ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ: PM मोदी ने बदली डीपी, सेना ने लिखा भारत कुछ नहीं भूलता, न ही माफ करता है
आज 7 मई है। ठीक एक साल पहले इसी तारीख को भारतीय जांबाजों ने सरहद पार जाकर उस दुस्साहस का जवाब दिया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की पहली वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सेना के शौर्य को नमन किया है। इसके साथ ही, अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर दुनिया को एक कड़ा संदेश भी दिया है।
पीएम की नई डीपी और भारतीय वायुसेना के वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि न्यू इंडिया (New India) अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार, 07 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रोफाइल फोटो बदलकर ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीर लगाई है। उन्होंने भावुक और कड़े शब्दों में लिखा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने जो साहस और सटीकता दिखाई थी, वह बेमिसाल है।
पीएम ने स्पष्ट किया कि पहलगाम हमले का बदला लेकर भारत ने यह साबित कर दिया है कि बेकसूर भारतीयों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ने हमारी सेना को वह ताकत दी है, जिससे हम आतंकवाद के पूरे ईकोसिस्टम को जड़ से मिटाने में सक्षम हैं।
भारत न भूलता है, न माफ करता है- वायुसेना
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने इस खास मौके पर एक रौंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में पहलगाम हमले से लेकर आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने तक की झलकियां दिखाई गई हैं।
वायुसेना ने अपने कैप्शन में लिखा है कि ऑपरेशन सिंदूर: न्याय मिल गया। कार्रवाई सटीक, यादें हमेशा। भारत कुछ नहीं भूलता, भारत कभी नहीं माफ करता। यह वीडियो उन पलों की याद दिलाता है जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर छिपे आतंकी अड्डों को मिट्टी में मिला दिया था।
रणनीति ऐसी कि दुश्मन को भनक तक नहीं लगी
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह सीक्रेसी और तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण था। बता दें कि 6 मई की रात जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब साउथ ब्लॉक में बैठकों का दौर जारी था। सेना ने सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और एयरफोर्स की एक्सरसाइज का बहाना बनाकर दुश्मन को चकमा दिया।
ठीक रात 1:44 बजे रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक प्रेस रिलीज आई और उसके सात मिनट बाद ही सेना ने ऐलान कर दियाकिJustice is Served (न्याय हो गया)। 1971 के बाद यह पहली बार था जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत (बहावलपुर) तक सटीक स्ट्राइक की थी।
राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने दी सलामी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन को आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया स्टैंडर्ड (Standard) बताया। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच जो समन्वय दिखा, उसने भारत की संकल्प शक्ति को दुनिया के सामने रखा है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 145 करोड़ भारतीयों की एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह नए भारत का आत्मविश्वास है जो अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करता।
10 मई की वो शाम: जब गूंजना बंद हुईं तोपें
6 और 7 मई की उस निर्णायक कार्रवाई के बाद तनाव चरम पर था। पाकिस्तान ने पलटवार करने की नाकाम कोशिश की, लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) ने उसके इरादों पर पानी फेर दिया।
10 मई की शाम 5:55 बजे भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच सहमति बनी कि अब कोई फायरिंग नहीं होगी। इस सीजफायर से ठीक 12 घंटे पहले तक दोनों देशों के बीच मिसाइलों और ड्रोन से भीषण संघर्ष चल रहा था। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल और भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तान पीछे हटने पर मजबूर हुआ।
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