Synopsis: आज संसद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन बिल भी लोकसभा में पेश किया जाना था। लेकिन संसद में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
आज संसद में कई अहम बिल पेश होने वाले थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन बिल भी लोकसभा में पेश किया जाना था। लेकिन संसद में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
आज संसद में कई अहम बिल पेश होने वाले हैं। लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा संशोधन बिल पेश करेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन बिल भी लोकसभा में पेश किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर संसद में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले गुरुवार सुबह 10:30 बजे विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं।
वहीं, राज्यसभा में आज दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को पेश किया जाएगा। इस बिल पर करीब 7 घंटे चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस बहस में हिस्सा लेंगे।
उधर, लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा होगी।
बता दें कि पेपर लीक वाला बिल बुधवार को करीब 7 घंटे की बहस के बाद लोकसभा से पास हो चुका है। सरकार का कहना है कि यह पेपर लीक रोकने की दिशा में बड़ा कदम है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सिर्फ सजा बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
आज संसद में खूब गहमागहमी रहने के आसार हैं। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। वहीं, राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक बिल 2026 और एमएसएमई बिल पर चर्चा होगी। इसके अलावा, लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विदेश मामलों की स्थायी समिति की अहम रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने एक छात्र से पूछा कि स्टूडेंट और इडियट के अलावा तीसरी कैटेगरी कौन-सी है? फिर खुद ही जवाब देते हुए कहा- अंधभक्त।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं की बात कर रहे हैं। वे 8-10 घंटे पढ़ाई करते हैं, महंगी शिक्षा का खर्च उठाते हैं और सालों मेहनत करते हैं।
राहुल गांधी के इडियट शब्द बोलते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने इसे असंसदीय शब्द बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।
इस पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि अगर कोई शब्द असंसदीय होगा तो उसे रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि वह इडियट की जगह दूसरा शब्द इस्तेमाल कर देंगे। इस पर स्पीकर ने जवाब दिया कि इसकी जरूरत नहीं है, इस पर फैसला दिया जा चुका है।
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि छात्र जागरूक हैं और सच्चाई जानते हैं। उन्होंने दावा किया कि एक परीक्षा पर शिक्षा बजट से भी ज्यादा पैसा खर्च होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि "अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं।"
बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दसवें दिन सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा फिर से शुरू होगी।
आज संसद के मानसून सत्र का दसवां दिन है। मंगलवार को सदन में कई अहम विधेयकों पर चर्चा हुई, जिनमें एंटी पेपर लीक बिल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विपक्ष के हंगामे के बीच भी इस बिल पर बहस हुई।
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर आज भी लोकसभा में चर्चा जारी रहेगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी इस बहस में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि वे दोपहर करीब 12:30 बजे इस बिल पर अपनी बात रखेंगे।
चर्चा पूरी होने के बाद इस बिल पर लोकसभा में वोटिंग हो सकती है। अगर बिल लोकसभा से पास हो जाता है, तो इसे आगे मंजूरी के लिए राज्यसभा भेजा जाएगा।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पेश किया था। इस बिल का मकसद पेपर लीक, नकल, धोखाधड़ी और परीक्षाओं में होने वाली दूसरी गड़बड़ियों पर सख्ती से रोक लगाना है।
लोकसभा में पेपर लीक बिल को लेकर जोरदार बहस हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने सरकार पर एनटीए के चेयरमैन को बचाने का आरोप लगाया।
गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार ने एनटीए के डीजी को तो बदल दिया, लेकिन चेयरमैन को क्यों नहीं हटाया? उनका आरोप था कि सरकार चेयरमैन को बचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नया कानून लाने का दावा कर रही है, जबकि यह पुराने कानून में सिर्फ संशोधन है।
गोगोई ने कहा कि यह कानून सरकार की नाकामी की निशानी है और सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से कई छात्रों ने आत्महत्या तक की, लेकिन सरकार तब जागी जब छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे। तभी शिक्षा के इस बड़े मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई।
संसद के मानसून सत्र में पिछले एक हफ्ते से चला आ रहा गतिरोध अब खत्म हो गया है। आज लोकसभा में परीक्षा सुधार से जुड़े विधेयक पर चर्चा होगी। इसके लिए छह घंटे का समय तय किया गया है। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो चर्चा का समय और भी बढ़ाया जा सकता है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है, लेकिन शुरुआत होते ही विपक्ष ने दोबारा हंगामा शुरू कर दिया। राज्यसभा में शोर-शराबे के चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दूसरी तरफ लोकसभा की कार्यवाही जारी रही, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक और नकल रोकने से जुड़ा लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद भवन पहुंच गए हैं। उनके पहुंचते ही बीजेपी सांसदों ने उनका स्वागत किया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर लीक बिल पर कहा कि आज का दिन बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कई मामले सामने आए, छात्रों ने आंदोलन भी किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर बड़े फैसले लिए हैं।
अब सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून ला रही है। रिजिजू ने सभी दलों से इस बिल का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि अगर सभी इसमें साथ नहीं आएंगे, तो देश में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
