सांसद तो सासंद, अब दिल्ली में आप के 16 MLA पर भी खतरा
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने AAP छोड़कर BJP में जाने का ऐलान किया। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कुल 7 सांसद हैं। AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। अब दिल्ली में भी 15 AAP विधायक BJP के संपर्क में बताए जा रहे हैं। 16 MLA के जाने पर दिल्ली विधानसभा में भी AAP का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
AAP का अब तक का सबसे बड़ा सियासी संकट
शुक्रवार का दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए बेहद भारी रहा। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वह ऐलान कर दिया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय कर रहे हैं। यह AAP के 2012 में गठन के बाद से अब तक का सबसे बड़ा सियासी झटका है।
राघव चड्ढा ने अपनी बात साफ शब्दों में रखी। उन्होंने कहा, "हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को बीजेपी में विलय कर लेंगे।" प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप कुमार पाठक और अशोक कुमार मित्तल भी मौजूद थे।
राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी को अपने 15 साल दिए। लेकिन AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है।
कौन-कौन छोड़ रहा है AAP?
राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद थे। इनमें से जो सांसद BJP में जा रहे हैं, उनके नाम हैं, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप कुमार पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल। BJP के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि असल में यह संख्या 8 तक पहुंच सकती है। एक और सांसद का विलय पत्र पर हस्ताक्षर अभी बाकी है।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि AAP के सांसद बलवीर सिंह सीचेवाल ने अपने एक्स (X) हैंडल के बायो से "आम आदमी पार्टी" का नाम हटा लिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर उनका बयान अभी नहीं आया है।
AAP में तीन सांसद बचे
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में AAP के तीन सांसद ही बचे हैं। ये हैं, संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और बलवीर सिंह सीचेवाल। पार्टी की राज्यसभा में मौजूदगी लगभग खत्म हो गई है। दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों के जाने की वजह से दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) भी इन पर लागू नहीं होगा। यानी उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।
दिल्ली में 16 MLA खतरे में
राज्यसभा के बाद अब खतरा दिल्ली विधानसभा पर मंडरा रहा है। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में AAP के अभी 22 विधायक हैं। BJP में विलय के लिए कम से कम 15 विधायकों का साथ होना जरूरी है, ताकि दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा हो। पार्टी के विधानसभा दल में विलय के लिए 16 विधायकों की जरूरत होगी।
दिल्ली BJP के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली में 15 AAP विधायक पहले से ही BJP के संपर्क में हैं। उसी सूत्र ने यह भी कहा कि इनमें से सात विधायक तो राघव चड्ढा के करीबी हैं। बाकी काम संदीप कुमार पाठक पूरा कर सकते हैं।
यानी अगर एक और विधायक को राजी कर लिया गया, तो अरविंद केजरीवाल के हाथ से दिल्ली विधानसभा में पार्टी का अस्तित्व भी जा सकता है।
संदीप पाठक का जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान
संदीप कुमार पाठक को AAP के संगठन की रीढ़ माना जाता था। वे पार्टी के जमीनी नेटवर्क को संभालते थे। बताया जा रहा है कि उनके पास पार्टी से जुड़ा काफी अहम डेटा भी है। उनके जाने से पार्टी को संगठन स्तर पर बड़ा झटका लगेगा।
पंजाब में AAP की बड़ी मुश्किल
जो सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं, उनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। यानी पंजाब में पार्टी की संसदीय ताकत लगभग शून्य हो गई। इससे पार्टी को आर्थिक और संगठनात्मक दोनों तरह का नुकसान होगा। पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। इतने बड़े टूट के बाद पंजाब की राजनीति में AAP की राह बेहद मुश्किल हो जाएगी।
केजरीवाल के सामने बड़ी चुनौती
अरविंद केजरीवाल के लिए अभी सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली है। उन्हें अपने बचे हुए विधायकों को बनाए रखना होगा। राज्यसभा में पार्टी का सफाया हो चुका है। अब अगर दिल्ली विधानसभा में भी टूट हो गई, तो पार्टी का राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा नुकसान होगा।
यह बात भी गौर करने वाली है कि एक साथ 7-8 सांसदों के जाने से पार्टी की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा। पार्टी को मिलने वाला चुनावी फंड और संसदीय संसाधन काफी कम हो जाएंगे।
राघव चड्ढा ने दो-तिहाई सांसदों के साथ छोड़ा आप
शुक्रवार की घटना से पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद थे। अभी इनमें से जिनके पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने की बात सामने आ रही है, वे हैं-
- राघव चड्ढा
- अशोक मित्तल
- संदीप कुमार मित्तल
- हरभजन सिंह
- राजिंदर गुप्ता
- विक्रम साहनी
- स्वाति मालीवाल
- बलवीर सिंह सीचेवाल के बायो में 'आप'नहीं
इनके बाद आम आदमी पार्टी में जो तीन राज्यसभा सांसद रह गए हैं, वे हैं- संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और बलवीर सिंह सीचेवाल। चौंकाने वाली बात है कि बीजेपी सूत्र एक आप सांसद के हस्ताक्षर बाकी रहने की बात कर रहे हैं और बलवीर सिंह सीचेवाल ने अपने एक्स हैंडल के बायो से आम आदमी पार्टी का नाम हटा लिया है।
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