नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने 'सरके चुनर' में अश्लीलता का तड़का, सेंसर बोर्ड पर उठे सवाल

Sanjay Dhiman | Mar 16, 2026, 22:38 IST
Photograph: (the sootr)
नोरा फतेही और संजय दत्त के नए गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' में अश्लील शब्दों और भद्दे डांस स्टेप्स की भरमार है। सोशल मीडिया पर यह गाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

हाल के सालों में बॉलीवुड में कई गाने ऐसे आए हैं, जिन्होंने अश्लीलता की हर हद पार की है। अब एक और गाना सामने आया है, जिसने चर्चा का विषय बनते हुए समाज में सवाल खड़े किए हैं। यह गाना है "सरके चुनर तेरी सरके", जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आ रहे हैं। फिल्म 'केडी- द डेविल' का यह गाना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और इसके अश्लील शब्दों और भद्दे डांस स्टेप्स ने लोगों को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग सेंसर बोर्ड पर भी सवाल उठा रहे हैं।



अश्लील शब्दों का इस्तेमाल

गाने के शब्दों में अश्लीलता की कोई कमी नहीं है। गाने के कुछ हिस्सों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें आमतौर पर किसी शालीन मंच पर कहा भी नहीं जा सकता। हालांकि गाने की शुरुआत ठीक थी, लेकिन जैसे-जैसे गाना आगे बढ़ता है, इसका शब्दावली का स्तर गिरता जाता है। डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल तो हमेशा से होता आया है, लेकिन इस गाने में तो यह सीधे-सीधे अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला हो गया है।



गाने के भद्दे डांस स्टेप्स

गाने में केवल शब्दों की ही नहीं, बल्कि डांस स्टेप्स की भी अश्लीलता देखने को मिलती है। नोरा फतेही ने गाने में अपने हॉट डांस मूव्स से सनसनी मचाई है, जबकि संजय दत्त ने अपने खलनायक वाले स्टाइल से गाने को और भी विवादित बना दिया है। नोरा का पल्लू गिराने वाला डांस स्टेप और संजय दत्त का हुक स्टेप गाने की अश्लीलता को और बढ़ाते हैं। ऐसा लग रहा है जैसे इस गाने को अश्लील बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।



गाने के मेकर्स और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

गाने को बनाने वाले म्यूजिक डायरेक्टर अर्जुन जान्या और लिरिसिस्ट रकीब आलम हैं। इस गाने को सिंगर मंगली ने अपनी आवाज दी है। हालांकि, यह गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, लेकिन इसे ट्रोल भी किया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने गाने के लिरिक्स और डांस स्टेप्स को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने इस गाने को भोजपुरी गानों से भी खराब बताया है और मेकर्स पर गाने के कंटेंट को लेकर तंज कसा है।



गाने के प्रभाव

गाने के प्रभाव के बारे में बात करें तो यह गाना समाज में अश्लीलता के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। जहां एक समय था, जब संगीत और गाने लोगों को सुकून और शांति का अहसास कराते थे। वहीं, अब ऐसे गाने सिर्फ अश्लीलता और विवाद का कारण बनते जा रहे हैं। समाज में ऐसे गानों के बढ़ते प्रभाव से संगीत उद्योग की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या मेकर्स इस तरह के गानों से कुछ साबित करना चाहते हैं? यह एक बड़ा सवाल बन चुका है।



ऐसे गाने क्या संदेश देते हैं?

यह गाना और इस जैसे अन्य गाने समाज में क्या संदेश देते हैं, यह भी सोचने का विषय है। क्या ये गाने हमें किसी बेहतर दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं? या फिर ये सिर्फ समाज में अश्लीलता और भद्दापन फैलाने का एक और तरीका हैं?



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