राहुल गांधी का बड़ा फैसला: ऑपरेशन सिंदूर में अनाथ हुए 22 बच्चोें को लेंगे गोद, उठाएंगे शिक्षा का जिम्मा

Sanjay Dhiman | Jul 29, 2025, 17:02 IST
Photograph: (the sootr)
पाकिस्तानी गोलाबारी में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा की व्यवस्था का जिम्मा राहुल गांधी ने लिया है। पाकिस्तानी हमले में यह बच्चे अपने मां-बाप को खो चुके है। इन बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राहुल गांधी ने उठाने की घोषणा की है।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच कई निर्दोष लोगों ने अपनी जानें गंवाईं। इस संघर्ष ने न सिर्फ सैनिकों को प्रभावित किया, बल्कि सीमा के पास रहने वाले कई निर्दोष नागरिक भी इसके शिकार बने थे। ऑपरेशन सिंदूर के दाैरान हुए इस हमले में कई ऐसे परिवार ऐसे भी सामने आए थे, जिनमें माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है व बच्चे अनाथ हो चुके है।



कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के 22 बच्चों को 'गोद' लेने का निर्णय लिया है। ये बच्चे पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण अपने माता-पिता और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो चुके हैं। राहुल गांधी ने इन बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाने का वादा किया है और यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक ये बच्चे स्नातक नहीं कर लेते।



राहुल गांधी ने की बच्चों से मुलाकात, बढ़ाया हाैसला

राहुल गांधी ने पुंछ स्थित क्राइस्ट पब्लिक स्कूल का भी दौरा किया, जहां उन्होंने उन बच्चों से मुलाकात की जिन्होंने गोलाबारी में अपने माता-पिता को खो दिया था। बच्चों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं तुम पर गर्व महसूस करता हूं। तुम्हें अब डर नहीं होना चाहिए, सब कुछ फिर से सामान्य हो जाएगा। तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, खेलो और स्कूल में बहुत सारे दोस्त बनाओ।" ।



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मई में दिए थे लिस्ट बनाने के निर्देश

राहुल गांधी ने मई में पुंछ का दौरा किया था, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं से प्रभावित बच्चों की सूची तैयार करने को कहा। उनके द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद, एक सर्वेक्षण किया गया और सरकारी रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद अंतिम सूची तैयार की गई। राहुल गांधी ने इन बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का वादा किया।



ऐसे समझिए राहुल गांधी की बच्चे गोद लेने की कहानी को

  1. राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी में अनाथ हुए 22 बच्चों को 'गोद' लेने का फैसला किया।
  2. इन बच्चों ने अपने माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो दिया था, और राहुल गांधी इनकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे।
  3. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने पुंछ जिले में गोलाबारी की, जिसमें कई लोग मारे गए और बच्चे अनाथ हो गए।
  4. राहुल गांधी ने मई में पुंछ का दौरा किया और प्रभावित बच्चों की सूची तैयार करने के लिए सर्वे करवाया।
  5. उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करें और स्कूल में नए दोस्त बनाएं।


पहलगाम हमले के बाद चला था ऑपरेशन सिंदूर

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को भारत द्वारा शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था, जो पाकिस्तान की ओर से किए गए पहलगाम में आतंकी हमला का जवाब था। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के ठिकाने नष्ट किए गए।



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पाकिस्तानी गोलाबारी में हुई थी 27 की मौत

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने जम्मू क्षेत्र, खासकर पुंछ जिले में 8 से 10 मई तक भारी गोलाबारी की। इस गोलाबारी में 27 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हुए। पुंछ जिले में इस गोलाबारी का असर सबसे अधिक देखा गया, जहां 16 लोगों की जान चली गई।



तुरंत सहायता राशि के दिए निर्देशकांग्रेस

अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने बच्चों से चर्चा कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस माैके पर उन्होंने पुंछ जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद करा से सभी 22 बच्चों को तुरंत सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश भी दिए। इस सहायता राशि से इन बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकेंगी।



FAQ

  1. ऑपरेशन सिंदूर क्या था और इसका उद्देश्य क्या था?
    ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से 7 मई 2025 को शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमला करना था। यह हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थे, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
  2. राहुल गांधी ने 22 बच्चों को गोद लेने का फैसला क्यों किया?
    राहुल गांधी ने उन बच्चों को गोद लेने का फैसला किया जो पाकिस्तानी गोलाबारी में अपने माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो चुके थे। उन्होंने इन बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का वादा किया और यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक ये बच्चे स्नातक नहीं कर लेते।
  3. इन बच्चों के लिए राहुल गांधी का समर्थन कैसे मिलेगा?
    राहुल गांधी ने इन बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया है। स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने बताया कि सहायता राशि बुधवार को जारी की जाएगी, ताकि इन बच्चों की पढ़ाई में कोई विघ्न न आए। इस सहायता का उद्देश्य इन बच्चों को अपने जीवन में आगे बढ़ने का मौका देना है।

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