रेलवे का नया नियम: 27 अक्टूबर से काउंटर टिकट पर लागू होगा बीमा नियम, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यात्रियों को राहत, यहां जानें डिटेल

Kaushiki | Oct 25, 2026, 14:55 IST
27 अक्टूबर से बदल रहा है रेल टिकट का नियम
रेलवे 27 अक्टूबर से काउंटर टिकट पर बीमा सुविधा देगा। यह ट्रेन टिकट नया नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लागू हो रहा है। अब तक सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग में रेल यात्री बीमा का विकल्प मिलता था। ऑनलाइन में 10 लाख रुपए बीमा कवर के लिए प्रीमियम 45 पैसे है।

काउंटर के प्रीमियम और क्लेम की व्यवस्था अभी साफ नहीं है। रेलवे बोर्ड पर अमल की सीधी जिम्मेदारी रहेगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आया है। अब तक यह सुविधा सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को मिलती थी। काउंटर की कतार में खड़े यात्री इससे बाहर थे।



27 अक्टूबर से नया नियम क्या है?

27 अक्टूबर से नया नियम लागू हो जाएगा। इसके तहत स्टेशन काउंटर से टिकट बुक कराने पर भी बीमा का लाभ मिलेगा। यह ट्रेन टिकट नया नियम यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। हर रोज करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। इस railway rule change से वे यात्री भी जुड़ेंगे, जो काउंटर पर निर्भर हैं। उन्हें अब ऑनलाइन जैसी सुरक्षा का विकल्प मिलेगा।



अब तक किसे मिलता था यात्रा बीमा?

बता दें कि, अब तक ऑनलाइन बुकिंग में train ticket insurance का विकल्प मिलता था। यह विकल्प आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप पर था। आईआरसीटीसी यानी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम। यात्री टिकट बुक करते समय इसे चुन सकते थे। यानी IRCTC travel insurance सिर्फ डिजिटल यात्रियों के लिए था। काउंटर से सीधे टिकट लेने वाले इस विकल्प से दूर रहे।



सुप्रीम कोर्ट रेलवे बीमा आदेश

बीते 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रेलवे को निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि हर railway counter ticket पर बीमा कवर लागू हो। यह आदेश रेलवे सुरक्षा को ध्यान में रखकर आया है। Supreme Court railway मामले में कोर्ट की मंशा साफ है। ऑफलाइन और ऑनलाइन टिकट के बीच कोई फर्क नहीं रहना चाहिए।



ट्रेन टिकट इंश्योरेंस अपडेट

रेल यात्री बीमा में कितना कवर मिलेगा

रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से बुक सभी टिकटों पर बीमा कवर लागू होना है। एक ही स्टेशन पर दो यात्री टिकट लेते हैं। एक ऑनलाइन, दूसरा काउंटर से। अब तक सिर्फ पहले को बीमा मिलता था।



ऑनलाइन की मौजूदा वैकल्पिक योजना में 10 लाख रुपए बीमा कवर मिल सकता है। यह कवर मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में मिलता है। पॉलिसी की शर्तें इसमें लागू रहती हैं। यह योजना वैकल्पिक है, यानी यात्री अपनी मर्जी से इसे चुनते हैं।



इसका प्रीमियम टैक्स समेत सिर्फ 45 पैसे प्रति यात्री है। यानी 45 पैसे में बीमा, जो एक रुपए से भी कम है। आम यात्री के लिए यह रकम न के बराबर है। कवर 10 लाख रुपए का, प्रीमियम एक रुपए से भी कम।



Train Travel Insurance Guide

काउंटर पर प्रीमियम और क्लेम का क्या?

काउंटर से बुक टिकटों पर लागू प्रीमियम अभी स्पष्ट नहीं है। जरूरी दस्तावेज और क्लेम की प्रक्रिया भी पूरी तरह साफ नहीं है। ये बातें रेलवे की ओर से बताई जानी बाकी हैं। तब तक यात्रियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।



ओडिशा रेल हादसा और सुरक्षा

यह भारतीय रेल नियम बदलाव जून 2023 की ओडिशा रेल दुर्घटना से जुड़ा है। ओडिशा रेल हादसा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे सुरक्षा पर निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब काउंटर टिकट पर बीमा का फैसला हुआ। लेकिन असली सवाल अब भी बाकी है। क्या रेलवे समय पर इसे जमीन पर उतार पाएगा?



ऑफलाइन यात्रियों के लिए क्यों जरूरी

कई यात्री स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर ही निर्भर रहते हैं। उनके लिए यह बदलाव खास तौर पर अहम है। कोर्ट का उद्देश्य ऑफलाइन बुकिंग को ऑनलाइन के बराबर लाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग न करने वाले यात्री बीमा सुरक्षा से वंचित न रहें। यही इस निर्देश की असली भावना है। कोर्ट ने नया नियम लागू करने के साथ रेलवे को चेतावनी भी दी है। निर्देश लागू करने में कोताही हुई, तो रेलवे बोर्ड सीधे जिम्मेदार होगा। यानी अमल की जिम्मेदारी अब सीधे ऊपर तक तय है।



रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस से जुड़े कुछ सवाल-जवाब

सवाल- यात्री को किस स्थिति में कितना इंश्योरेंस कवर मिलता है?

