एमपी के दीपक लोधी की मौत का मामला: मथुरा पुलिस जांच में तीसरा फुटेज, जानें प्रेमानंद आश्रम सुसाइड केस की पूरी टाइमलाइन
समझें क्या है पूरा मामला
- 25 सितंबर को वृंदावन में साधक दीपक लोधी की मौत हुई।
- वे रसिक दुलारी शरण नाम से आश्रम में रहते थे।
- परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं।
- आश्रम के बाहर हंगामा हुआ और ट्रस्ट ने अपील जारी की।
- अब एक नेता ने आश्रम में दो गुटों का दावा किया है।
कौन थे दीपक लोधी
दीपक लोधी 25 साल के थे। वे मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वे वृंदावन आए। यहां उन्होंने Premanand Maharaj से दीक्षा ली। दीक्षा के बाद उन्हें रसिक दुलारी शरण नाम मिलबिजली का काम जानने के कारण उन्हें आश्रम में सेवा मिली। वे तीन महीने से वाराह घाट के गुरु कृपा कुंज भवन में रहते थे।
25 सितंबर की सुबह क्या हुआ
घटना शुक्रवार, 25 सितंबर की सुबह करीब साढे 10 बजे की है। पुलिस के मुताबिक रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल पर गए। कुछ देर बाद वे नीचे गिर गए। उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरुआत में क्या माना
क्षेत्राधिकारी (सीओ) संजीव कुमार ने शुरुआती आकलन बताया। सीसीटीवी (निगरानी कैमरा) फुटेज आत्महत्या की ओर इशारा करता है। लेकिन परिवार की शिकायत के बाद पुलिस हर पहलू देख रही है।
26 सितंबर को डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्टों में शरीर पर गंभीर चोटों का जिक्र है। इनकी वजह जांच में है।
क्या है टाइमलाइन: 25 सितंबर से 5 अक्टूबर
- 25 सितंबर: चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक लोधी की मौत हुई।
- 26 सितंबर: डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया।
- अक्टूबर की शुरुआत: पुलिस ने 5 टीमें बनाईं, 50 लोगों से पूछताछ की।
- 3 अक्टूबर: परिजनों ने सच जानने की मांग पर आश्रम के बाहर हंगामा किया।
- 4 अक्टूबर: मौत के 9 दिन बाद ट्रस्ट की अपील आई।
- 5 अक्टूबर: तीसरा सीसीटीवी फुटेज सामने आया।
परिवार की सीबीआई जांच की मांग
दीपक का अंतिम संस्कार परिजनों की मौजूदगी में वृंदावन में हुआ। परिवार पुलिस को शिकायत दे चुका है। परिजन आत्महत्या वाली बात मानने को तैयार नहीं हैं। वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच चाहते हैं। देशभर के कुछ संत भी न्यायिक जांच मांग रहे हैं।
राधा केलि कुंज आश्रम ट्रस्ट की अपील
राधा केलि कुंज आश्रम ट्रस्ट ने 9 दिन बाद अपील जारी की। ट्रस्ट के मुताबिक प्रेमानंद महाराज घटना से बेहद आहत हैं। ट्रस्ट ने परिवार से सहानुभूति जताई। उसने निष्पक्ष जांच में सहयोग की बात कही।
यह अपील Radha Keli Kunj ashram के बाहर हंगामे के बीच आई। तब तीन परिवार भी पहुंचे थे। वे अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे थे।
असली बनाम नकली संत का दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने बडा दावा किया।
फलाहारी का आरोप है कि नकली गुट जमीनों का धंधा करता है। उनके मुताबिक इस गुट ने करीब 15 आश्रमों पर कब्जा किया है। वे कहते हैं कि प्रेमानंद महाराज दुखी होकर बेलवन आश्रम चले गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जेड प्लस सुरक्षा मांगी है।
ये दावे अभी साबित नहीं हुए हैं। दीपक की मौत से इनके सीधे संबंध की पुष्टि भी नहीं हुई है।
आज की ताजा स्थिति, 5 अक्टूबर
तीसरा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। 29 सेकंड के वीडियो में रसिक दुलारी शरण सीढियों से छत जाते दिखते हैं। मौत की वजह पर अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलू देख रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने मोबाइल की फॉरेंसिक जांच का इंतजार बताया। ब्लड टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट भी आनी है।
इस Vrindavan ashram मामले में मथुरा पुलिस जांच जारी है। एक अन्य साधक की भूमिका भी देखी जा रही है। एक फुटेज में वह ऊपर जाते दिखा है।
एफआईआर (प्राथमिकी) की स्थिति आजतक की 4 अक्टूबर की रिपोर्ट में साफ नहीं थी। ताजा स्थिति पुलिस से पुष्ट करना जरूरी है।
FAQ
- दीपक लोधी की मौत कब और कैसे हुई?
दीपक लोधी की मौत 25 सितंबर को वृंदावन में हुई, जब वे चौथी मंजिल से गिर गए। पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या की ओर इशारा किया था। - दीपक लोधी के परिवार की क्या मांग है?
दीपक लोधी के परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है और वे सीबीआई जांच की भी मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे आत्महत्या की थ्योरी को मानने को तैयार नहीं हैं। - राधा केलि कुंज आश्रम ट्रस्ट का क्या प्रतिक्रिया है?
राधा केलि कुंज आश्रम ट्रस्ट ने घटना के 9 दिन बाद अपील जारी की, जिसमें उन्होंने परिवार से सहानुभूति जताई और निष्पक्ष जांच में सहयोग करने की बात कही।