लोकसभा में आज दोपहर करीब 12 बजे केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने से जुड़ा नया संशोधन बिल पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) अमेंडमेंट बिल-2026' सदन में रखेंगे।
इस बिल में पेपर लीक कराने वालों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बाद दोपहर 2 बजे से इस पर चर्चा शुरू हो सकती है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद CJP के प्रवक्ताओं ने कहा- हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। सरकार ने मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर सहमति जताई है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि दो घंटे की बातचीत में CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव रखे हैं। सरकार ने इस पर विचार करने के लिए कल तक का समय मांगा है।
बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और CJP की तरफ से सौरभ दास, आशुतोष रांका शामिल हुए।
विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर नहीं चल सकी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब लोकसभा की अगली बैठक 27 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे होगी। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच गुरुवार और शुक्रवार की रात कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले।
रात 11:52 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो जारी कर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नीट पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने से जुड़े ड्राफ्ट पर चर्चा होगी।
पीएम के इस संदेश के करीब आधे घंटे बाद अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा खुद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
दिल्ली में छात्रों का आंदोलन अब लगातार जोर पकड़ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र डटे हुए हैं।
20 जुलाई को चलो पार्लियामेंट मार्च के दौरान हजारों छात्र संसद की ओर बढ़े, लेकिन रास्ते में दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने बैरिकेड लगाए, लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के टेंट भी हटा दिए, लेकिन छात्र पीछे नहीं हटे। तेज बारिश के बीच भी वे धरने पर बैठे रहे। वहीं, सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
अब यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में भी छात्र इसका समर्थन करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं।
आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा और जेन-जी के छात्र शामिल हैं। उनका कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था की कमियों, बढ़ती बेरोजगारी और अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
इस आंदोलन को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कई दल छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने संसद में नीट परीक्षा का मुद्दा उठाया, काले कपड़े पहनकर विरोध जताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा जारी है। इसके चलते सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा में अखिलेश यादव ने छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की बात नहीं सुनी जा रही है और उनके साथ गलत हुआ है। इसी मजबूरी में विपक्ष को प्रधानमंत्री आवास तक जाना पड़ा।
विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा। इस कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
पीएम नरेंद्र मोदी संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए संसद भवन पहुंच गए हैं। सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार विपक्षी दलों से लगातार बातचीत कर रही है।
कांग्रेस सांसद आज संसद में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी सांसदों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में होगा।
कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचेंगे। इससे पहले विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में होगी। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
संसद के मानसूत्र में पहले दिन की तरह ही संसद में आज फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
संसद का मानसून सत्र चल रहा है। पहले दिन विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही ठीक से नहीं चल सकी।
दूसरे दिन भी हालात नहीं बदले। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने फिर से नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को महज दो मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जो भी दोषी हैं उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि पीएम मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों का कोई नुकसान नहीं होगा।
वहीं, CJP के नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज संसद मार्च नहीं निकाला जा रहा है।
दीपके ने कहा कि सरकार और पुलिस ने छात्रों पर लाठियां चलाईं, उनका खून बहाया। उन्हें छात्रों की कोई चिंता नहीं है, लेकिन हमें है।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह सत्र बेहद अहम और ऐतिहासिक होने वाला है। उन्होंने बताया था कि सरकार इस दौरान कई बड़े और महत्वपूर्ण बिल पेश करेगी।
साथ ही पीएम मोदी ने विपक्ष से अपील की थी कि वह सकारात्मक रवैया अपनाए और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करे।
मीडिया से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए फायदेमंद होता है, वैसे ही अगर संसद का मानसून सत्र भी सकारात्मक और बेहतर तरीके से चले, तो उसका फायदा पूरे देश को मिलता है। हमारी यही कामना है कि मानसून भी अच्छा रहे और संसद का कामकाज भी पूरी तरह उत्पादक रहे।
पीएम मोदी ने आगे कहा था कि पिछले एक महीने में भारत ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं।
अंतरिक्ष क्षेत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि पिछले साल मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर था।
वहीं दो दिन पहले भारत के युवाओं के नेतृत्व वाले एक स्टार्टअप ने भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो अब तक दुनिया के बहुत कम देश कर पाए हैं।