शिवाजी प्रतिमा गिरने पर पीएम नरेंद्र मोदी बोले- वे हमारे लिए पूजनीय हैं , मैं क्षमा मांगता हूं
NEWDELHI. महाराष्ट्र के पालघर में सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सिंधुदुर्ग में जो हुआ, वो बेहद अफसोसजनक है। छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं। हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक महाराजा नहीं हैं वे हमारे लिए पूजनीय हैं। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने नतमस्तक हूं और उनसे क्षमा मांगता हूं। इससे पहले प्रतिमा गिरने के मामले में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार भी माफी मांग चुके हैं।
शिवाजी महाराज सिर्फ महाराजा नहीं हमारे लिए पूजनीय हैं
कोल्हापुर के सिंधुदुर्ग में शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने का मामला काफी सुर्खियों में है। इस मामले में पुलिस ने स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट और ठेकेदार चेतन पाटिल को गिरफ्तार भी कर लिया है। महा विकास अघाड़ी इस मामले का मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार को घेर रही है। शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लेकर हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 30 अगस्त को पालघर पहुंचे। पीएम मोदी ने शिवाजी की प्रतिमा गिरने के मामले में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। जनसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले सिंधुदुर्ग में जो हुआ वह अफसोसजनक है। छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं। हमारे लिए शिवाजी महाराज सिर्फ एक महाराजा नहीं हैं वे हमारे लिए पूजनीय हैं। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने नतमस्तक हूं और उनसे क्षमा मांगता हूं।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल-अयोध्या कैंट के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन
26 अगस्त को गिरी थी शिवाजी महाराज की प्रतिमा
शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा 26 अगस्त को गिरी थी। इसके बाद सिंधुदुर्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। इसमें ठाणे के मूर्तिकार जयदीप आप्टे का नाम भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं सिर झुकाकर अपने भगवान शिवाजी महाराज से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे मूल्य अलग हैं, हम वो नहीं हैं जो गाली देते रहते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में कुछ लोग भारत माता के महान सपूत, इस भूमि के सपूत वीर सावरकर का अपमान कर रहे हैं। वो इसके लिए माफी मांगने को तैयार नहीं, लेकिन अदालत में लड़ने के लिए तैयार हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
Maharashtra : लंदन से मुंबई पहुंचा छत्रपति शिवाजी महाराज का 'वाघ नख', लोगों में उत्साह, सतारा के संग्रहालय में रखा जाएगा हथियार
अटल सरकार ने भेजा था सावरकर को भारत रत्न देने का प्रस्ताव
विनायक दामोदर सावरकर कभी भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनसंघ के सदस्य नहीं रहे। फिर भी वीर सावरकर का नाम आरएसएस परिवार में बड़े सम्मान से लिया जाता है। वर्ष 2000 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन के पास दामोदर सावरकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने के लिए प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया था।
पीएम मोदी ने किया था शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण
4 दिसंबर 2023 को नौसेना दिवस समारोह के दौरान पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस प्रतिमा को लगाने का उद्देश्य शिवाजी महाराज की विरासत और मराठा नौसेना के आधुनिक भारतीय नौसेना के साथ ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करना था।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक