E20 के बीच E10 की वापसी! 24 करोड़ गाड़ियों को मिलेगा विकल्प, देना होगा ज्यादा दाम

Aman Vaishnav | Aug 28, 2026, 08:45 IST
E10 की वापसी
E10 की वापसी
20% एथेनॉल वाले E20 पेट्रोल के विरोध के बीच सरकार नए विकल्प पर विचार कर रही है। अप्रैल 2023 से पहले बनी 24 करोड़ पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल फिर से लाया जा सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सरकार ई20 पेट्रोल के विरोध के बीच नए विकल्प पर विचार कर रही है।
  • अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लिए ई10 पेट्रोल फिर लाया जा सकता है।
  • यह प्रीमियम यानी हाई-ऑक्टेन पेट्रोल के साथ मिलेगा इसलिए सामान्य से महंगा होगा।
  • बीपीसीएल के चेयरमैन ने कहा है कि यह ई20 की जगह नहीं लेगा।
  • FADA के मुताबिक करीब 24 करोड़ पुरानी गाड़ियां ई20 से प्रभावित हो सकती हैं।

देश में इस समय ई20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचा जा रहा है। कई पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने इसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। इसी विरोध के बीच (ई20 से गाड़ी खराब) सरकार ने एक नए विकल्प पर मंथन शुरू किया है।



क्यों लाया जा रहा है ई10 पेट्रोल?

जानकारी के अनुसार अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लिए ई10 पेट्रोल दोबारा लाया जा सकता है। इसे एक्सपी95 और पावर95 जैसे हाई-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल के साथ बेचने पर विचार हो रहा है। इसके लिए सरकारी तेल कंपनियों से सलाह-मशविरा चल रहा है।



इस तरीके का एक बड़ा फायदा है। पेट्रोल पंपों पर नया इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाना पड़ेगा। मौजूदा हाई-ऑक्टेन सुविधा का ही इस्तेमाल होगा।



बीपीसीएल के चेयरमैन ने गुरुवार को इस पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि ई10 पेट्रोल लाने पर विचार जारी है। साथ ही स्पष्ट किया कि यह मौजूदा ई20 की जगह नहीं लेगा। यह एक अलग और अतिरिक्त विकल्प होगा।



कितनी महंगी होगी प्रीमियम पेट्रोल?

हाई-ऑक्टेन पेट्रोल सामान्य पेट्रोल से 10 से 15 प्रतिशत महंगा हो सकता है। यानी पुराने वाहन चालकों को हर लीटर पर ज्यादा कीमत चुकानी होगी। हालांकि बदले में उन्हें इंजन खराब होने के जोखिम से राहत मिलेगी।



यह प्रीमियम पेट्रोल हर पेट्रोल पंप पर उपलब्ध नहीं होगा। शुरुआत में सीमित पंपों पर ही यह सुविधा मिल सकती है।



किन गाड़ियों को मिलेगा फायदा?

फाडा (FADA – Federation of Automobile Dealers Associations) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2023 के बाद बिकीं करीब 7 करोड़ कारें और टू-व्हीलर ई20 के लिए सुरक्षित बताए गए हैं। इसके उलट उससे पहले बिकीं करीब 24 करोड़ पुरानी गाड़ियां जोखिम में हैं।



इन पुरानी गाड़ियों में ई20 के इस्तेमाल से इंजन और माइलेज को नुकसान का अंदेशा जताया गया है। यही वजह है कि इन्हीं गाड़ियों के लिए ई10 विकल्प लाने पर विचार हो रहा है।



लागू करने में क्या चुनौतियां हैं?

इस योजना को लागू करना आसान नहीं होगा। एक ही पेट्रोल पंप पर अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन बेचना सप्लाई चेन के लिए चुनौती है। तेल कंपनियों को स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन का नया ढांचा बनाना होगा।



प्रीमियम पेट्रोल की सीमित उपलब्धता भी एक अड़चन है। हर शहर और हर पंप पर एक साथ यह सुविधा शुरू करना मुश्किल हो सकता है।



तकनीकी तौर पर कितना सेफ है?

रिपोर्ट के मुताबिक हाई-ऑक्टेन यानी ऑक्टेन 95 ईंधन में खास तरह के केमिकल होते हैं। ये इंजन को साफ रखने और जंग रोकने में मदद करते हैं। 10 प्रतिशत एथेनॉल के साथ मिलकर ये केमिकल ई20 से जुड़े दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर देते हैं।



इससे गाड़ी के रबर पाइप, गैस्केट और इंजेक्टर खराब होने का खतरा भी घटता है। यही वजह है कि इसे तकनीकी रूप से पुरानी गाड़ियों के लिए बेहतर बताया जा रहा है।



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