रही हैं। मगर स्क्रीन के दूसरी तरफ एक शातिर साइबर अपराधी बैठा हुआ था।
ठगों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल करके बिल्कुल असली जैसा चेहरा बनाया। उन्होंने महिला का भरोसा जीतने के लिए कई दिनों तक लगातार बातें कीं। मीठी बातों और रोमांटिक मैसेज के जरिए भरोसा गहरा किया गया।
जब महिला को पूरा यकीन हो गया तब निवेश का लालच दिया गया। महिला ने झांसे में आकर तुरंत अपने पैसे ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होते ही ठगों का असली चेहरा जांच में सामने आया। यह खबर हम सभी को डिजिटल लाइफ में बेहद सतर्क रहने की चेतावनी देती है। ऐसी ठगी को अंग्रेजी में Romantic scam कहा जाता है।
नकली चेहरा और आवाज कैसे बनती है
ठग सोशल मीडिया की फोटो और वीडियो उठाते हैं। फिर एआई (AI - Artificial Intelligence) की मदद से असली जैसे चेहरे बनाते हैं। हावभाव और आवाज भी असली जैसी लगती है। इस तरकीब को AI clone scam कहा जा सकता है। डीपफेक यानी एआई से बना नकली चेहरा या आवाज।
डीपफेक ठगी में चेहरा देखकर भी असली और नकली पहचानना मुश्किल होता है। एआई क्लोन स्कैम में असली इंसान को बताए बिना उसकी शक्ल इस्तेमाल होती है। यह Deepfake fraud आम लोगों तक पहुंच चुका है। सोशल मीडिया का खतरा अब सिर्फ खास लोगों तक सीमित नहीं है।
18 मिनट में कंबोडिया ट्रांसफर
ठगी की रकम म्यूल अकाउंट के रास्ते चली। 18 मिनट में कंबोडिया ट्रांसफर पूरा हो गया। रकम क्रिप्टोकरेंसी बनकर विदेश पहुंची। भारतीय एजेंसियां कंबोडिया में बैठे मेन ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
कंबोडिया साइबर ठगी का यह जाल भारतीय नागरिकों तक पहुंच चुका है। यह Cambodia cyber fraud का एक और मामला है। म्यूल अकाउंट यानी किराए का बैंक खाता। ठग भारतीय नागरिक से पैसा इसी खाते में डलवाते हैं।
क्रिप्टो से ठगी का रास्ता
- पहला कदम: भारतीय नागरिक से पैसा म्यूल अकाउंट में डलवाया जाता है।
- दूसरा कदम: पैसा कुछ मिनटों में बदल दिया जाता है। वह यूएसडीटी (USDT - US Dollar Tether) बन जाता है।
- तीसरा कदम: क्रिप्टो एक वॉलेट में पहुंचती है। यह वॉलेट कंबोडिया में चीनी ठगों के नाम रजिस्टर्ड बताया जा रहा है।
- चौथा कदम: क्रिप्टो दूसरे नेटवर्क में भेजी जाती है।
इस पूरे खेल में सीमा पार का कदम सबसे अहम है। क्रिप्टो दूसरे नेटवर्क में पहुंचते ही निशान धुंधले होने लगते हैं।
ऐसी ठगी से कैसे बचें
निवेश का लालच मिले तो तुरंत रुकिए। दोस्त के नाम पर पैसे मांगे जाएं, तो दूसरे नंबर पर फोन करके पूछिए। वीडियो कॉल पर दिखा चेहरा भी भरोसे की गारंटी नहीं है। जो पुराना दोस्त अचानक रोमांटिक बातें करने लगे, उसे फोन पर परखिए।
डीपफेक ठगी से बचने का पहला नियम है, पैसे की बात पर रुकना। चाहे सामने कोई भी हो। ऐसे में सावधानी ही सबसे सस्ता बचाव है। यह मामला याद दिलाता है कि स्क्रीन पर दिखा हर चेहरा असली नहीं होता। फ्रेंड लिस्ट का भरोसा भी अब जांच मांगता है।
ये खबर क्यों जरूरी है
ठग अब दोस्त का चेहरा और आवाज लेकर आ रहे हैं। सोशल मीडिया का खतरा अब आम लोगों तक पहुंच गया है। इसलिए पहचान की सुरक्षा का सवाल हर परिवार से जुड़ गया है। निजता को संविधान में मौलिक अधिकार माना गया है। पर तकनीक के दुरुपयोग से यही अधिकार खतरे में आ जाता है। सोशल मीडिया पर पुरानी दोस्ती का मतलब सुरक्षित बातचीत नहीं होता। पैसे की हर मांग पर रुककर पुष्टि करना समझदारी है।
FAQs:
- रोमांटिक स्कैम क्या है और यह कैसे काम करता है?
रोमांटिक स्कैम एक प्रकार की धोखाधड़ी है जिसमें ठग लोगों के साथ ऑनलाइन रोमांटिक संबंध स्थापित करते हैं, आमतौर पर पुराने दोस्तों की पहचान का उपयोग करके। धोखेबाज मीठी बातों और मैसेज के जरिए विश्वास जीतते हैं और फिर पैसे की मांग करते हैं। - किस प्रकार की तकनीक ठगों द्वारा इस्तेमाल की जाती है?
ठग एआई तकनीक का उपयोग करके असली जैसे चेहरे और आवाज बनाते हैं। इस प्रक्रिया को डीपफेक कहा जाता है, जिसमें ठग सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो और वीडियो का प्रयोग करते हैं। - ठगी से बचने के लिए क्या सावधानियां लेनी चाहिए?
ठगी से बचने के लिए निवेश का लालच मिलने पर तुरंत रुकें, किसी दोस्त के नाम पर पैसे मांगने की स्थिति में दूसरे नंबर पर सत्यापन करें, और वीडियो कॉल पर दिखाए गए चेहरे पर भी भरोसा न करें।