दिल्ली विधानसभा चुनाव : क्या दलित के सहारे खाता खोलेगी कांग्रेस, AAP को क्या होगा नुकसान, ऐसे समझिए इनसाइड स्टोरी

Sandeep Kumar | Sept 09, 2024, 24:18 IST
DELHI
दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 से पहले एक के बाद एक झटके आम आदमी पार्टी को लग रहे है। सियासी पंडितों की माने तो ये झटके आने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party ) को भारी पड़ सकते हैं ।

दिल्ली विधानसभा चुनाव ( Delhi Assembly Election ) 2025 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इलेक्शन कमीशन (Election Commission ) ने इलेक्टोरल रोल (Electoral Roll ) को रिवाइज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दिल्ली के सीमापुरी विधानसभा से आप (AAP ) विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली है। दलितों के प्रति दिल्ली सरकार और पार्टी नेतृत्व की नीतियों से खफा गौतम अब कांग्रेस (Congress ) के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की सत्ता पर कांग्रेस का कब्जा था। इसके बाद दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ मिलकर एक आंदोलन चलाकर दिल्ली की तत्कालीन कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार को उखाड़कर फेक दिया था। साल 2013 में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में एंट्री होते ही कांग्रेस दिल्ली में लगभग हाशिए पर चली गई थी। साल 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में तो कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले राजेंद्र पाल गौतम से AAP को क्या नुकसान होगा और कांग्रेस को सियासी समर में क्या फायदा होगा?



https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-garbhkal-the-sootr-survey-6952867



राजेंद्र पाल करवा सकते हैं वोट ट्रांसफर !

आम आदमी पार्टी से बगावत कर कांग्रेस का दामन थामने वाले नेता राजेंद्र पाल गौतम ने जाति जनगणना का खुला समर्थन किया है। क्योंकि वे एक दलित चेहरा हैं। सियासी पंडितों की माने तो दिल्ली में दलित मतदाताओं को बीच एक बड़ा चेहरा मिल गया है जो दलितों का वोट कांग्रेस में ट्रांसफर करा सकता है।



कांग्रेस ने दिया आप AAP को झटका

दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने AAP को झटका दे दिया है। सत्ताधारी AAP के बड़े दलित चेहरे राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam ) ने कांग्रेस का दामन थामकर आम आदमी पार्टी (AAP ) को बड़ा झटका दिया। ये AAP के लिए दूसरा बड़ा झटका है, क्योंकि 2025 चुनाव से पहले दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे राजकुमार आनंद ( Rajkumar Anand ) ने भी पहले बीएसपी और फिर बीजेपी का दामन थाम लिया है।



आरक्षित सीटों पर है AAP का कब्जा

दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटों में से करीब 12 सीटें आरक्षित हैं। चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक 2013 दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP ने आरक्षित 8 सीटों पर, वहीं 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में कुल 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दिल्ली में दलित मतदाताओं (dalit voters ) की अनुमानित आबादी करीब 20 प्रतिशत है।



thesootr links

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • कांग्रेस
  • अरविंद केजरीवाल
  • बीजेपी
  • पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम
  • दिल्ली विधानसभा चुनाव
  • Delhi assembly elections