NTA में प्रशासनिक सर्जरी, IPS-IAS-IRS अफसर बने डायरेक्टर-जॉइंट डायरेक्टर
समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र सरकार ने NTA में बड़ा फेरबदल किया।
- पांच वरिष्ठ अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां दी गईं।
- इनमें IAS, IPS और IRS अधिकारी शामिल हैं।
- एजेंसी को मजबूत करने के लिए बदलाव किया गया।
- सरकार ने NTA में 16 नए पद बनाए।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार ने पांच वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति मंजूर की है। इन अधिकारियों को ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। यह बदलाव राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों से भी जुड़ा माना जा रहा है।
NTA में क्यों हुआ बदलाव
देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) में परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाली इस एजेंसी में पांच वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
ये सभी अधिकारी डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
किन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
नई नियुक्तियों में 2005 बैच के IRS अधिकारी अंशुमान शर्मा को ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। उनके साथ 2011 बैच के IRS अधिकारी सथिया एस को भी अहम भूमिका दी गई है।
इसके अलावा 2012 बैच के आईएएस प्रसन्ना वेंकटेश वी और उसी बैच के अधिकारी रवि कुमार सिंह को डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित सामदरिया को ज्वाइंट डायरेक्टर बनाया गया है।
यह नियुक्तियां अलग-अलग सेवाओं के अनुभवी अधिकारियों को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाती हैं। इससे एजेंसी में प्रशासनिक अनुभव का दायरा बढ़ेगा।
कैबिनेट समिति की मंजूरी की शर्तें
कैबिनेट की नियुक्ति समिति यानी ACC (Appointments Committee of the Cabinet) ने अंशुमान शर्मा की नियुक्ति को पांच साल या अगले आदेश तक मंजूरी दी है। इनमें से जो भी अवधि पहले पूरी होगी, उसके बाद स्थिति की समीक्षा होगी।
इस नियुक्ति के लिए NTA में खाली पड़े डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर पद को अस्थायी रूप से ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर तक अपग्रेड किया गया है। यह एक प्रशासनिक व्यवस्था है, जिससे पद की जिम्मेदारी और अधिकार दोनों बढ़ जाते हैं।
अब तक कितने अधिकारी बने डायरेक्टर
इन नई नियुक्तियों के बाद मार्च 2025 से अब तक NTA में डायरेक्टरों की कुल संख्या पांच हो गई है। वहीं ज्वाइंट डायरेक्टरों की संख्या बढ़कर चार पहुंच गई है।
गौरतलब है कि 2025 में पवन कुमार शर्मा और विजय कुमार विनायकराव पाटिल को डायरेक्टर बनाया गया था। उसी दौरान आशीष गुप्ता को ज्वाइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया था।
इसके बाद मई 2026 में आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को ज्वाइंट डायरेक्टर बनाया गया। साथ ही अनुजा बापट और रुचिता विज को ज्वाइंट सेक्रेटरी पद दिया गया था। यानी बीते डेढ़ साल में एजेंसी के शीर्ष ढांचे में लगातार बदलाव हो रहा है।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिश क्या थी
केंद्र सरकार का यह कदम अक्टूबर 2024 में गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के अनुरूप माना जा रहा है। समिति ने NTA के पुनर्गठन का सुझाव दिया था।
समिति ने यह भी कहा था कि एजेंसी की स्थायी कार्यबल यानी परमानेंट वर्कफोर्स (Permanent Workforce) को मजबूत किया जाना चाहिए। इसी सिफारिश के मुताबिक सरकार ने डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर पर कुल 16 नए पद बनाए हैं। इनमें आठ-आठ पद दोनों स्तरों पर शामिल हैं।
आगे क्या असर पड़ सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती से परीक्षा संचालन में सुधार आ सकता है। हाल के वर्षों में कई परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे थे। ऐसे में सरकार का यह कदम एजेंसी की साख बहाल करने की दिशा में देखा जा रहा है। आने वाले समय में और भी प्रशासनिक बदलाव संभव हैं।
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