New Labour Code 2026: कर्मचारियों को मिलेगा हर महीने क्रेच अलाउंस

Manya Jain | May 23, 2026, 21:14 IST
New Labour Code 2026
भारत सरकार ने नए लेबर कोड 2026 के नियमों को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत कामकाजी माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए हर महीने कम से कम 500 रुपये का क्रेच अलाउंस मिलेगा। यह नियम केंद्रीय क्षेत्र की सभी कंपनियों पर लागू होगा।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला



  • केंद्र सरकार ने 8 मई 2026 को नए लेबर कोड के नियम लागू कर दिए हैं।
  • नए नियमों के तहत अब कर्मचारियों को हर महीने 'क्रेच अलाउंस' का फायदा मिलेगा।
  • यह भत्ता बच्चों की देखभाल के लिए प्रति बच्चा न्यूनतम 500 रुपये महीना होगा।
  • यह लाभ अधिकतम दो बच्चों के लिए उनकी 6 साल की उम्र तक दिया जाएगा।
  • क्रेच की सुविधा न देने वाली कंपनियों को अनिवार्य रूप से यह पैसा देना होगा।

नए लेबर कोड के नियमों से कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात

देश के नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बेहतरीन खबर आई है। सरकार ने बहुप्रतीक्षित नए लेबर कोड के नियमों को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह नियम 8 मई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुके हैं।



इन नए नियमों के आने से कर्मचारियों को कई तरह के वित्तीय लाभ मिलने वाले हैं। इन्हीं में से एक बड़ा और अनोखा फायदा है 'क्रेच अलाउंस' यानी शिशु गृह भत्ता। यह उन माता-पिता के लिए है जो काम के साथ बच्चों को संभालते हैं।



क्रेच की सुविधा के बदले अब कंपनियों को देने होंगे पैसे

पुराने लेबर कानून के मुताबिक कंपनियों के लिए दफ्तर में क्रेच बनाना जरूरी होता था। लेकिन अब सरकार ने इस नियम को पहले से कहीं ज्यादा व्यावहारिक बना दिया है। नए नियमों में कंपनियों को दो स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं।



या तो कंपनियां अपने दफ्तर परिसर में बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा तैयार करें। या फिर वे अपने कर्मचारियों को हर महीने इसके बदले नकद पैसे का भुगतान करें। अब आपको अपनी कंपनी के एचआर विभाग से इसकी जानकारी लेनी होगी।



क्या है क्रेच अलाउंस का नया फ्रेमवर्क और नियम?

पीडब्ल्यूसी (PwC) इंडिया के पार्टनर लोकेश गुलाटी ने इस नए फ्रेमवर्क पर बड़ी जानकारी दी है। नए ओएसएचडब्ल्यूसी (OSHWC) सेंट्रल रूल्स 2026 के नियम 37 के तहत इसका पूरा ढांचा तय हुआ है।



यह लाभ महिला कर्मचारियों और अकेले बच्चे पालने वाले सिंगल पेरेंट्स को मिलेगा। विधुर पुरुष कर्मचारी भी इस भत्ते को पाने के पूरी तरह से हकदार बनाए गए हैं। बशर्ते उनके बच्चों की उम्र 6 साल से कम होनी चाहिए।



हर महीने जेब में आएंगे कितने पैसे?

सरकार ने इस भत्ते की न्यूनतम राशि भी पूरी तरह तय कर दी है। कंपनियों को हर बच्चे के लिए कम से कम 500 रुपये महीना देना होगा। सरकार समय-समय पर इस राशि को बढ़ा भी सकती है।



यह भत्ता अधिकतम दो बच्चों के लिए ही मान्य माना जाएगा। लेकिन इसमें एक खास अपवाद की स्थिति भी रखी गई है। अगर दूसरी डिलीवरी के वक्त जुड़वां बच्चे हो जाएं तो तीनों को लाभ मिलेगा।



क्रेच अलाउंस पर टैक्स को लेकर क्या है सरकार का नियम?

पैसे मिलने की खुशी के साथ आपको टैक्स का नियम भी जान लेना चाहिए। फिलहाल नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत इसमें कोई टैक्स छूट नहीं है। टैक्स एक्सपर्ट्स ने इस बात की पूरी पुष्टि की है।



इसका मतलब है कि आपको मिलने वाला क्रेच अलाउंस पूरी तरह टैक्सेबल होगा। यह राशि आपकी कुल सैलरी में जुड़ जाएगी और इस पर टैक्स कटेगा। भविष्य में सरकार इस पर राहत देने का फैसला कर सकती है।



किन कंपनियों और कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा?

ध्यान रहे कि यह नियम अभी केवल केंद्रीय क्षेत्र के संस्थानों पर लागू हुआ है। अगर आप रेलवे, खदानों, तेल क्षेत्रों या बड़े बंदरगाहों में काम करते हैं तो लाभ मिलेगा। हवाई परिवहन, दूरसंचार, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं।



इसके अलावा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSUs) भी इसके दायरे में आएंगे। केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले स्वायत्त निकायों के ठेका कर्मचारियों को भी यह हक मिलेगा। राज्य सरकार के तहत आने वाली कंपनियों को थोड़ा इंतजार करना होगा।



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