PM मोदी की अध्यक्षता में CCS की उच्चस्तरीय बैठक, पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
News in Short
- प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक हुई।
- बैठक में पश्चिम एशिया संकट के भारत पर प्रभाव की समीक्षा की गई।
- मोदी ने खाद्य, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- यह CCS की दूसरी बैठक थी, जिसमें पिछले 10 दिनों में संकट के प्रभाव पर चर्चा की गई।
News in detail
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण भारत में मौजूदा हालात की समीक्षा की गई। समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य मंत्री शामिल हुए।
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मीटिंग में क्या हुआ?
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर काम करें ताकि खाद्य, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता में कोई परेशानी न हो। मोदी ने यह भी कहा कि यह संकट वैश्विक रूप से बढ़ रहा है और दुनिया इससे प्रभावित हो रही है। इसलिए नागरिकों पर इसका न्यूनतम असर पड़ना चाहिए।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे
बैठक में प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट के बीच उठाए गए कदमों की समीक्षा की। उन्होंने भविष्य में उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने एक डिटेल प्रेजेंटेशन दिया। इसमें कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यात, शिपिंग, व्यापार, वित्त और आपूर्ति शृंखला सहित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी गई।
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पश्चिम एशिया संकट का भारत पर असर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का भारत पर असर पर चर्चा की गई। खाद्य सुरक्षा, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर संकट के प्रभावों पर विचार किया गया। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग मिलकर काम करें। इससे आम लोगों को असुविधा से बचाया जा सके।
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पहले भी हुई थी CCS की बैठक
यह बैठक, जिसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया, पिछले 10 दिनों में CCS की दूसरी बैठक थी। इससे पहले, 23 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने CCS की बैठक की थी। बैठक में पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव को कम करने के उपायों का आकलन किया गया था।
बैठक में पश्चिम एशिया संकट के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का आकलन किया गया। इसके भारत पर असर पर भी विचार किया गया। तत्काल और दीर्घकालिक प्रतिरोधात्मक उपायों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि संकट का असर नागरिकों पर कम से कम पड़े। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मिलकर काम करें। इससे कोई नागरिक असुविधा का सामना न करे।