PM मोदी ने राज्यसभा में पढ़ी नेहरू की चिट्ठी, कांग्रेस पर साधा निशाना

Vikram Jain | Feb 07, 2024, 21:23 IST
राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने पढ़ी जवाहरलाल नेहरू की चिट्ठी
पीएम मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने जवाहर लाल नेहरू की उस दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी का भी जिक्र किया।

NEW DELHI. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की उस दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी का भी जिक्र किया। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि आजकल जाति की बात होने लगी है। मैं कहता हूं जाति की क्यों जरूरत पड़ गई है? कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके। दलित, पिछड़े और आदिवासी की कांग्रेस जन्मजात विरोधी रही है और आज जाति की बात कर रही है।



नेहरू जी ने लिखी थी मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी


पीएम मोदी ने जिक्र किया कि नेहरू जी कहते थे कि अगर एससी/एसटी, ओबीसी को नौकरी में आरक्षण मिला तो सरकारी कामकाज का स्तर गिर जाएगा। आज जो ये आंकड़े गिनाते हैं, उसका मूल यही है। अगर उस समय सरकार में भर्ती हुई होती, तो वो प्रमोशन के बाद आगे बढ़ते और आज यहां पहुंचते। पीएम मोदी ने कहा, "एक बार नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें लिखा था कि "मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं। मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं जो अकुशलता को बढ़ावा दे, जो दोयम दर्जे की तरफ ले जाए।" इसी के आधार पर मैं कहता हूं कि कांग्रेस आरक्षण की जन्मजात विरोधी है।"



बाबा साहेब ना होते तो आरक्षण नहीं मिलता



पीएम मोदी ने कहा कि 'बाबा साहेब ना होते तो शायद एससी-एसटी को आरक्षण मिलता या नहीं, ये भी मालूम नहीं। मेरे पास प्रमाण है। इनकी सोच आज से नहीं, उस समय से ऐसी है। मैं प्रमाण के बिना यहां नहीं आया। बातें उठी हैं तो तैयारी रखनी चाहिए। मेरा परिचय तो हो चुका है ना...10 साल हो गए हैं।



प्रधानमंत्री ने पढ़ी नेहरू की चिट्ठी



पीएम मोदी ने कहा, "मैं आदरपूर्वक नेहरूजी को ज्यादा याद करता हूं। मैं एक कोट नेहरूजी का पढ़ रहा हूं। एक बार नेहरूजी ने चिट्ठी मुख्यमंत्रियों को लिखी। उसमें उन्होंने लिखा - मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता। खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं। मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं, जो अकुशलता को बढावा दे, जो दोयम दर्जे की तरफ ले जाए।



नेहरूजी ने कहा था, 'मैं भारत को हर मामले में फर्स्ट क्लास देश के तौर पर देखना चाहता हूं। जिस वक्त हम सेकेंड क्लास को प्रोत्साहित करेंगे, उसी वक्त हम हार जाएंगे।' पंडित नेहरू ने कहा था कि पिछड़े समूहों को मदद करने का एकमात्र तरीका यही है कि उन्हें शिक्षा के अच्छे अवसर दिए जाएं। लेकिन यदि हम संप्रदाय और जाति के आधार पर आरक्षण की ओर बढ़ते हैं तो फिर हम काबिल लोगों को खो देंगे और सेकेंड रेट और थर्ड रेट को आगे बढ़ा देंगे।'



कांग्रेस ने अधिकारों से वंचित रखा



पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा नेहरूजी ने जो कहा वो कांग्रेस के लिए पत्थर की लकीर होता है। आपकी सोच ऐसे कई उदाहरणों से सिद्ध होती है। एक उदाहरण जरूर दूंगा। जम्मू-कश्मीर का उदाहरण। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के एससी-एसटी, ओबीसी को 7 दशकों तक उनके अधिकारों से वंचित रखा। आर्टिकल 370, हम जितनी जीतेंगे उसकी बात नहीं कर रहा हूं। आर्टिकल 370 को निरस्त किया तो एससी-एसटी-ओबीसी को अधिकार मिले, जो देश के लोगों को बरसों से मिले हुए थे।



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