पुरानी चेकबुक होगी बेकार, 31 दिसंबर 2026 से बदलेगा बैंकिंग नियम

Manya Jain | Aug 24, 2026, 18:28 IST
new cheque book rules 2026 update
बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए अल्फा न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक अनिवार्य कर दी गई है। 31 दिसंबर 2026 के बाद 50 हजार रुपए से अधिक के पुराने चेक स्वीकार नहीं होंगे। खाताधारक तुरंत अपनी बैंक शाखा जाकर नई चेकबुक प्राप्त करें।

बैंकों ने ग्राहकों के लिए नई अल्फा न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक जारी करना शुरू किया है। 31 दिसंबर 2026 के बाद पचास हजार रुपए या उससे अधिक के पुराने चेक नहीं चलेंगे।



नए अल्फा न्यूमेरिक कोड की मदद से चेक क्लोनिंग और वित्तीय धोखाधड़ी पर पूरी रोक लगेगी। भारतीय रिजर्व बैंक चेक क्लियरिंग सिस्टम को और अधिक तेज और सुरक्षित बना रहा है।



ग्राहक अपनी बैंक शाखा, नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप से नई चेकबुक मंगा सकते हैं।



बदल रहे हैं चेक भुगतान के नियम

अगर आप दैनिक लेनदेन या व्यापार के लिए चेक का उपयोग करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। देश भर के सरकारी और निजी बैंकों ने चेक के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।



बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी प्रमुख बैंक अपने ग्राहकों को नए कोड वाले चेक जारी कर रहे हैं। बैंकों ने ग्राहकों को संदेश भेजकर नई चेकबुक लेने को कहा है। अगर आपके पास पुरानी चेकबुक रखी है तो उसे तुरंत बदल लें।



31 दिसंबर 2026 के बाद क्या होगा

नए नियमों के अनुसार 31 दिसंबर 2026 के बाद पुराने फॉर्मेट वाले चेक पूरी तरह बंद हो जाएंगे। पचास हजार रुपए या उससे अधिक राशि के पुराने चेक बैंक स्वीकार नहीं करेंगे।



अमान्य होने वाले चेकों में वे चेक शामिल हैं जिन पर विशेष अल्फा न्यूमेरिक कोड नहीं है। यह कोड अक्षरों और अंकों का एक सुरक्षित मिश्रण होता है। इसके बिना कोई भी बड़ा भुगतान क्लियर नहीं किया जाएगा। खाताधारकों को वित्तीय नुकसान से बचने के लिए समय रहते नई चेकबुक लेनी होगी।



क्या है अल्फा न्यूमेरिक कोड का असली फायदा?

बैंकिंग क्षेत्र में धोखाधड़ी और फर्जी चेक रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक चेक क्लियरिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और मजबूत बना रहा है।



चेक ट्रंकेशन सिस्टम के तहत चेक की डिजिटल कॉपी के जरिए भुगतान तुरंत होता है। नए कोड के कारण चेक के साथ छेड़छाड़ करना नामुमकिन हो जाएगा। इससे भुगतान का समय घटेगा और खाताधारक का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।



नई चेकबुक के लिए कितना शुल्क लगेगा

हर बैंक में नई चेकबुक जारी करने का शुल्क खाते के प्रकार पर निर्भर करता है। कई बैंक बचत खाते पर साल में कुछ चेक पेज मुफ्त देते हैं।



बैंक ऑफ इंडिया में एक वित्तीय वर्ष में 25 पन्नों की चेकबुक मुफ्त मिलती है। इसके बाद अतिरिक्त चेक पन्नों के लिए प्रति पेज पांच रुपए का शुल्क लगता है। अन्य बैंकों में यह शुल्क थोड़ा अलग हो सकता है। आप अपने बैंक की वेबसाइट या ऐप पर जाकर सही शुल्क देख सकते हैं।



जानिए किस चेक का क्या मतलब है?

बैंकिंग में सुरक्षित लेनदेन के लिए अलग-अलग तरह के चेक इस्तेमाल किए जाते हैं:



  • बेयरर चेक: इसे बैंक ले जाकर कोई भी व्यक्ति सीधे नकद पैसा निकाल सकता है।
  • ऑर्डर चेक: इसमें नामित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के बाद ही भुगतान होता है।
  • क्रॉस चेक: इसमें दो तिरछी लाइनें होती हैं और पैसा सीधे बैंक खाते में जाता है।

चेक पर जारी करने की तारीख से लेकर तीन महीने तक की वैधता होती है। चेक पर खाताधारक के हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाने चाहिए।



चेक से भुगतान के बड़े फायदे

व्यापार और निजी जीवन में चेक से भुगतान करना नकदी ले जाने से बहुत सुरक्षित है। बड़ी रकम जेब में रखकर चलने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाता है।



चेक से किया गया हर लेनदेन बैंक स्टेटमेंट में पक्के सबूत के तौर पर दर्ज रहता है। इसके अलावा चेक बाउंस होने पर निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कानूनी सुरक्षा मिलती है। इससे व्यापारिक हिसाब और टैक्स ऑडिट करना भी बेहद आसान हो जाता है।



नई चेकबुक पाने की आसान प्रक्रिया

यदि आपको बैंक से चेक बदलने का संदेश मिला है तो बिल्कुल भी देर न करें। आप घर बैठे डिजिटल माध्यम से नई चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं:



  • अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करें।
  • सर्विस रिक्वेस्ट या चेकबुक मैनेजमेंट वाले विकल्प पर जाएं।
  • नए अल्फा न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक के लिए रिक्वेस्ट सबमिट करें।
  • आप नेट बैंकिंग पोर्टल या अपनी गृह शाखा में जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं।

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