PM मोदी बोले- परिसीमन से किसी के साथ नहीं होगा अन्याय, नारी शक्ति का हक छीनने वालों को माफी नहीं

Jitendra Shrivastava | Apr 16, 2026, 17:35 IST
Photograph: (thesootr)
PM मोदी ने लोकसभा में परिसीमन (Delimitation) पर भेदभाव नहीं होने की गारंटी दी। महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को जवाब देते हुए नारी शक्ति की बात कही।

News In Short

  • परिसीमन में किसी राज्य से भेदभाव नहीं होगा।
  • लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 850 होंगी।
  • महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र बुलाया गया।
  • नारी शक्ति का हक छीनने वालों को माफी नहीं।
  • PM मोदी ने विपक्ष को क्रेडिट देने की पेशकश की।

News In Detail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण बिल पर अहम बयान दिए। उन्होंने लोकसभा में गारंटी दी कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। महिला आरक्षण को नारी शक्ति का हक बताते हुए उन्होंने विपक्ष को कड़ा जवाब दिया।



संसद का विशेष सत्र क्यों बुलाया?

सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक विशेष संसद सत्र बुलाया है। इस सत्र में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा हो रही है। इस बिल के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में सीटें बढ़ाई जाएंगी। प्रस्ताव है कि लोकसभा की सीटें 545 से बढ़ाकर 850 की जाएं। यह बदलाव परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के तहत होगा।



महिला आरक्षण बिल पर PM का बड़ा बयान

PM मोदी ने महिला आरक्षण (Women Reservation) बिल पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जो दल इसका विरोध करते हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करती। हर चुनाव में ऐसे दलों को परिणाम भुगतने पड़े हैं। महिला आरक्षण को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। नारी शक्ति को यह उनका संवैधानिक हक है।



नारी शक्ति का हक- PM मोदी की अपील

PM ने कहा कि महिला आरक्षण देना कोई एहसान नहीं है। यह देश की नारी शक्ति (Nari Shakti) का वैध अधिकार है। कई दशकों से यह अधिकार रोका जाता रहा है। अब इस गलती का प्रायश्चित करने का समय आ गया है। सरकार इस बिल के पक्ष में दृढ़ता से खड़ी है।



महिला आरक्षण में तकनीकी अड़चनें

PM मोदी ने माना कि पहले भी महिला आरक्षण को रोका गया। हर बार कोई न कोई तकनीकी बाधा खड़ी की गई। लेकिन अब सरकार इसे पारित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि चालाकी और बहाने का दौर खत्म हो गया है। देश की नारी शक्ति (Nari Shakti) का इंतजार अब और नहीं।



परिसीमन का इतिहास क्या है?

पहले आम चुनाव में लोकसभा में 489 सीटें थीं। 1971 की जनगणना के आधार पर 1976 में पहला परिसीमन हुआ। उस समय सीटें बढ़कर 543 हो गई थीं। अब नए परिसीमन (Delimitation) से सीटें 850 तक पहुंच सकती हैं। यह भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।



भारत में परिसीमन (Delimitation) यानी निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण चार बार हुआ है। भारत में अब तक चार परिसीमन आयोग (1952, 1963, 1973, 2002) गठित हुए हैं, और अगला परिसीमन 2026 में हो सकता है।



pm modi delimitation


PM मोदी ने भेदभाव न होने की गारंटी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट किया कि परिसीमन में किसी राज्य से भेदभाव नहीं होगा। विपक्ष द्वारा उठाई गई आशंकाओं का उन्होंने सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और संविधान सम्मत होगी। हर राज्य की जनसंख्या के आधार पर सीटें तय होंगी। इसमें कोई राजनीतिक भेदभाव नहीं होगा।



विपक्ष को मिला क्रेडिट का ब्लैंक चेक

PM मोदी ने विपक्ष से कहा कि उन्हें क्रेडिट की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने पर सभी दलों की फोटो छपवाएंगे। यह विपक्ष के लिए एक खुली पेशकश थी। मोदी ने कहा कि राष्ट्र हित में सहयोग सबसे जरूरी है। उन्होंने विपक्ष को क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने की बात कही।



सदन में तीखी बहस और हंगामा

परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने इसे दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय बताया। सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया। PM मोदी ने शांत लेकिन दृढ़ स्वर में अपना पक्ष रखा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यह प्रक्रिया न्यायसंगत होगी।



FAQ

  1. परिसीमन (Delimitation) क्या है और इसका भारतीय राजनीति पर क्या असर होगा?
    परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाएं और संख्या निर्धारित की जाती हैं। 1976 के बाद पहली बार लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। PM मोदी ने गारंटी दी है कि इस परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा।
  2. महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) में क्या प्रावधान है और इसे कब लागू किया जाएगा?
    महिला आरक्षण बिल के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव है। PM मोदी ने इसे नारी शक्ति का संवैधानिक हक बताया है। संसद के विशेष सत्र में इस बिल पर व्यापक चर्चा हो रही है। इसे परिसीमन प्रक्रिया के बाद लागू किया जाएगा। PM ने स्पष्ट किया कि सरकार इसे पारित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  3. PM मोदी ने विपक्ष को क्रेडिट का ब्लैंक चेक क्यों दिया?
    PM मोदी ने लोकसभा में कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने पर उन्हें व्यक्तिगत क्रेडिट की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे राष्ट्र हित में इस बिल का समर्थन करें। उन्होंने घोषणा की कि बिल पारित होने पर सभी दलों के नेताओं को श्रेय देते हुए विज्ञापन छपवाएंगे।

ये खबरें भी पढ़ें...



सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका की खारिज, जानें क्या बोले CJI



नेपाल के PM बालेन शाह का आदेश: 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की होगी जांच



एक गलती और ब्लैकलिस्ट होगा FASTag! अब टोल पर नहीं चलेगी चालाकी



जनगणना 2027: आज से आठ राज्यों में डिजिटल जनगणना शुरू, जानें शेड्यूल





Tags:
  • महिला आरक्षण बिल
  • परिसीमन
  • PM मोदी
  • संसद सत्र
  • लोकसभा सीट