पोप फ्रांसिस के निधन के बाद शुरू हुई नए ईसाई धर्मगुरु के चुनाव की प्रक्रिया

Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 24, 2025, 15:27 IST
Election of pope
पोप फ्रांसिस के निधन के बाद वैटिकन में नया पोप चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें सीक्रेट कन्क्लेव द्वारा वोटिंग की जाती है। यह प्रक्रिया सिस्टीन चैपल में होती है, जिसे माइकल एंजेलो की भित्तिचित्रों के लिए जाना जाता है।

पोप फ्रांसिस (Pope Francis)के निधन के बाद वेटिकन में अगला पोप यानी ईसाई धर्मगुरुचुनने की पारंपरिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया बेहद गोपनीय होती है और इसे "कन्क्लेव" कहा जाता है। पोप के अंतिम संस्कार के बाद कार्डिनल्स को रोम बुलाया जाता है, जहां वे वेटिकन सिटी स्थित "हाउस ऑफ सेंट मार्था" में ठहरते हैं। पोप के चुनाव की पूरी प्रक्रिया जानते हैं thesootr के इस एक्सप्लेनर से…

कैसे होता है पोप का चुनाव?

पोप चुनने की प्रक्रिया सिस्टीन चैपल में होती है, जिसे माइकल एंजेलो की भित्तिचित्रों के लिए जाना जाता है। कार्डिनल्स प्रत्येक दिन दो बार वोट करते हैं—सुबह और शाम। प्रत्येक कार्डिनल एक पर्ची भरता है, जिसमें लैटिन में लिखा होता है: "I elect as Supreme Pontiff..."। फिर वे उस पर्ची को एक चांदी की कलश (Silver Urn) में डालते हैं। तीन स्क्रूटिनियर्स (मतगणना अधिकारी) इन वोटों की गिनती करते हैं। अगर किसी भी उम्मीदवार को दो-तिहाई बहुमत (लगभग 90 वोट) नहीं मिलते, तो पर्चियों को जला दिया जाता है और काले धुएं (Black Smoke) के रूप में यह संकेत दिया जाता है कि पोप नहीं चुना गया है। जब कोई उम्मीदवार विजयी होता है, तो सफेद धुआं (White Smoke) उठता है।

कार्डिनल्स कॉलेज की भूमिका?

जब पोप का निधन हो जाता है, तो कैथोलिक चर्च की कमान अस्थायी रूप से कार्डिनल्स कॉलेज के हाथों में चली जाती है। ये कार्डिनल्स वे वरिष्ठ धर्मगुरु होते हैं, जो विभिन्न देशों में बिशप के रूप में सेवा करते हैं या वेटिकन के उच्च पदों पर आसीन होते हैं। इन्हें स्वयं पोप द्वारा नियुक्त किया जाता है और ये आमतौर पर अपने गहरे लाल रंग के परिधान से पहचाने जाते हैं। आइए जानते हैं, नए पोप के चयन की पूरी प्रक्रिया क्या होती है। कन्क्लेव वह गुप्त बैठक होती है जिसमें कार्डिनल्स मिलकर नए पोप का चुनाव करते हैं। परंपरागत रूप से यह पोप के निधन के 15 दिन बाद शुरू होती है, लेकिन पोप बेनेडिक्ट XVI ने 2013 में नियमों में बदलाव करके इसे जल्दी शुरू करने की अनुमति दी थी।कन्क्लेव की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय होती है। एक बार जब कार्डिनल्स सिस्टीन चैपल (Sistine Chapel) में प्रवेश करते हैं, तो उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। उन्हें किसी भी प्रकार का संचार उपकरण या मीडिया तक पहुंच नहीं दी जाती। ये भी पढ़ें: ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस का निधन, कौन होगा नया पोप?

कौन कर सकते हैं मतदान?

135 कार्डिनल्स जो 80 वर्ष से कम आयु के हैं, वे नए पोप का चुनाव (New Pope Election) करने के पात्र होते हैं। इन कार्डिनल्स का चयन पूरी दुनिया से किया गया है और वे चर्च के वरिष्ठतम सदस्य माने जाते हैं। वेटिकन में उनके ठहरने और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होती है।

पोप का औपचारिक ऐलान कैसे होता है?

चयन के बाद नया पोप कार्डिनल्स के सामने अपना चुनाव स्वीकार करता है और अपना नया पोप नाम घोषित करता है। इसके बाद वह पोप के लिए निर्धारित पोशाक पहनता है।कुछ ही समय बाद वह सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी पर आते हैं, जहां हजारों कैथोलिक उन्हें देखने और आशीर्वाद पाने के लिए एकत्र होते हैं। वहाँ से वह पहली बार दुनिया को संबोधित करते हैं और आशीर्वाद देते हैं - जिसे "Urbi et Orbi" कहा जाता है। thesootr links



Tags:
  • रोम
  • पोप फ्रांसिस
  • Pope Francis
  • पोप का चुनाव
  • ईसाई धर्मगुरु