पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या

Sandeep Kumar | May 21, 2026, 16:18 IST
hamza-burhan
पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान मारा गया। अल-बद्र का शीर्ष कमांडर पाकिस्तान में ढेर हुआ। हमजा दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाता था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या की गई है।

News in Short

  • हमजा बुरहान अल-बद्र का टॉप कमांडर था।
  • पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था।
  • डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा था।
  • पाकिस्तान से हथियार और फंडिंग भेजता था।
  • दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने का जिम्मेदार था।

News in Detail

पाकिस्तान में पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। हमजा अल-बद्र का टॉप कमांडर था और भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था। उसका नेटवर्क दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करता था।



हमजा बुरहान की हत्या

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों द्वारा मारा गया। कई गोलियों से उसे मौत के घाट उतारा गया। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि हमजा लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था।



अरजमंद गुलजार उर्फ डॉक्टर हमजा बुरहान अल-बद्र का शीर्ष कमांडर था। उसके नेतृत्व में संगठन ने दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाया। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।



हमजा बुरहान का नेटवर्क पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा क्षेत्रों में सक्रिय था। पाकिस्तान से स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स के जरिए हथियार, फंडिंग और आतंक के निर्देश भेजे जाते थे। उसके नाम पर कई विस्फोटक बरामदगी और ग्रेनेड हमलों के मामले दर्ज थे।



आतंकवादी सफर और नेटवर्क

अरजमंद गुलजार पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का निवासी था। सात साल पहले वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया और अल-बद्र संगठन में शामिल हो गया। वहां उसने ऑपरेशनल कमांडर का पद संभाला।



हमजा ने पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया। गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया।



उसकी गतिविधियां युवाओं को भर्ती करने और कट्टरपंथ की ओर उकसाने तक सीमित थीं। डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल के जरिए वह सोशल मीडिया नेटवर्क पर सक्रिय रहा।



डिजिटल कट्टरपंथ का प्रभाव

हमजा बुरहान डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा था। उसने सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क का उपयोग किया। युवाओं को हथियार उठाने और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।



सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमजा का नेटवर्क हथियारों, फंडिंग और आदेशों का वितरण करता था। कई मामलों में उसे आतंकवाद के आर्थिक समर्थन और प्रशिक्षण में शामिल पाया गया।



पुलवामा और आसपास के क्षेत्र में उसकी हत्या के बाद नेटवर्क कमजोर होगा। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने की रणनीति प्रभावित होगी।



अल-बद्र संगठन और असर

अल-बद्र संगठन पाकिस्तान में स्थित है और कश्मीर में सक्रिय रहा। हमजा इसके ऑपरेशनल कमांडर थे। उसने पाकिस्तान से हथियार और फंडिंग सप्लाई नेटवर्क तैयार किया।



संगठन ने युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथ की ओर आकर्षित किया। हमजा की हत्या के बाद संगठन की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी। सुरक्षा एजेंसियों को नेटवर्क पर नियंत्रण आसान होगा।



हमजा बुरहान कौन था?

अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान 27 वर्ष का था। वह कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) का रहने वाला था। उसके पिता का नाम अहमद डार है। बुरहान वैध यात्रा दस्तावेजों से भारत से पाकिस्तान गया। वहां उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन किया। अपनी कट्टरता और चालाकी से उसने जल्दी संगठन में बड़ा मुकाम पाया। उसे कमांडर बनाया गया। तब से वह पाकिस्तान और पीओके में सुरक्षित रहकर कश्मीर में आतंक फैलाता रहा।



14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ। हमजा बुरहान की इसमें मुख्य भूमिका थी। जांच एजेंसियों के अनुसार उसने ओवरग्राउंड वर्करों के जरिए विस्फोटक और हथियार इकट्ठा करवाए। वह घाटी के युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद की ओर ले जा रहा था। उन्होंने उन्हें ब्रेनवॉश कर अल-बद्र में भर्ती कराया।



आतंकवादी घोषित हुआ था बुरहान

केंद्र सरकार ने हमजा बुरहान की खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए सख्त कदम उठाए। उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां रोकने वाले कानून की चौथी अनुसूची में संशोधन किया। इसके तहत अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया गया।



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