युद्ध के संकट को लेकर पीएम मोदी बोले-हालात बदल रहे हैं, संकट बढ़ रहा है, हमें तैयार रहना होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 24 मार्च को राज्यसभा में 21 मिनट तक पश्चिम एशिया के हालात पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान से जंग जारी रही तो इसके खतरनाक असर हो सकते हैं। आने वाला समय देश के लिए बड़ी परीक्षा जैसा होगा। इसमें सफलता पाने के लिए राज्यों का साथ बेहद जरूरी होगा।
युद्ध के संकट से मुश्किल में भारत
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस संकट से भारत की स्थिति भी मुश्किल में है। हमारे व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस, तेल, फर्टिलाइजर्स जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रुक रही है। होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू भी फंसे हुए हैं।
पीएम मोदी बोले- तैयार रहना होगा
कल 23 मार्च को प्रधानमंत्री ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण जो मुश्किल हालात बने हैं उनका असर लंबे वक्त तक रह सकता है। इसलिए हमें इसके लिए तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा।
उन्होंने ये भी कहा कि जैसे हम कोरोना के दौरान एकजुट होकर बड़ी चुनौतियों का सामना कर पाए थे, ठीक वैसे ही हमें अब भी एक साथ मिलकर इन मुश्किलों का सामना करना होगा।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई खतरे में
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट बढ़ गया है। भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं। इनमें भारतीय क्रू भी हैं। यह भारत के लिए एक बड़ा चिंता का कारण बन चुका है।
गल्फ देशों से लगातार संपर्क में भारत
भारत ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी समस्या का हल बातचीत से ही निकलना चाहिए। कमर्शियल जहाजों पर हमला बिल्कुल भी मंजूर नहीं किया जा सकता। वहीं भारत वेस्ट एशिया, गल्फ देशों, अमेरिका और इजराइल के साथ लगातार संपर्क में है।
भारत ने बढ़ाए इंपोर्ट सोर्सेस
अब भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है। पहले ये संख्या 27 देशों तक सीमित थी। सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि सप्लाई बनी रहे। अब कई देशों से ऊर्जा लेने से सप्लाई में लचीलापन आया है।
सप्लाई संकट पैदा हो सकते हैं
अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें कई छात्र भी शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि फिलहाल सप्लाई संभाली जा रही है। वहीं यदि हालात ऐसे ही लंबे समय तक रहे तो इससे बड़े आर्थिक और सप्लाई संकट पैदा हो सकते हैं।
हर चुनौती के लिए तैयार रहें देशवासी- मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सभी राज्य सरकार से अपील करना चाहते हैं कि, जो गरीब और श्रमिक हैं उन पर बुरा असर न पड़े। इसके लिए पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ लगातार मिलता रहे। इसके लिए प्रोएक्टिव कदम उठाए जाएं और राज्य सरकारें विशेष इंतजाम करें।
ऐसे समय में कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले एक्टिव हो जाते हैं। इसलिए जहां भी शिकायतें आएं वहां तुरंत कार्रवाई करें।
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि संकट चाहे कितना भी बड़ा हो भारत की तेज ग्रोथ को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हमें तेजी से रिफॉर्म करते रहना होगा। जैसे कोरोना संकट में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर कोविड मैनेजमेंट का बेहतरीन मॉडल पेश किया था। वैसे ही हमें आगे भी उसी भावना से काम करना है।
राज्यों और केंद्र के प्रयासों से ही देश इस संकट का सामना कर पाएगा। यह संकट अलग प्रकार का है। इसका समाधान भी अलग होगा। हमें धीरज, संयम और शांतिपूर्वक इस संकट का मुकाबला करना होगा। क्योंकि हालात पल-पल बदल रहे हैं।
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