भारत को जापान से तोहफे में मिलेगी Bullet train, 3 घंटे में पूरा होगा 508 किलोमीटर का सफर

Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 17, 2025, 12:16 IST
Bullet train
जापान भारत को दोस्ती के तोहफे के रूप में अब E5 और E3 सीरीज शिंकानसेन ट्रेनें देगा। ये दोनों बुलेट ट्रेन 2026 की शुरुआत तक भारत में आ सकती हैं।

भारत के महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को अब जापान की तरफ से तोहफे में दो ट्रेन मिलने वाली हैं। जापान से मुफ्त में मिली इन दोनों शिंकानसेन ट्रेन सेट — E5 और E3 सीरीज का उपयोग मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निरीक्षण के लिए किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 2026 की शुरुआत तक ये दोनों ट्रेन भारत पहुंच जाएंगी। अगस्त, 2027 में कॉरिडोर का कुछ हिस्सा शुरू किया जा सकता है।



इन ट्रेनों के मिलने के बाद भारतीय इंजीनियरों को इनकी तकनीक समझने में सहायता मिलेगी और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा। भारत से पहले जापान ताइवान को भी शिंकानसेन ट्रेन दे चुका है। इस प्रोजेक्ट के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी प्रोजेक्ट का 80% तक लोन देगी। इस पर 50 साल में मात्र 0.1% की दर से ब्याज लिया जाएगा।



E3 ट्रेन

E3 ट्रेन को मिनी शिंकानसेन भी कहा जाता है। यह ट्रेन 1997 में बनी थी। 253 किलोमीटर लंबाई वाली इस ट्रेन में 6 या 7 कोच होते हैं। इनमें 350 यात्री तक बैठ सकते हैं।



E5 ट्रेन

जापान में इस ट्रेन का इस्तेमाल 2011 से किया जा रहा है। इसकी स्पीड 320 किमी/घंटा है। एयरोडायनामिक डिजाइन पर बनी इस ट्रेन का सेफ्टी सिस्टम बहुत मजबूत है। 10 कोच वाली इस ट्रेन में 700 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता है।



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धूल, तापमान का डेटा तैयार होगा

इन ट्रेनों में विशेष इंस्पेक्शन इक्विपमेंट लगाया जाएगा जो भारत की जलवायु, धूल, तापमान और ट्रैक की स्थिति का डेटा इकट्ठा करेगा। इस डेटा का उपयोग कर जापान अपनी अगली पीढ़ी की E10 (Alfa-X) सीरीज तैयार करेगा, जिसकी स्पीड 400 किमी/घंटा तक हो सकती है। E10 को भारत और जापान एक साथ ट्रैक पर उतार सकते हैं।



प्रोजेक्ट की खास बातें

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