उमर अब्दुल्ला-निधि राजदान की शादी पर फतवा जारी, मौलाना रजवी ने निकाह को बताया शरीयत के खिलाफ
मौलाना रजवी ने शादी पर उठाए सवाल
रविवार, 01 नवंबर को मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस्लाम में निकाह के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम पुरुष और गैर-मुस्लिम महिला की शादी को लेकर शरीयत में विशेष शर्तें हैं। मौलाना ने कहा कि उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं, जबकि निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं। इसी आधार पर उन्होंने दोनों की शादी को इस्लामी नियमों के खिलाफ बताया है।
उन्होंने दावा किया कि शरीयत के अनुसार यह निकाह मान्य नहीं है और इसी वजह से उन्होंने इसके खिलाफ फतवा जारी किया है।
शादी से पहले इस्लाम कबूल कराने की कही बात
मौलाना रजवी ने कहा कि उमर अब्दुल्ला को शादी से पहले निधि राजदान को इस्लाम कबूल कराना चाहिए था। उनके अनुसार, अगर निधि इस्लाम स्वीकार करने के बाद निकाह करतीं, तो यह शादी शरीयत के मुताबिक जायज होती।
उन्होंने कहा कि इस्लामी नियमों का पालन किए बिना किया गया निकाह धार्मिक नजरिए से सही नहीं माना जा सकता।
हालांकि, यह मौलाना रजवी की धार्मिक राय है। भारत में Special Marriage Act के तहत अलग-अलग धर्मों के दो वयस्क बिना धर्म बदले भी कानूनी रूप से शादी कर सकते हैं।
दिल्ली में हुई उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में टेलीविजन पत्रकार निधि राजदान से शादी की है। 56 वर्षीय उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि शुक्रवार से एक नई यात्रा शुरू हुई है। इस पोस्ट में उन्होंने निधि राजदान को टैग किया और दोनों की चार तस्वीरें भी शेयर कीं।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने शुक्रवार को Special Marriage Act के तहत शादी की थी।
दोनों की है यह दूसरी शादी
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान दोनों की यह दूसरी शादी है। उमर की पहली शादी पायल अब्दुल्ला से हुई थी। इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी पहली शादी समाप्त हो गई थी। वहीं, 49 वर्षीय पत्रकार निधि राजदान भी इससे पहले शादी कर चुकी हैं। अब दोनों ने एक साथ अपने जीवन की नई शुरुआत की है।
सारा अली खान के खिलाफ भी जारी कर चुके हैं फतवा
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी इससे पहले अभिनेत्री सारा अली खान को लेकर भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने सारा के केदारनाथ धाम जाने और वहां पूजा-अर्चना करने पर आपत्ति जताई थी। मौलाना ने उस समय एक सोशल मीडिया वीडियो जारी करके कहा था कि इस्लाम में दूसरे धर्मों की पूजा-पद्धतियों में शामिल होने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने दावा किया था कि किसी मुस्लिम का मंदिर में जाकर पूजा करना शरीयत के अनुसार नाजायज है। इसी आधार पर उन्होंने सारा अली खान को तौबा करने की सलाह दी थी। मौलाना के मुताबिक, कुछ मुस्लिम युवाओं ने उनसे सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने को लेकर सवाल किए थे। इसके बाद उन्होंने इस मामले में अपनी धार्मिक राय रखी थी।
शादी को लेकर धार्मिक बहस शुरू
अब उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी पर फतवा जारी होने के बाद धार्मिक मान्यताओं और विवाह के कानूनी अधिकारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मौलाना रजवी ने जहां इस शादी को अपनी धार्मिक व्याख्या के आधार पर गलत बताया है। वहीं भारतीय कानून में विशेष विवाह अधिनियम के तहत अलग-अलग धर्मों के लोगों को बिना धर्म परिवर्तन किए शादी करने का अधिकार है।