राहुल गांधी मानहानि केस में बरी, सुल्तानपुर कोर्ट ने भाजपा नेता को फटकारा, जानें क्या था पूरा मामला

Sandeep Kumar | Oct 26, 2026, 16:23 IST
राहुल गांधी को मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट से मिली राहत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया है। दरअसल ये पूरा मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई पुरानी टिप्पणी से जुड़ा था। इस मामले पर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने साल 2018 में शिकायत दर्ज कराई थी।

अदालत ने बिना ठोस आधार वाले मुकदमों पर नाराजगी जताते हुए राहुल को बरी कर दिया है।



2018 के बयान पर क्यों हुआ केस?

यह मामला 8 मई 2018 का है। उस दिन राहुल गांधी ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। विजय मिश्रा ने इस बयान को अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक बताया था। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। यह मामला आठ साल तक सुल्तानपुर की अदालत में चला।



सुल्तानपुर कोर्ट में कैसे आया फैसला?

राहुल गांधी सुबह 11.12 बजे सुनवाई के लिए अदालत पहुंचे। वे 11.16 बजे कोर्ट रूम में दाखिल हुए। इसके बाद सुबह 11.35 बजे बाहर आए। मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) शुभम वर्मा ने की। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने दलीलें रखीं। अधिवक्ता काशी शुक्ला भी उनकी पैरवी में शामिल थे। शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की ओर से संतोष कुमार पांडे ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने राहुल गांधी को बरी कर दिया।



कोर्ट ने किन तीन आधारों पर किया बरी?

फैसले के बाद राहुल गांधी को बरी करने के तीन आधार बताए गए। पहला आधार उनकी ओर से पेश बयान की सीडी थी। अदालत ने इसे सबूत माना। दूसरा आधार शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की कानूनी स्थिति से जुड़ा था। अदालत ने उन्हें इस मामले में प्रभावित व्यक्ति नहीं माना। तीसरा आधार मानहानि के आरोपों से संबंधित था। अदालत ने मिश्रा के आरोपों को मानहानि की श्रेणी में नहीं माना। राहुल गांधी के बयान से शिकायतकर्ता का सीधा संबंध भी नहीं पाया गया।



जज ने भाजपा नेता से क्या कहा?

फैसला सुनाते समय जज ने विजय मिश्रा को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि झूठी वाहवाही के लिए ऐसे मुकदमे नहीं करने चाहिए। ऐसे मामलों से अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है। मुकदमा दर्ज कराने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोर्ट के बाहर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने ढोल की धुन पर डांस किया और आतिशबाजी की। राहुल गांधी के समर्थन में नारे भी लगाए गए।



कौन हैं शिकायतकर्ता विजय मिश्रा?

विजय मिश्रा सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र स्थित हनुमानगंज के निवासी हैं। शिकायत दर्ज कराते समय वे सुल्तानपुर कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन थे।



वे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका मुख्य कारोबार खेती और प्रॉपर्टी से जुड़ा है।



राहुल गांधी पर अब भी पांच केस

सुल्तानपुर कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी के बाकी मामले खत्म नहीं हुए हैं। उनके खिलाफ मानहानि के कम से कम पांच अन्य केस दर्ज हैं। इनमें मोदी सरनेम और आरएसएस से जुड़ी टिप्पणियों के मामले शामिल हैं। सावरकर पर टिप्पणी से संबंधित मामला भी इसी सूची में है।



मोदी सरनेम मामले में क्या हुआ?

मोदी सरनेम विवाद की शुरुआत 2019 की चुनावी रैली से हुई थी। राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में सरनेम को लेकर टिप्पणी की थी। गुजरात की एक अदालत ने 2023 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई। उस समय वे वायनाड से लोकसभा सांसद थे। सजा के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। इसके बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी। इसके चलते राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल हो गई।



काफिले के हादसे की SIT जांच

सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले के वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। हादसे की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर टीम गठित हुई है।



SIT में कौन से अफसर शामिल हैं?

लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। सुल्तानपुर के एएसपी बृज नारायण सिंह भी टीम में शामिल हैं। यातायात डीएसपी राम कृष्ण चतुर्वेदी को भी सदस्य बनाया गया है। टीम हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाएगी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में संभावित चूक की भी जांच होगी। भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द पुलिस मुख्यालय को सौंपी जाएगी।



FAQ:

  1. राहुल गांधी को किस मामले में बरी किया गया?
    सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में बरी किया। यह मुकदमा भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में दर्ज कराया था।
  2. राहुल गांधी पर कितने मानहानि केस बाकी हैं?
    राहुल गांधी पर मानहानि के कम से कम पांच अन्य केस दर्ज हैं। इनमें मोदी सरनेम और आरएसएस से जुड़ी टिप्पणियों के मामले शामिल हैं। सावरकर पर टिप्पणी का मामला भी इस सूची में शामिल है।
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