विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी ने बुलाई कैबिनेट बैठक, जानें किन मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 21 मई को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। यह बैठक नई दिल्ली के सेवा तीर्थ' में शाम 4 बजे होगी।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में सरकार के सभी मंत्री शामिल होने वाले हैं। खास बात यह है कि पूरे एक साल के लंबे अंतराल के बाद मंत्रिपरिषद की यह बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक को मोदी सरकार 3.0 के कामकाज की एक बड़ी मध्यावधि समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने हाल ही में अपनी पांच दिनों की विदेश यात्रा पूरी की है और वहां से लौटते ही उन्होंने यह बैठक बुलाई है, जिससे इसकी अहमियत और ज्यादा बढ़ गई है।
| मुख्य बिंदु (Parameters) | विवरण (Details) |
| बैठक का समय और दिन | गुरुवार, शाम 4 बजे |
| बैठक की जगह | 'सेवा तीर्थ', नई दिल्ली |
| कौन-कौन शामिल होगा? | सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री |
| मुख्य एजेंडा | मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा, बड़े फैसलों के नतीजे और भविष्य का प्लान |
| विशेष परिस्थिति | पश्चिम एशिया संकट और कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच बैठक |
मंत्रालयों के कामकाज और योजनाओं पर चर्चा
इस बैठक में मुख्य रूप से सभी मंत्रालयों और अलग-अलग विभागों के कामकाज का पूरा हिसाब-किताब देखा जाएगा। सरकार ने पिछले समय में जो भी बड़े फैसले लिए हैं, उनके क्या नतीजे निकले हैं, इस पर बात होगी।
इसके साथ ही आने वाले समय में सरकार की क्या योजनाएं हैं, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
सरकार की जो भी बड़ी योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, उनकी मौजूदा स्थिति क्या है। उन्हें आम जनता तक ज्यादा से ज्यादा फायदेमंद तरीके से कैसे पहुंचाया जाए, इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
पश्चिम एशिया संकट और आर्थिक प्रभाव पर नजर
इस समय दुनिया में पश्चिम एशिया संकट चल रहा है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस माहौल में हो रही बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उससे भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का जिक्र कर सकते हैं।
पीएम मोदी इस बात पर जोर दे सकते हैं कि दुनिया के इन हालातों की वजह से देश के आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों को जरूरी निर्देश दिए जा सकते हैं।
- ऊर्जा विभाग: तेल और गैस की सप्लाई को लेकर जरूरी कदम उठाना।
- कृषि और उर्वरक : किसानों को खाद और अन्य चीजों की कमी न होने देना।
- विमानन और जहाजरानी : ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स को सुचारू रूप से चलाना।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद भी पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया था। कहा था कि प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं ताकि देश में किसी तरह की कोई दिक्कत न आए।
मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि इस समय मोदी सरकार 3.0 के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।
साल 2024 में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनी थी और इस कैबिनेट ने 10 जून, 2024 को शपथ ली थी। अब खबरें आ रही हैं कि जून के दूसरे सप्ताह में मोदी कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल हो सकता है।
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