चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को फिर जेल, पत्नी पर भी लगा जुर्माना
समझें क्या है पूरा मामला
- राजपाल यादव को चेक बाउंस के सात मामलों में सजा हुई है।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा है।
- उन्हें तीन महीने की साधारण जेल भुगतनी होगी।
- कुल 7.35 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
- उनकी पत्नी राधा यादव पर भी अलग से जुर्माना लगा है।
फिल्म के लिए लिया था करोड़ों का कर्ज
यह मामला साल 2010 से जुड़ा है। राजपाल यादव ने उस साल अपनी पहली निर्देशित फिल्म बनाई थी। फिल्म का नाम अता पता लापता था। इस फिल्म के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से कर्ज लिया था। यह कर्ज करीब 5 करोड़ रुपए का था। लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इससे राजपाल यादव तय समय पर कर्ज नहीं चुका सके। ब्याज जुड़ने के बाद यह रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपए हो गई थी।
चेक बाउंस होने पर पहुंचा मामला कोर्ट
कर्ज चुकाने के लिए राजपाल यादव ने कंपनी को कुछ चेक दिए थे। लेकिन बैंक में जमा करने पर ये चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी की। कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी करार दिया। उन्हें छह महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को सही माना। राजपाल यादव ने इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की थी।
समझौते की कोशिश रही नाकाम
जून 2024 में हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह रोक एक शर्त के साथ लगाई गई थी। शर्त थी कि वे शिकायतकर्ता के साथ ईमानदारी से समझौते की कोशिश करेंगे। मामला हाईकोर्ट के मध्यस्थता केंद्र भी भेजा गया था। कोर्ट के मुताबिक राजपाल यादव ने किस्तों में करीब ढाई करोड़ रुपए देने का भरोसा दिया था। शिकायतकर्ता कंपनी भी करीब 6 करोड़ रुपए में मामला निपटाने को तैयार थी। कोर्ट ने भी करीब 3 करोड़ रुपए के चरणबद्ध भुगतान का सुझाव दिया था। लेकिन राजपाल यादव इस सुझाव पर सहमत नहीं हुए। कई मौके मिलने के बावजूद वे तय रकम जमा नहीं कर पाए।
फरवरी में करना पड़ा सरेंडर
बार-बार वादा टूटने से अदालत का धैर्य जवाब दे गया। फरवरी 2026 में कोर्ट ने उन्हें सख्त निर्देश दिया। निर्देश था कि वे 4 फरवरी को आत्मसमर्पण करें। इसके बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। उस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने उनकी मदद की। सोनू सूद सहित कई सितारे उनके साथ खड़े हुए थे। बाद में शिकायतकर्ता के खाते में डेढ़ करोड़ रुपए जमा कराए गए। इसके बाद उन्हें जेल से जमानत मिल गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला
अब शुक्रवार को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया। कोर्ट ने सभी सातों मामलों में तीन तीन महीने की सजा बरकरार रखी। कोर्ट ने साफ किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसलिए राजपाल यादव को कुल तीन महीने ही जेल में बिताने होंगे। कोर्ट ने कहा कि उन्हें अपना वादा पूरा करने के कई मौके दिए गए थे। लेकिन वे हर बार अपनी बात से मुकर गए। अदालत ने यह भी कहा कि कानून सबके लिए एक समान है। किसी की पहचान या पेशे के आधार पर कानून में छूट नहीं दी जा सकती।
7.35 करोड़ रुपए का जुर्माना, पत्नी पर भी असर
कोर्ट ने हर मामले में 1.05 करोड़ रुपए का जुर्माना तय किया। सात मामलों को मिलाकर यह रकम कुल 7.35 करोड़ रुपए बनती है। इस जुर्माने में से 1 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपए शिकायतकर्ता कंपनी को मिलेंगे। बाकी 25 हजार रुपए राज्य सरकार के खाते में जमा होंगे। कोर्ट ने राहत भी दी है। अभिनेता द्वारा पहले चुकाई गई करीब दो करोड़ रुपए की रकम इस जुर्माने में समायोजित होगी। इसके अलावा राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव पर भी अलग जुर्माना लगाया गया है। उन्हें हर मामले में शिकायतकर्ता को 5 लाख 51 हजार 380 रुपए देने होंगे। कोर्ट ने अभिनेता को ऊपरी अदालत में अपील के लिए दो महीने का समय भी दिया है।
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