Rahul Gandhi detained: आकाशवाणी भवन के बाहर हंगामा, राहुल-प्रियंका समेत कई विपक्षी सांसद हिरासत में
संसद से चुनाव आयोग तक निकाला था मार्च
विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च शुरू किया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे थे।
मार्च में कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। प्रदर्शनकारी कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को हटाने की मांग कर रहे थे।
आकाशवाणी भवन के पास रोका गया मार्च
विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें आकाशवाणी भवन (Akashvani Bhawan Protest) के सामने आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान भी हुई।
कुछ नेता और कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करते नजर आए। पुलिस ने कई सांसदों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग बसों में बैठाया।
राहुल गांधी ने बैरिकेड पार किया
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) हाथ में तिरंगा लिए पुलिस बैरिकेड पार करते दिखाई दिए। इसके बाद वे प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और चरणजीत सिंह चन्नी समेत दूसरे नेताओं के साथ आकाशवाणी परिसर में बैठ गए।
नेताओं की मांग थी कि उन्हें चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलने दिया जाए। उनका आरोप था कि निर्वाचित सांसदों को चुनाव आयोग (election Commission) से मिलने का मौका नहीं दिया जा रहा है।
राहुल बोले- चुनाव आयुक्तों से मिलकर रहेंगे
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 300 सांसद आयोग से मुलाकात की मांग कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि सांसद देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनसे मुलाकात न करना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जरूरत होगी, विपक्षी नेता धरने पर बैठे रहेंगे।
रात करीब 8 बजे हिरासत में लिए गए
धरना कई घंटे चलने के बाद पुलिस ने रात करीब 8 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं को बस में बैठाकर ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने आकाशवाणी परिसर खाली करा लिया। इससे पहले भी दिनभर में कई विपक्षी सांसदों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
अखिलेश से अभिषेक बनर्जी तक कई नेता प्रदर्शन में
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के कई बड़े नेता शामिल हुए। अलग-अलग समय पर कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्ष का आरोप था कि चुनाव आयोग कथित मतदाता सूची गड़बड़ियों और वोट चोरी से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे रहा है। चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए ये आरोप विपक्षी दलों के दावे हैं।
खरगे ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को अपने वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चिंता हो रही है। खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी सांसद इसलिए धरने पर बैठे थे क्योंकि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा था।
कार्ति चिदंबरम ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इन प्रक्रियाओं को लेकर मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
SIR भी बना प्रदर्शन का बड़ा मुद्दा
विपक्ष लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहा है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने इसी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को मुख्य मुद्दा बनाया।
विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग उनके सवालों का जवाब दे और सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करे। मंगलवार का प्रदर्शन इसी मांग को लेकर संसद से शुरू हुआ और कई घंटे बाद नेताओं की हिरासत के साथ खत्म हुआ।