पेट्रोल डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंप से थोक में फ्यूल लेने पर लगी रोक
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूजर्स के पेट्रोल पंपों से तेल खरीदने पर रोक लगा दी है।
- इन बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का पेट्रोल-डीजल केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही खरीदना होगा।
- बाजार में थोक और खुदरा कीमतों में 39 रुपए से ज्यादा का बड़ा अंतर आ गया है।
- पेट्रोल पंपों पर भीड़ और जमाखोरी रोकने के लिए डीजल खरीदने की एक डेली लिमिट भी तय की गई है।
- सरकार का यह नया आदेश फिलहाल एक बार में अधिकतम 90 दिनों तक लागू रह सकता है।
पेट्रोल- डीजल बिक्री के नियमों में बदलाव
देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की मांग अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई थी। इस वजह से पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी होने का खतरा मंडराने लगा था।
स्थिति को संभालने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया। सरकार ने मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल आदेश 2026 जारी किया है।
इस नए आदेश के तहत तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बड़े और थोक ग्राहकों को रिटेल आउटलेट से ईंधन नंही बेचने को कहा गया है। सरकार का यह प्रतिबंध एक बार में 90 दिनों तक लागू रहेगा।
क्यों पैदा हुई ऐसी स्थिति?
मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लागत काफी बढ़ गई है। सरकार ने आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन थोक कीमतें बढ़ गईं। इसका नतीजा यह हुआ कि दोनों कीमतों में एक बहुत बड़ा अंतर आ गया।
उदाहरण से समझिए कि दोनों कीमतों में कितना अंतर है।
| ईंधन का प्रकार | खुदरा कीमत | थोक कीमत | कीमतों में अंतर |
| डीजल (प्रति लीटर) | 95.20 रुपए | 134.50 रुपए | 39.30 रुपए |
इस भारी अंतर की वजह से बड़े उद्योग और संस्थागत उपभोक्ता महंगे बल्क सेल पॉइंट से तेल खरीदने के बजाय सीधे आम पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। इससे रिटेल मार्केट में डीजल की बिक्री असामान्य रूप से बढ़ गई। साथ ही सप्लाई चेन बिगड़ने का डर पैदा हो गया। इसी को रोकने के लिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
आम जनता और वाहनों के लिए खरीद सीमा
सरकार ने इस आदेश में केवल बड़े खरीदारों पर रोक ही नहीं लगाई है, बल्कि पेट्रोल पंपों से तेल बेचने के तरीकों को भी पूरी तरह तय कर दिया है।
अब खुदरा दुकानों या पेट्रोल पंपों पर डीजल केवल वाहनों के असली ईंधन टैंक में भरा जाएगा। इसके अलावा पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा मंजूर किए गए खास कंटेनरों में ही भरा जाएगा।
कोई भी ग्राहक या वाहन एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकता है। इससे ज्यादा तेल एक बार में नहीं दिया जाएगा।
पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को कोई भी व्यक्ति दोबारा किसी और को नहीं बेच सकेगा।
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