रेलवे कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना, 10 साल की नौकरी पर मिलेगी पक्की पेंशन
रेल मंत्रालय ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS – Unified Pension Scheme) के नियम जारी किए। ये नियम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS – National Pension System) वाले रेलवे कर्मचारियों पर लागू हैं।
10 साल की सेवा पूरी होने पर कम से कम 10 हजार रुपए पेंशन मिलेगी। 25 साल की सेवा पूरी करने पर कर्मचारी को पूरी पेंशन मिल सकती है। 20 साल की सेवा पर वीआरएस (VRS – Voluntary Retirement Scheme) लेने की भी छूट है।
किन पर लागू होंगे नियम
रेलवे बोर्ड ने ये नियम 16 सितंबर को अधिसूचित किए। ये गैजेट में छपने की तारीख से लागू हो गए हैं। नियम उन कर्मचारियों पर लागू हैं जो 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त हुए। इनमें से जो UPS चुनेंगे, उन्हीं पर ये नियम लागू होंगे।
1 अप्रैल 2025 को जो कर्मचारी NPS में थे, उन्हें तीन महीने में आवेदन करना था। सरकार चाहे तो यह समय सीमा बढ़ा सकती है। 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद जॉइन करने वाले कर्मचारी जॉइनिंग पर विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए 30 दिन में आवेदन देना होगा।
तय समय में विकल्प नहीं चुना तो कर्मचारी NPS में ही रहेगा।
कितनी मिलेगी पेंशन
यूपीएस में 10 साल की सेवा पर न्यूनतम पेंशन तय की गई है। यह रकम कम से कम 10 हजार रुपए है। 25 साल की सेवा पूरी होने पर पूरी पेंशन का प्रावधान है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यह रकम औसत बेसिक पे का 50 प्रतिशत होगी। यह औसत रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों का लिया जाएगा। मान लीजिए औसत बेसिक पे 40 हजार रुपए है। तब पेंशन 20 हजार रुपए बनेगी। यह सिर्फ समझाने के लिए उदाहरण है।
10 से 25 साल के बीच पेंशन कैसे तय होगी, यह विस्तृत अधिसूचना से साफ होगा। कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन का प्रावधान राहत की बात हो सकती है।
योगदान कैसे होगा तय
UPS में कर्मचारी और सरकार दोनों पैसा जमा करते हैं। कर्मचारी अपनी मासिक सैलरी का 10 प्रतिशत जमा करेगा। सरकार भी हर महीने सैलरी का 10 प्रतिशत कर्मचारी के निजी खाते में डालेगी।
गणना में बेसिक पे और मंजूर महंगाई भत्ता (DA – Dearness Allowance) जुड़ेगा। मेडिकल अफसर के मामले में नॉन-प्रैक्टिसिंग भत्ता भी गिना जाएगा। सरकार समय समय पर यह प्रतिशत बदल भी सकती है। यह रकम कर्मचारी के निजी खाते में जमा होती रहेगी।
वेतन बांटने वाले अधिकारी को हर महीने 20 तारीख तक बिल भेजना होगा। 25 तारीख तक ट्रांसफर आईडी बनानी होगी। महीने के आखिरी कार्यदिवस तक रकम ट्रस्टी बैंक में पहुंचनी चाहिए।
20 साल पर वीआरएस का रास्ता
रेलवे कर्मचारी 20 साल की नियमित सेवा के बाद वीआरएस ले सकते हैं। इसके लिए नियुक्ति अधिकारी को तीन महीने पहले लिखित नोटिस देना होगा।
25 साल पूरे होने से पहले वीआरएस लेने पर आनुपातिक गारंटी पेआउट मिलेगा। 25 साल की योग्य सेवा के बाद वीआरएस लेने पर पूरा पेआउट मिलेगा। हालांकि वीआरएस लेते ही पेंशन तुरंत शुरू नहीं होगी।
इस्तीफा देने पर आमतौर पर गारंटी वाला पेआउट खत्म हो जाता है। ऐसे में कर्मचारी के निजी खाते की रकम एकमुश्त दी जाएगी।
NPS में लौटने का मौका
UPS चुनने वाले कर्मचारी को एक बार NPS में लौटने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा हर हाल में नहीं मिलेगी।
रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों में स्विच नहीं हो सकेगा। वीआरएस की तय तारीख से तीन महीने पहले भी रोक रहेगी। विभागीय या न्यायिक कार्रवाई लंबित हो तो भी यह विकल्प नहीं मिलेगा। नौकरी से हटाए गए कर्मचारी भी इसके हकदार नहीं होंगे।
स्विच करने पर UPS के गारंटी वाले फायदे खत्म हो जाएंगे। बदले में UPS के समय के लिए चार प्रतिशत अतिरिक्त सरकारी योगदान मिलेगा। आगे सरकार अगले महीने से 14 प्रतिशत योगदान देगी।
UPS की शुरुआत कैसे हुई
केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में UPS को मंजूरी दी थी। यह फैसला कैबिनेट की बैठक में हुआ था। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की थी।
इससे पहले वित्त सचिव टी वी सोमनाथन की अध्यक्षता में समिति बनी थी। समिति को NPS के ढांचे में बदलाव सुझाने का काम मिला था। अब रेलवे ने अपने कर्मचारियों के लिए इसके नियम तय किए हैं।
कर्मचारियों के लिए जरूरी बातें
सबसे पहले आवेदन की समय सीमा जांच लें। समय सीमा चूकने पर कर्मचारी NPS में ही माना जाएगा। विकल्प चुनने से पहले विभाग की लेखा शाखा से जानकारी लें।
एक बार चुना गया विकल्प अंतिम माना जाता है। इसलिए फैसला सोच समझकर करें। वीआरएस या इस्तीफे की योजना हो तो शर्तें पहले पढ़ लें। इनसे पेंशन की रकम और शुरुआत की तारीख पर असर पड़ सकता है। सभी जानकारी रेलवे बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना से मिलाकर देखें।
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