पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने की CCS बैठक, सरकार बोली-पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होगी
समझें क्या है पूरा मामला
- PM मोदी ने CCS बैठक की अध्यक्षता की।
- पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत चर्चा हुई।
- ऊर्जा सुरक्षा और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा हुई।
- विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान दिया।
- एजेंसियों को तेज कार्रवाई के निर्देश दिए।
क्यों बुलाई गई यह बैठक
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की समीक्षा के लिए बैठक (ccs meeting ) बुलाई। बैठक में मौजूदा संकट से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से बात हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी घटनाक्रमों की नियमित निगरानी के लिए एक समन्वित व्यवस्था तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों के हित में जरूरी फैसले बिना देरी लागू हों।
समुद्री यात्रियों की सुरक्षा पर खास ध्यान
बैठक में संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय समुद्री यात्रियों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। यह जहाज घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के झंडों वाले हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया कि इन यात्रियों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी और आपातकालीन सहायता मिले। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को संघर्ष के असर से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। इसके लिए जरूरी परामर्श सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उर्वरक आपूर्ति पर सरकार की नजर
बैठक में आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की मांग और उपलब्धता का आकलन किया गया। वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त
कैबिनेट सचिव ने बैठक में बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि एलपीजी आयात के स्रोतों में पहले ही विविधता लाई जा चुकी है।
देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां भी अपनी पूरी क्षमता से ज्यादा पर काम कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की निरंतर आपूर्ति बनी हुई है। गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार पर भी प्रगति की जानकारी दी गई।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों से दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उनके अनुसार इससे भविष्य के ऊर्जा संकटों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
सरकार को टीम की तरह काम करने का निर्देश
बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार को एक टीम की तरह काम करना होगा। उन्होंने सभी मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
उनके अनुसार नागरिकों के हित सबसे ऊपर हैं। सुरक्षा और जरूरी सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाने चाहिए।
ये भी पढ़ें...
पश्चिम एशिया में सीजफायर, भारत ने साधा ईरान से संपर्क, होर्मुज में फंसे 16 जहाजों को लाने की तैयारी
पश्चिम एशिया संकट: एयर इंडिया ने 31 मई तक इजरायल फ्लाइट रोकी, 40 हजार भारतीय फंसे
बस ड्राइवर निकला अरबपति! घर से मिला 28 करोड़ कैश और 15 किलो सोना
रेप मामले में एमपी पुलिस के तत्कालीन AIG को उम्रकैद, पॉस्को कोर्ट ने सुनाया फैसला