7100 सैलरी वाले इंजीनियर के घर करोड़ों की दौलत, 49 प्लॉट, ओडिशा विजिलेंस की कार्रवाई

Sanjay Dhiman | Jun 21, 2026, 16:55 IST
Photograph: (the sootr)
ओडिशा के कोरापुट में विजिलेंस ने इंजीनियर सत्यनारायण सेठी के 7 ठिकानों पर छापा मारा। 49 प्लॉट, सोना और लाखों कैश मिला। 7100 रुपए से शुरू हुई नौकरी से बना करोड़ों का साम्राज्य।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ओडिशा विजिलेंस ने कोटपाड़ के इंजीनियर सत्यनारायण सेठी को गिरफ्तार किया है।
  • आरोपी इंजीनियर के 7 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।
  • छापेमारी में 49 बेशकीमती प्लॉट और दो आलीशान फ्लैट बरामद हुए हैं।
  • इंजीनियर के पास 14 एकड़ फार्महाउस और भारी मात्रा में सोना मिला।
  • मात्र 7100 रुपए की शुरुआती सरकारी नौकरी से करोड़ों का साम्राज्य बनाया।

ओडिशा के कोरापुट जिले में एक सरकारी इंजीनियर के 7 ठिकानों पर विजिलेंस टीम की छापेमारी हुई। सत्यनारायण सेठी नाम के इस इंजीनियर के पास करोड़ों की अघोषित संपत्ति मिली। उनके पास 49 जमीन के टुकड़े, दो फार्महाउस, सोने-चांदी के गहने और लाखों रुपए नकद बरामद हुए। सेठी ने 1998 में 7100 रुपए मासिक वेतन से नौकरी शुरू की थी। विजिलेंस को और बेनामी संपत्तियों के मिलने की आशंका है।



जब विजिलेंस ने खटखटाया दरवाज़ा

शुक्रवार की सुबह कोरापुट जिले में अचानक हलचल मच गई। ओडिशा सतर्कता ब्यूरो की टीमें एक साथ 7 अलग-अलग जगहों पर पहुंची। निशाने पर थे कोटपाड़ ब्लॉक में तैनात सहायक कार्यकारी अभियंता सत्यनारायण सेठी।


घर, दफ्तर और दूसरी संपत्तियों पर एक साथ दबिश दी गई। जो कुछ मिला, उसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।



क्या-क्या मिला छापेमारी में

जांच के दौरान विजिलेंस को जो चीजें मिलीं, वे चौंकाने वाली हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 32 कीमती भूखंड और एक फ्लैट मिला। इसके अलावा 17 और जमीन के टुकड़े भी सामने आए।



कोरापुट के बोरिगुमा ब्लॉक में 10.03 एकड़ का एक फार्महाउस मिला। इसमें आम और नीलगिरी के बागान लगे हैं। उसी इलाके में 4.35 एकड़ का एक और फार्महाउस भी मिला।



करीब 300 ग्राम सोने के गहने बरामद हुए। 600 ग्राम चांदी भी मिली। नकद राशि 5.48 लाख रुपए रही।


बैंक खातों और डाकघर में जमा रकम के दस्तावेज भी हाथ लगे। इनकी अभी जांच चल रही है।



7100 से करोड़ों तक का सफर

सत्यनारायण सेठी ने 1998 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। तब उनकी तनख्वाह सिर्फ 7100 रुपए प्रति माह थी।



2015 में वे सहायक अभियंता बने। 2025 में उन्हें पदोन्नति मिली और वे सहायक कार्यकारी अभियंता बन गए।


27 साल की नौकरी में इतनी संपत्ति कहां से आई- यही सवाल विजिलेंस अब पूछ रही है।



जांच अभी जारी है

विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी एस. सुश्री ने बताया कि यह जांच आगे बढ़ेगी। अधिकारियों को शक है कि और बेनामी संपत्तियां सामने आ सकती हैं। सेठी और उनके परिवार के सदस्यों से अभी पूछताछ की जा रही है।



आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।



भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की कोशिश

ओडिशा सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। सतर्कता ब्यूरो ने पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।



इस छापेमारी को भी उसी अभियान की एक कड़ी माना जा रहा है। सवाल यह है कि इतने सालों तक यह सब कैसे चलता रहा।



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