इन हादसों पर मिलेगा क्लेम:



ट्रेन का पटरी से उतरना, दो ट्रेनों की आपस में टक्कर, आतंकी हमला या किसी अन्य अप्रिय घटना में यात्री की मौत होने, स्थायी विकलांगता (अंग खोने) या गंभीर रूप से घायल होने पर इंश्योरेंस का पैसा मिलता है।



इन स्थितियों में नहीं मिलेगा पैसा:



यदि कोई यात्री खुदकुशी की कोशिश करता है, खुद को जानबूझकर नुकसान पहुंचाता है या मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण हादसे का शिकार होता है, तो उसे कोई क्लेम या मुआवजा नहीं मिलेगा।



कितनी मिलेगी रकम:



नुकसान की स्थिति के आधार पर राशि तय होती है-



  • मौत या पूरी तरह विकलांगता पर: अधिकतम ₹10 लाख रुपए।
  • आंशिक विकलांगता पर: ₹7.5 लाख रुपए तक।
  • घायल होने पर इलाज का खर्च: ₹2 लाख रुपए तक।

सवाल- क्या ट्रैवल इंश्योरेंस सभी श्रेणी के यात्रियों के लिए होता है?

जवाब- हां, यह इंश्योरेंस फर्स्ट AC, सेकेंड AC, थर्ड AC, स्लीपर और चेयर कार जैसी सभी श्रेणियों के कंफर्म और RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट धारकों को मिलता है।



  • काउंटर टिकट: फिलहाल काउंटर टिकट पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन जल्द ही इसे लागू करने का फैसला लिया गया है।
  • बच्चों का टिकट: हाफ टिकट (बच्चों के टिकट) पर यह ऑप्शनल इंश्योरेंस पॉलिसी लागू नहीं होती। इसका लाभ सिर्फ फुल किराया टिकट पर ही लिया जा सकता है।

सवाल- रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस के लिए क्लेम करने की प्रक्रिया क्या है?

जवाब- ट्रेन दुर्घटना के 4 महीने के भीतर इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।



कौन कर सकता है क्लेम?

दुर्घटना में घायल व्यक्ति स्वयं, उसका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी क्लेम का दावा कर सकता है।



प्रक्रिया:



इसके लिए संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के नजदीकी कार्यालय में आवेदन (Application) के साथ जरूरी दस्तावेज (जैसे मेडिकल सर्टिफिकेट, एफआईआर कॉपी, टिकट कॉपी, पहचान पत्र आदि) जमा करने होते हैं।



सवाल- क्या अनरिजर्व्ड (जनरल टिकट) यात्रियों को भी यह ट्रैवल इंश्योरेंस मिलता है?

जवाब- नहीं, यह इंश्योरेंस सुविधा अभी सिर्फ रिजर्वेशन (आरक्षित) टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए ही है। यदि कोई अनरिजर्व्ड या बिना रिजर्वेशन वाला यात्री हादसे का शिकार होता है, तो वह इंश्योरेंस क्लेम का नहीं, बल्कि सरकार द्वारा घोषित एक्स-ग्रेशिया (मुआवजे) का हकदार होता है।



सवाल- रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस योजना कब शुरू हुई और इसका प्रीमियम कितना है?

जवाब-



शुरुआत: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए इस ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस की शुरुआत सितंबर 2016 में की थी।



प्रीमियम में बदलाव:



  • शुरुआत में इसका प्रीमियम 92 पैसे प्रति यात्री था, जिसे सरकार खुद भरती थी।
  • अगस्त 2018 में इसे घटाकर 42 पैसे किया गया, और बाद में 35 पैसे कर दिया गया।
  • वर्तमान स्थिति: हालिया बदलावों के बाद अब इसका प्रीमियम 45 पैसे प्रति यात्री (टैक्स सहित) है, जिसका भुगतान टिकट बुकिंग के समय खुद यात्री को चुनना और देना होता है।

यह खबर क्यों जरूरी है

करोड़ों यात्री हर रोज ट्रेन से सफर करते हैं। इनमें वे लोग भी हैं, जो ऑनलाइन बुकिंग नहीं करते। अब तक उन्हें बीमा सुरक्षा का विकल्प नहीं मिलता था। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश इसी फर्क को खत्म करने की कोशिश है। यह सवाल यात्रियों की सुरक्षा और बराबरी, दोनों से जुड़ा है। डिजिटल पहुंच का न होना किसी की सुरक्षा में रुकावट नहीं बनना चाहिए। साथ ही यह देखना होगा कि निर्देश जमीन पर कब और कैसे उतरता है।



FAQs:



  1. नया रेलवे यात्रा बीमा नियम कब से लागू होगा?
    नया रेलवे यात्रा बीमा नियम 27 अक्टूबर 2023 से लागू होगा, जिसके तहत स्टेशन काउंटर से टिकट बुक कराने पर भी बीमा का लाभ मिलेगा।
  2. ऑनलाइन और काउंटर टिकटों पर यात्रा बीमा के बीच क्या अंतर है?
    अब तक यात्रा बीमा केवल ऑनलाइन बुकिंग पर उपलब्ध था, जबकि काउंटर से बुकिंग करने वालों के लिए ये विकल्प उपलब्ध नहीं था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद काउंटर टिकटों पर भी बीमा कवर लागू होगा।
  3. यात्रा बीमा के लिए क्लेम करने की प्रक्रिया क्या है?
    ट्रेन दुर्घटना के चार महीने के भीतर क्लेम की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के नजदीकी कार्यालय में आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं, जैसे मेडिकल सर्टिफिकेट, एफआईआर कॉपी, टिकट कॉपी आदि।
Tags:
  • रेलवे काउंटर टिकट बीमा
  • ट्रेन टिकट नया नियम
  • सुप्रीम कोर्ट रेलवे बीमा
  • 10 लाख रुपए बीमा कवर
  • रेलवे रिजर्वेशन काउंटर
  • भारतीय रेल नियम बदलाव
  • ओडिशा रेल हादसा
  • railway rule change
  • IRCTC travel insurance
  • Supreme Court