जिस बेटी की चिता जलाई, वही बोली- अरे अम्मा, हम जियत हईं... अब सवाल, किसका था शव?
वीडियो कॉल पर प्रीति ने अपनी मां से कहा, 'अरे अम्मा, हम जियत हईं...' बेटी को जिंदा देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं, पुलिस के सामने अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आखिर गोरखपुर में मिला वह शव किस युवती का था, जिसका अंतिम संस्कार प्रीति समझकर कर दिया गया?
2023 में घर से लापता हुई थी प्रीति
प्रीति प्रयागराज के लाल गोपालगंज स्थित उमरावगंज की रहने वाली हैं। उनकी उम्र 30 साल है। उनके पिता का नाम बनवारी लाल है। वह 13 मई 2023 को अचानक घर से लापता हो गई थीं। प्रीति के घर नहीं लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। उनकी मां कमला देवी और दूसरे परिजनों ने काफी खोजा। लेकिन प्रीति का कोई पता नहीं चला।
परिवार को एक रिश्तेदार पर शक भी हुआ था। इसके बाद 16 मई को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस और परिवार ने उन्हें खोजने की कोशिश की। लेकिन तीन साल से ज्यादा समय तक उनका कोई पता नहीं चला।
गोरखपुर में मिला था एक युवती का शव
काफी समय बीतने के बाद 30 सितंबर 2026 को मामले में नया मोड़ आया। गोरखपुर पुलिस को चिलुआताल नदी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव मिला था। पुलिस ने Yash ऐप के जरिए जानकारी का मिलान किया। इसके बाद परिवार को शव के बारे में सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग गोरखपुर पहुंचे।
किन निशानों से परिवार ने की पहचान?
परिवार ने शव के कपड़ों और शरीर पर मौजूद निशानों को देखा। हाथ पर टैटू बना हुआ था। नाक पर तिल भी था। इसके अलावा शरीर पर जलने के निशान मौजूद थे। इन निशानों के आधार पर परिवार ने युवती को प्रीति मान लिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने 4 अक्टूबर को अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, उस समय DNA रिपोर्ट नहीं आई थी। अब प्रीति के जिंदा मिलने से शव की पहचान पर सवाल उठ गए हैं।
अंतिम संस्कार के बाद गुजरात से आया फोन
रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार को लगा था कि उनकी बेटी अब नहीं रही। उन्होंने प्रीति की तेरहवीं भी कर दी थी। घर में मातम का माहौल था। लेकिन इसके बाद एक फोन ने पूरे मामले को बदल दिया। शनिवार को सोरांव के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को गुजरात से फोन आया। यह फोन वडोदरा नारी संरक्षण केंद्र से किया गया था। केंद्र ने बताया कि प्रीति वहां सुरक्षित हैं।
यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने परिवार से संपर्क किया। शुरुआत में मां कमला देवी को इस बात पर भरोसा नहीं हुआ। जिस बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया था, उसके जिंदा होने की खबर चौंकाने वाली थी। रिपोर्ट में यह जानकारी नहीं दी गई है कि प्रीति वडोदरा कैसे पहुंचीं।
वीडियो कॉल पर मां ने बेटी को देखा
पुलिस ने कमला देवी की वीडियो कॉल पर प्रीति से बात कराई। स्क्रीन पर बेटी को देखकर परिवार भावुक हो गया। हालांकि, परिवार ने पहचान को लेकर पूरी तरह भरोसा करने से पहले कुछ और लोगों से बात कराई। गांव के कई परिचित लोगों को भी वीडियो कॉल पर जोड़ा गया। प्रीति ने उन्हें पहचान लिया। उन्होंने लोगों के नाम बताए और पुरानी बातें भी याद दिलाईं। इसके बाद परिवार को यकीन हो गया कि वीडियो कॉल पर दिख रही युवती प्रीति ही हैं।
अरे अम्मा, हम जियत हईं- युवती
वीडियो कॉल पर प्रीति ने अपनी मां से कहा, "अरे अम्मा, हम जियत हईं…" बेटी की आवाज सुनकर मां भावुक हो गईं। परिवार के लिए यह बहुत बड़ा पल था। जिस बेटी को मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था, वह अब जिंदा सामने थी।तीन साल से ज्यादा समय तक बेटी की तलाश के बाद परिवार को राहत मिली। लेकिन इस मामले का एक बड़ा सवाल अब भी बाकी है।
अब किसका था गोरखपुर में मिला शव?
प्रीति के जिंदा मिलने के बाद गोरखपुर में मिले शव की पहचान पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने कपड़ों, टैटू, तिल और जलने के निशानों से शव को प्रीति समझा था। अब पुलिस को पता लगाना है कि वह शव किस युवती का था। क्या पहचान में गलती हुई थी? या फिर शव किसी दूसरी लापता युवती का था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे।
DNA रिपोर्ट से खुलेगा राज?
इस मामले में DNA रिपोर्ट अहम हो सकती है। रिपोर्ट से शव की पहचान की जांच में मदद मिल सकती है। फिलहाल प्रीति के जिंदा मिलने से उनके परिवार को राहत मिली है। हालांकि, गोरखपुर में मिले शव की असली पहचान अब भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। DNA रिपोर्ट और जांच के नतीजों के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
FAQs
- प्रीति कहां मिली हैं?
प्रीति गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में सुरक्षित मिली हैं। - परिवार ने किस शव का अंतिम संस्कार किया था?
परिवार ने गोरखपुर में मिली एक अज्ञात युवती के शव का अंतिम संस्कार किया था, जिसकी असली पहचान अभी सामने नहीं आई है। - क्या डीएनए रिपोर्ट से शव की पहचान होगी?
अभी पक्का नहीं कहा जा सकता, लेकिन डीएनए रिपोर्ट अज्ञात शव की पहचान की जांच में मदद कर सकती है।